नोएडा: एक हत्या का राज छिपाने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर शव को नहर में फेंक दिया और फिर शहर छोड़कर चला गया। उसे लगा कि वारदात के सारे सबूत पीछे छूट चुके हैं, लेकिन करीब 27 दिन बाद एक फोन कॉल ने पूरी कहानी बदल दी।
मामला नोएडा के सेक्टर-66 मामूरा का है, जहां 27 जुलाई को एक महिला की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, हत्या का आरोप महिला के साथ रह रहे सुभाष चंद्र पर है। वारदात के बाद शव को दादरी की कोट नहर में फेंक दिया गया था। बाद में यह शव मथुरा में बरामद हुआ।
पुलिस के मुताबिक, हत्या का खुलासा आरोपी की पत्नी की शिकायत और उसे की गई कथित धमकी के बाद हुआ।
पत्नी को फोन करना पड़ा भारी
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद सुभाष ने शराब के नशे में अपनी पत्नी को फोन किया। उसने पहले पत्नी से कहा कि उसे उसकी याद आ रही है और वह वापस आकर उसके साथ रहे।
इसके बाद कथित तौर पर उसने पत्नी पर तलाक का मामला वापस लेने का दबाव बनाया। पुलिस के मुताबिक, बात नहीं मानने पर उसने धमकी दी कि अगर वह साथ नहीं रहेगी तो उसके साथ भी वही किया जाएगा जो दूसरी महिला के साथ हुआ।
इसी धमकी से पत्नी को गंभीर आशंका हुई। वह 20 अगस्त को फेज-3 थाने पहुंची और अपनी शिकायत में पति से खतरे की बात बताई। उसने दूसरी महिला की हत्या की आशंका भी जताई।
यही शिकायत पुलिस के लिए जांच की एक अहम कड़ी बन गई।
27 दिन बाद खुला हत्या का राज
पुलिस के मुताबिक, इसी बीच एक महिला का शव 31 जुलाई को मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र में जरारा और रसिकंदरपुर गांव के पास नहर से बरामद हुआ था। शव की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे थे।
दूसरी तरफ नोएडा पुलिस आरोपी की पत्नी की शिकायत के आधार पर जांच कर रही थी। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को सुभाष और नहर में शव ठिकाने लगाने में कथित रूप से मदद करने वाले उसके दो रिश्तेदारों के बारे में जानकारी मिली।
पुलिस ने आरोपी को पकड़कर पूछताछ की, जिसके बाद कथित हत्या की पूरी कहानी सामने आने का दावा किया गया।
शादी के बाद पत्नी से अलग रहने लगा था आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान फिरोजाबाद के एका थाना क्षेत्र के गांव निवासी 32 वर्षीय सुभाष चंद्र के रूप में हुई है।
उसकी पहली पत्नी कांति देवी ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी सुभाष से वर्ष 2013 में हुई थी। आरोप है कि शादी के करीब दो साल बाद सुभाष ने उसे छोड़ दिया और दूसरी महिला के साथ रहने लगा।
महिला की शिकायत के अनुसार, वर्ष 2021 में उसने शादी से संबंधित दस्तावेज तैयार करवाए और एटा की अदालत में तलाक का मामला दायर किया। यह मामला अभी लंबित बताया गया है।
इसी बीच घटना के बाद सुभाष ने अपनी पहली पत्नी से संपर्क किया और उसे वापस साथ रहने तथा तलाक का केस वापस लेने के लिए दबाव डालने लगा।

महिला की हत्या को लेकर क्या सामने आया?
थाना प्रभारी के अनुसार, पूछताछ में सुभाष ने कथित तौर पर बताया कि वह जिस महिला के साथ रह रहा था, उसके किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का उसे शक था।
पुलिस के मुताबिक, इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और आरोपी ने कथित तौर पर महिला का गला दबा दिया। महिला की मौत के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
इसके लिए उसने अपने चचेरे भाई सर्वेंद्र और जीजा के भाई नीरज को कथित तौर पर बुलाया। दोनों भी मामूरा में रह रहे थे।
बाइक पर शव ले जाने की बनाई योजना
पुलिस के अनुसार, सुभाष मामूरा में पिकअप वाहन चलाता था। उसने अपना पिकअप एक मिठाई की दुकान के पास खड़ा कर दिया।
इसके बाद रात में शव को बाइक पर दोनों सहयोगियों की मदद से इस तरह ले जाया गया कि बाहर से देखने वालों को ऐसा लगे कि बीच में बैठी महिला बीमार है।
बाद में शव को पिकअप में रखा गया और तीनों कथित तौर पर दादरी के पास नहर तक पहुंचे। पुलिस का दावा है कि वहां शव को नहर में फेंक दिया गया।
वारदात के बाद सुभाष ने कथित तौर पर अपना किराए का कमरा खाली किया और फिरोजाबाद चला गया।
दो सहयोगी भी गिरफ्तार
पुलिस ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में कथित रूप से मदद करने के आरोप में सुभाष के चचेरे भाई सर्वेंद्र और जीजा के भाई नीरज को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस अब मामले में हत्या के कारण, घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही मथुरा में मिले शव और नोएडा की महिला के बीच पहचान संबंधी प्रक्रिया भी मामले की महत्वपूर्ण कड़ी रही है।
एसीपी-1 सेंट्रल नोएडा दीक्षा सिंह के मुताबिक, आरोपी की पत्नी को मिली धमकी और उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके बाद आरोपी को पकड़कर मामले का खुलासा किया गया।
एक फोन कॉल ने बदल दी पूरी कहानी
इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी आरोपी द्वारा अपनी पत्नी को की गई कथित धमकी भरी फोन कॉल बनी। हत्या के बाद आरोपी ने पत्नी से संपर्क कर उसे वापस साथ रहने और तलाक का केस वापस लेने के लिए कहा। इसके बाद धमकी मिलने पर पत्नी पुलिस तक पहुंची और अपनी आशंका जाहिर की।
अगर पत्नी उस समय थाने नहीं पहुंचती तो मामले की जांच किस दिशा में जाती, यह कहना मुश्किल है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद 27 दिन पुरानी हत्या का राज सामने आया है।

