एफिल टॉवर पर भी चलता है भारत का UPI! पेरिस में मोदी का बड़ा बयान, बोले- फ्रांस भारत और यूरोप के बीच मजबूत पुल

प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित प्रतिष्ठित विवाटेक (VivaTech) समिट में भारत की डिजिटल उपलब्धियों का दमदार प्रदर्शन किया। दुनिया भर के टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों, निवेशकों और स्टार्टअप उद्यमियों के बीच मोदी ने भारत की डिजिटल क्रांति को नई वैश्विक पहचान मिलने की बात कही।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत केवल दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल नहीं है, बल्कि डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि फ्रांस भारत और यूरोप के बीच तकनीकी सहयोग का एक मजबूत पुल बनकर उभर रहा है।

एफिल टॉवर से लेकर पेरिस एयरपोर्ट तक पहुंचा UPI

अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की सफलता का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के लगभग आधे रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहे हैं।

मोदी ने गर्व के साथ कहा कि अब फ्रांस में भी भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI का उपयोग किया जा सकता है। चाहे एफिल टॉवर हो या पेरिस एयरपोर्ट, भारतीय पर्यटक और उपभोक्ता UPI के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं।

उन्होंने इसे भारत की डिजिटल क्षमता और वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक बताया।

डिजिटल इंडिया बना दुनिया के लिए मॉडल

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में जो बदलाव देखने को मिला है, उसकी सबसे बड़ी वजह टेक्नोलॉजी है।

उन्होंने बताया कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पहचान तंत्र विकसित किया है। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, टेलीमेडिसिन, कृषि और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।

मोदी ने डिजिलॉकर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल डॉक्यूमेंट वॉलेट्स में से एक बन चुका है।

भारत-यूरोप साझेदारी का नया अध्याय

प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2026 को भारत और यूरोप के संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप दिया गया है।

उनके अनुसार यह समझौता दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

उन्होंने कहा कि “भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर” की शुरुआत भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दोनों देशों के स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को और मजबूत बनाएगा।

क्या है विवाटेक समिट?

विवाटेक यूरोप का सबसे बड़ा तकनीकी सम्मेलन माना जाता है। यहां दुनिया भर के स्टार्टअप, टेक कंपनियां, निवेशक और नवाचार विशेषज्ञ एक मंच पर आते हैं।

इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स, ग्रीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और भविष्य की उभरती तकनीकों पर चर्चा होती है।

इस बार सम्मेलन में भारत का विशेष “इंडिया पैवेलियन” भी स्थापित किया गया, जहां भारतीय स्टार्टअप्स और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया गया।

G7 समिट के बाद पहुंचे पेरिस

प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने कई वैश्विक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लिया।

G7 सम्मेलन के बाद देर रात वे पेरिस पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका जोरदार स्वागत किया।

यह दौरा उनके छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे का अंतिम चरण था।

वैश्विक मंच पर बढ़ती भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत केवल उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि नवाचार और तकनीकी समाधान प्रदान करने वाला देश बन चुका है।

उन्होंने वैश्विक निवेशकों को भारत में निवेश करने और भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ने का निमंत्रण भी दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि विवाटेक जैसे मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी देश को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में और मजबूत बनाएगी।

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