गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनही पट्टी गांव में शौचालय की टंकी की सेंट्रिंग खोलने के दौरान चार कामगारों की दम घुटने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टंकी के भीतर जहरीली गैस जमा थी और ऑक्सीजन की कमी के कारण मजदूर एक-एक कर बेहोश होकर गिरते चले गए।
हादसे के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। चार लोगों की मौत से परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं, उन्हें बचाने के लिए टंकी में उतरा एक स्थानीय युवक भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
करीब 15 दिन से बंद थी टंकी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सवनही पट्टी गांव निवासी गयासुद्दीन के मकान में करीब 15 दिन पहले शौचालय की टंकी की ढलाई का काम पूरा हुआ था। इसके बाद टंकी बंद थी। शनिवार दोपहर टंकी के भीतर लगी लकड़ी और प्लाई की सेंट्रिंग को हटाने का काम शुरू किया गया।
इसी दौरान कामगार टंकी के अंदर उतरने लगे। बताया जा रहा है कि लंबे समय से बंद रहने के कारण टंकी के भीतर जहरीली गैस जमा हो गई थी। इसके साथ ही अंदर ऑक्सीजन का स्तर भी कम था।
पहला मजदूर उतरा और बिगड़ गई हालत
हादसे की शुरुआत उस समय हुई जब एक मजदूर सेंट्रिंग हटाने के लिए टंकी के अंदर गया। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी। वह छटपटाने लगा और बेहोश होकर गिर पड़ा।
उसे मुश्किल में देखकर दूसरे कामगार उसे बचाने के लिए टंकी के अंदर उतर गए। लेकिन उन्हें शायद अंदाजा नहीं था कि अंदर का वातावरण कितना खतरनाक हो चुका है।
एक के बाद एक मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आते गए और टंकी के भीतर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

एक-एक कर चार जिंदगियां खत्म
हादसे में चार कामगारों की जान चली गई। मृतकों की पहचान सवनही पट्टी गांव निवासी रमाशंकर बैठा के पुत्र बंटी बैठा, मकान मालिक गयासुद्दीन मियां के पुत्र टीपू, सवनही वृत्त गांव निवासी विश्वनाथ यादव के पुत्र उमेश यादव और श्रीपुर थाना क्षेत्र के गिदहा गांव निवासी एक अन्य युवक के रूप में बताई गई है।
चार लोगों के एक साथ टंकी में फंसने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके बाद किसी तरह बचाव अभियान शुरू किया गया।
बचाने गया युवक भी गैस की चपेट में आया
ग्रामीणों के राहत और बचाव प्रयास के दौरान मंजूर खान के पुत्र सिराज खान भी टंकी के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आ गए। उनकी हालत भी गंभीर हो गई।
ग्रामीणों की मदद से सभी लोगों को टंकी से बाहर निकाला गया। इसके बाद चारों कामगारों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फुलवरिया ले जाया गया।
वहां डॉक्टरों ने चारों कामगारों को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल सिराज खान को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने चारों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। खास तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि टंकी के अंदर कामगारों को उतारने से पहले सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं।
बंद टंकियों में छिपा होता है बड़ा खतरा
ऐसी घटनाएं यह भी दिखाती हैं कि लंबे समय से बंद सीवर, सेप्टिक टैंक और शौचालय की टंकियों के अंदर बिना जांच और सुरक्षा उपकरणों के उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसी जगहों पर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैसों का जमाव जानलेवा साबित हो सकता है।
गोपालगंज की इस घटना में भी शुरुआती जानकारी के मुताबिक यही स्थिति सामने आई है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
गांव में पसरा मातम
एक साथ चार लोगों की मौत ने सवनही पट्टी गांव को झकझोर दिया है। जिन परिवारों में कुछ समय पहले तक सामान्य जिंदगी चल रही थी, वहां अचानक मातम छा गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में हर तरफ इसी हादसे की चर्चा है। लोगों के लिए सबसे दर्दनाक बात यह है कि एक व्यक्ति के मुसीबत में फंसने के बाद उसे बचाने की कोशिश में बाकी लोग भी उसी जानलेवा खतरे का शिकार होते चले गए।

