डिग्री कॉलेज बना रणभूमि! छात्रों और पुलिस में जबरदस्त भिड़ंत, पथराव-लाठीचार्ज से दहला नगरनौसा

बिहार: के नालंदा जिले में नगरनौसा डिग्री कॉलेज के संचालन स्थल को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब हिंसक झड़प में बदल गया है। गुरुवार को कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में संचालित करने की मांग को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों, स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया और पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

प्रदर्शन के दौरान भड़का विवाद

जानकारी के अनुसार, भारत की छात्र फेडरेशन की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी के आह्वान पर नगरनौसा में सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। प्रशासन को पहले से आशंका थी कि प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगड़ सकता है, इसलिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पुलिस ने कुछ प्रमुख प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लेने की कोशिश की, तब प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो जल्द ही पथराव में बदल गई।

पथराव और लाठीचार्ज से मची अफरा-तफरी

स्थिति बेकाबू होते देख प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।

घटनास्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव साफ दिखाई दे रहा है।

सात लोगों को हिरासत में लिया गया

हंगामे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

प्रशासन का दावा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आखिर क्या है पूरा विवाद?

नगरनौसा डिग्री कॉलेज के संचालन स्थल को लेकर क्षेत्र में दो अलग-अलग मत सामने आए हैं।

एक पक्ष चाहता है कि कॉलेज का संचालन प्रखंड मुख्यालय में हो ताकि अधिक से अधिक छात्रों को पढ़ाई और आवागमन की सुविधा मिल सके।

वहीं दूसरा पक्ष कॉलेज को लोदीपुर में ही संचालित किए जाने के पक्ष में है। स्थानीय लोगों और छात्रों का तर्क है कि लोदीपुर स्थित मगध विद्यापीठ उच्च विद्यालय के पास पहले से 4 एकड़ 63 डिसमिल भूमि उपलब्ध है। इसके अलावा कॉलेज संचालन के लिए लगभग 20 पक्के कमरे भी मौजूद हैं।

उनका कहना है कि जब आवश्यक आधारभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं तो कॉलेज को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की जरूरत नहीं है।

लंबे समय से जारी है आंदोलन

नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की मांग वर्षों से उठती रही है। हाल ही में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने यहां प्राचार्य के रूप में पदभार ग्रहण किया था।

इसके बाद कॉलेज की कक्षाएं लोदीपुर परिसर से शुरू की गईं। इसी फैसले के विरोध में 20 मई को पहली बार सड़क जाम किया गया था।

इसके अगले दिन यानी 21 मई से प्रखंड कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ। 30 मई को भी बस स्टैंड के पास सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया था।

गुरुवार की घटना को इसी लंबे आंदोलन की सबसे गंभीर कड़ी माना जा रहा है।

सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात

हिंसक झड़प के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। नगरनौसा और आसपास के क्षेत्रों में आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस तथा अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

पुलिस का क्या कहना है?

हिलसा डीएसपी शैलजा ने बताया कि स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नगरनौसा डिग्री कॉलेज के संचालन स्थल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर टकराव का रूप ले चुका है। छात्रों और स्थानीय लोगों की मांगों के बीच प्रशासन को संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन कॉलेज के स्थान को लेकर जारी असहमति का स्थायी समाधान निकाले बिना विवाद पूरी तरह खत्म होता नहीं दिख रहा।

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