Close Menu
Newsofindia TvNewsofindia Tv

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    BRICS में पाकिस्तान की एंट्री पर सबसे बड़ा पेंच! चीन-रूस के सहारे आवेदन, लेकिन भारत की ‘हां’ के बिना अधूरा सपना

    September 11, 2026

    दिल्ली में 10 लाख का विवाद बना हत्या की वजह? प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारकर आरोपी ने थाने में किया सरेंडर

    September 11, 2026

    मोदी ने पुतिन को लगाया गले, फिर थमाई तिरुवल्लुवर की ‘तिरुक्कुरल’; भारत मंडपम की इस मुलाकात में क्या है बड़ा संदेश?

    September 11, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»देश»सोशल मीडिया पर बच्चों के शोषण वाले कंटेंट से सुप्रीम कोर्ट चिंतित, केंद्र से पूछा—क्यों नहीं बनेगा एक्शन का सीधा सिस्टम?
    देश

    सोशल मीडिया पर बच्चों के शोषण वाले कंटेंट से सुप्रीम कोर्ट चिंतित, केंद्र से पूछा—क्यों नहीं बनेगा एक्शन का सीधा सिस्टम?

    Chandra JyotiBy Chandra JyotiAugust 18, 2026No Comments4 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    नई दिल्ली। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट की कथित मौजूदगी और ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग में सामने आ रही कमियों पर अदालत ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने विशेष रूप से यह जानना चाहा है कि क्या ऐसा केंद्रीकृत ऑनलाइन सिस्टम बनाया जा सकता है, जिसके माध्यम से सोशल मीडिया कंपनियां बच्चों से जुड़े शोषण के मामलों की जानकारी सीधे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचा सकें और डिजिटल सबूत भी साझा कर सकें।

    यह मामला बच्चों के अधिकारों और इंटरनेट प्लेटफॉर्म की जवाबदेही से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सामने आया। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. चंद्रन की पीठ ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस’ और ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की रिपोर्टिंग व्यवस्था पर सवाल

    याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि कई इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों के यौन शोषण से संबंधित मामलों में पॉक्सो (POCSO) कानून के तहत निर्धारित अनिवार्य रिपोर्टिंग नियमों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ प्लेटफॉर्म पर भुगतान वाले ऐसे विज्ञापन मौजूद हैं, जो बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देने की स्थिति पैदा कर सकते हैं।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कानून मंत्रालय से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।

    भारत में ही हो सीधे रिपोर्टिंग की व्यवस्था?

    सुनवाई के दौरान केंद्रीकृत ऑनलाइन रिपोर्टिंग सिस्टम बनाने का सुझाव भी सामने आया। इसका उद्देश्य यह हो सकता है कि सोशल मीडिया कंपनियां बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेज सकें। इसके साथ ही संबंधित डिजिटल सबूत और अन्य आवश्यक जानकारी साझा करने की व्यवस्था भी विकसित की जा सके।

    याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में कई प्लेटफॉर्म ऐसे मामलों की रिपोर्ट अमेरिका स्थित National Center for Missing & Exploited Children (NCMEC) को करते हैं। उनका तर्क है कि पॉक्सो कानून के तहत आवश्यक परिस्थितियों में भारतीय विशेष किशोर पुलिस इकाई या स्थानीय पुलिस को भी सीधे सूचना मिलनी चाहिए।

    सभी प्लेटफॉर्म के लिए समान SOP की मांग

    याचिका में इंटरनेट मीडिया कंपनियों के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP लागू करने की मांग की गई है। इसमें संदिग्ध कंटेंट की पहचान, संबंधित मामले की रिपोर्टिंग, डिजिटल सबूत को सुरक्षित रखना और आवश्यक होने पर आईपी विवरण साझा करने जैसी प्रक्रियाओं को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।

    याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म की अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण जांच एजेंसियों के सामने चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। ऐसे में एक समान और स्पष्ट व्यवस्था बच्चों से जुड़े मामलों की जांच को अधिक प्रभावी बना सकती है।

