रेप केस का फरार कथावाचक कहां छिपा है? अयोध्या SOG की गोंडा में दबिश, 15 हजार के इनामी पवन देव महाराज की तलाश तेज

उत्तर प्रदेश: के गोंडा जिले में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई जब अयोध्या स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने बलात्कार के मामले में फरार चल रहे कथावाचक पवन देव महाराज की तलाश में छापेमारी की। पवन देव महाराज पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है और मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह लगातार फरार बताए जा रहे हैं।

आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। लंबे समय से फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस को सूचना मिली थी कि वह गोंडा जिले के मनकापुर क्षेत्र में कहीं छिपा हो सकता है। इसी सूचना के आधार पर एसओजी ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की।

बैरीपुर रामनाथ गांव में दी गई दबिश

जानकारी के अनुसार, अयोध्या एसओजी की टीम मनकापुर कोतवाली पुलिस के साथ बैरीपुर रामनाथ गांव पहुंची। यहां पुलिस ने गांव निवासी इंद्र कुमार तिवारी उर्फ रामायण के घर पर छापा मारा।

इंद्र कुमार तिवारी स्वयं को आचार्य रामायण शांडिल्य बताते हैं और कथित तौर पर सोशल मीडिया पर पवन देव महाराज के समर्थन में पोस्ट भी कर चुके हैं। पुलिस को शक था कि फरार आरोपी उनके घर या आसपास के क्षेत्र में छिपा हो सकता है।

हालांकि, कई घंटों तक चली तलाशी के बावजूद पुलिस को वहां कोई सफलता नहीं मिली। न तो पवन देव महाराज घर में मिले और न ही इंद्र कुमार तिवारी मौजूद पाए गए।

पुलिस ने खंगाली कॉल डिटेल

छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर की तलाशी लेने के साथ-साथ कई अहम जानकारियां भी जुटाईं। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब इंद्र कुमार तिवारी की कॉल डिटेल और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या फरार आरोपी और उसके समर्थकों के बीच हाल के दिनों में कोई संपर्क हुआ था या नहीं।

जांच एजेंसियों का मानना है कि तकनीकी साक्ष्यों के जरिए आरोपी तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

क्या है पूरा मामला?

पवन देव महाराज के खिलाफ एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कथावाचक ने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में वादा पूरा नहीं किया।

मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कई बार पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन हर बार आरोपी गिरफ्तारी से बचने में सफल रहा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है, जिससे उसकी तलाश में दिक्कतें आ रही हैं।

इनामी घोषित होने के बाद बढ़ी तलाश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से विभिन्न जिलों में उसकी तलाश तेज कर दी गई है।

पुलिस को उम्मीद है कि इनामी घोषणा के बाद जनता से भी महत्वपूर्ण सूचनाएं मिल सकती हैं, जो आरोपी तक पहुंचने में मददगार साबित होंगी।

मनकापुर पुलिस ने दिया पूरा सहयोग

मनकापुर कोतवाल गौरव सिंह तोमर ने बताया कि अयोध्या एसओजी को सूचना मिली थी कि आरोपी उनके थाना क्षेत्र में मौजूद हो सकता है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस ने पूरी कार्रवाई में एसओजी टीम का सहयोग किया और आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराईं। हालांकि छापेमारी के दौरान आरोपी हाथ नहीं लगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश अभी भी जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सोशल मीडिया कनेक्शन भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसियां अब आरोपी के सोशल मीडिया नेटवर्क और समर्थकों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं। पुलिस का मानना है कि फरार आरोपी को कुछ लोगों का सहयोग मिल सकता है।

इसी वजह से उन लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है जो खुलकर आरोपी के समर्थन में बयान या पोस्ट करते रहे हैं।

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