    सोशल मीडिया कंपनियां भी बनेंगी मामले का हिस्सा

    सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को इंटरनेट मीडिया कंपनियों को मामले में पक्षकार बनाने की अनुमति भी दी है। इससे आने वाली सुनवाई में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारियों और उनके द्वारा अपनाई जा रही रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं पर सीधे चर्चा होने की संभावना है।

    Safe Harbour को लेकर सुप्रीम कोर्ट की पुरानी चेतावनी

    सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अपने 2024 के रुख की भी याद दिलाई। अदालत पहले स्पष्ट कर चुकी है कि यदि कोई मध्यस्थ पॉक्सो कानून के तहत लागू अनिवार्य रिपोर्टिंग दायित्वों का पालन नहीं करता है, तो सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मिलने वाली ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा पर सवाल उठ सकता है।

    सेफ हार्बर का सामान्य अर्थ यह है कि कुछ परिस्थितियों में इंटरनेट मध्यस्थों को उनके प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं द्वारा डाली गई सामग्री के लिए कानूनी सुरक्षा मिल सकती है, बशर्ते वे कानून के तहत निर्धारित आवश्यक सावधानियों और दायित्वों का पालन करें।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री को हटाए या रिपोर्ट किए बिना अपने पास बनाए रखना भी गंभीर कानूनी परिणाम पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में सामग्री को रखने की परिस्थितियों और मंशा को पॉक्सो कानून के प्रावधानों के तहत देखा जा सकता है।

    24 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख तय की है। अब केंद्र सरकार को केंद्रीकृत ऑनलाइन रिपोर्टिंग सिस्टम, डिजिटल सबूत साझा करने की व्यवस्था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की रिपोर्टिंग संबंधी जिम्मेदारियों पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा।

    मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों को ऑनलाइन शोषण से बचाने और ऐसे अपराधों की समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तंत्र की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है।

    Child Protection POCSO Act Safe Harbour Social Media इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ऑनलाइन रिपोर्टिंग सिस्टम कानून मंत्रालय डिजिटल सबूत बाल यौन शोषण बाल संरक्षण सुप्रीम कोर्ट सोशल मीडिया
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    Chandra Jyoti
    Chandra Jyoti
    • Website

    Related Posts

    BRICS में पाकिस्तान की एंट्री पर सबसे बड़ा पेंच! चीन-रूस के सहारे आवेदन, लेकिन भारत की ‘हां’ के बिना अधूरा सपना

    September 11, 2026

    दिल्ली में 10 लाख का विवाद बना हत्या की वजह? प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारकर आरोपी ने थाने में किया सरेंडर

    September 11, 2026

    मोदी ने पुतिन को लगाया गले, फिर थमाई तिरुवल्लुवर की ‘तिरुक्कुरल’; भारत मंडपम की इस मुलाकात में क्या है बड़ा संदेश?

    September 11, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisements
    • News of India Tv
    • Newsofindia TV
    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    आज का मौसम
    Widget weather
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    राशिफल
    Top Posts

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,567 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views

    होर्मुज में बढ़ा तनाव! भारतीय तेल टैंकर लौटाया गया, अमेरिका के हमले के बाद IDF हाई अलर्ट पर

    July 9, 2026513 Views
    About Us

    Newsofindia TV

    News of India TV is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    BRICS में पाकिस्तान की एंट्री पर सबसे बड़ा पेंच! चीन-रूस के सहारे आवेदन, लेकिन भारत की ‘हां’ के बिना अधूरा सपना

    By Chandra JyotiSeptember 11, 2026

    नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित हो…

    Also Read

    BRICS में पाकिस्तान की एंट्री पर सबसे बड़ा पेंच! चीन-रूस के सहारे आवेदन, लेकिन भारत की ‘हां’ के बिना अधूरा सपना

    September 11, 2026

    दिल्ली में 10 लाख का विवाद बना हत्या की वजह? प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारकर आरोपी ने थाने में किया सरेंडर

    September 11, 2026

    मोदी ने पुतिन को लगाया गले, फिर थमाई तिरुवल्लुवर की ‘तिरुक्कुरल’; भारत मंडपम की इस मुलाकात में क्या है बड़ा संदेश?

    September 11, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.