शिलांग। मेघालय की राजनीति में एक बड़े सियासी उलटफेर की अटकलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के कई विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और पार्टी बदलने पर विचार कर सकते हैं। इसी के साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सभी चार विधायकों के भी बीजेपी में जाने की चर्चा है।
अगर ये अटकलें सच साबित होती हैं और UDP के 9 तथा TMC के 4 विधायक बीजेपी में शामिल होते हैं, तो विधानसभा में बीजेपी की ताकत मौजूदा 2 विधायकों से बढ़कर 15 विधायक हो सकती है। हालांकि, फिलहाल यह पूरी तरह संभावित राजनीतिक घटनाक्रम है और संबंधित दलों या विधायकों की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
UDP में अंदरूनी असंतोष की चर्चा
मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के नेतृत्व वाली मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस सरकार में UDP भी सहयोगी है। पिछले कुछ समय से UDP के भीतर असंतोष की चर्चाएं सामने आती रही हैं।
सितंबर 2025 में हुए कैबिनेट फेरबदल के बाद पार्टी के भीतर मतभेद की अटकलें और तेज हुई थीं। पर्यटन मंत्री पॉल लिंगदोह की जगह UDP अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बाद पार्टी के अंदर समीकरण बदलने की बात कही गई।
हालांकि UDP नेताओं ने संभावित टूट या बीजेपी में जाने की खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए फिलहाल इन दावों को राजनीतिक सूत्रों से सामने आई जानकारी के तौर पर ही देखा जा रहा है।

बीजेपी ने बातचीत की बात स्वीकार की
इस पूरे घटनाक्रम में बीजेपी की ओर से सामने आया बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी के एक वरिष्ठ राज्य नेता ने UDP के कुछ विधायकों के साथ बातचीत होने की बात स्वीकार की है।
बताया जा रहा है कि शुरुआती दौर में राज्य बीजेपी नेतृत्व ने कुछ विधायकों से संपर्क किया था। बाद में बातचीत केंद्रीय स्तर तक पहुंचने की चर्चा है।
करीब दो सप्ताह पहले शिक्षा मंत्री लाहकमेन रिम्बुई के नेतृत्व में UDP के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी हुई थी।
इस बैठक में पूर्वोत्तर से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें इनर लाइन परमिट (ILP), निवासी सुरक्षा कानून और खासी-गारो भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने जैसे मुद्दे शामिल बताए गए।
यही मुलाकात अब मेघालय की सियासत में संभावित नए समीकरणों के संदर्भ में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बीजेपी की संख्या 15 हुई तो क्या बदलेगा?
मेघालय विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं। वर्तमान में बीजेपी के पास 2 विधायक हैं। अगर UDP के 9 और TMC के 4 विधायक बीजेपी में शामिल होते हैं, तो पार्टी की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी।
हालांकि किसी भी संभावित दल-बदल में संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दलबदल विरोधी कानून महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विधायकों के सामूहिक विलय की स्थिति में अयोग्यता से जुड़े प्रावधानों का सवाल उठ सकता है।
यही वजह है कि अगर वास्तव में बड़ी संख्या में विधायक पार्टी बदलते हैं, तो उनके कदम का कानूनी और संवैधानिक स्वरूप भी बेहद महत्वपूर्ण होगा।
TMC के संभावित बीजेपी में जाने वाले विधायकों में पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा का नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में है। संगमा लंबे समय से मेघालय की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं।
NPP के सामने क्या होगी चुनौती?
मेघालय में फिलहाल NPP सबसे मजबूत राजनीतिक ताकतों में से एक है और उसके पास 33 विधायक बताए जा रहे हैं। NPP के नेतृत्व में ही मौजूदा सरकार चल रही है।
ऐसे में यदि UDP और TMC के कई विधायक बीजेपी के साथ चले जाते हैं, तो राज्य की राजनीति में शक्ति संतुलन बदल सकता है। बीजेपी की विधानसभा में संख्या बढ़ने से पार्टी सरकार के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर अधिक प्रभावशाली स्थिति में आ सकती है।
हालांकि इससे सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी नए राजनीतिक समीकरण पैदा हो सकते हैं।
2028 के विधानसभा चुनाव पर बीजेपी की नजर
बीजेपी की नजर केवल मौजूदा विधानसभा के समीकरणों पर नहीं, बल्कि 2028 के मेघालय विधानसभा चुनाव पर भी है। पार्टी पहले ही राज्य में अपने नेतृत्व वाली सरकार बनाने की महत्वाकांक्षा जाहिर कर चुकी है।
पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की बीजेपी की रणनीति के लिहाज से मेघालय महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में अगर पार्टी दूसरे दलों के विधायकों को अपने साथ जोड़ने में सफल रहती है, तो 2028 के चुनाव से पहले उसका संगठनात्मक और राजनीतिक आधार मजबूत हो सकता है।
लेकिन यहां एक बड़ी चुनौती भी होगी। UDP से आने वाले विधायकों को ILP, स्थानीय पहचान, निवासी सुरक्षा और भाषा जैसे मुद्दों पर बीजेपी के राष्ट्रीय और स्थानीय रुख के बीच तालमेल बैठाना होगा।
क्या सच में होगा बड़ा सियासी उलटफेर?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या UDP के 9 और TMC के 4 विधायक वास्तव में बीजेपी में शामिल होंगे?
राजनीतिक सूत्रों की चर्चाओं और बीजेपी नेताओं द्वारा बातचीत की पुष्टि ने अटकलों को जरूर हवा दी है, लेकिन जब तक संबंधित विधायक या पार्टियां औपचारिक घोषणा नहीं करतीं, इसे संभावित राजनीतिक घटनाक्रम ही माना जाएगा।
अगर यह संभावित फेरबदल वास्तविकता में बदलता है, तो मेघालय विधानसभा में बीजेपी की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति का पूरा समीकरण बदल सकता है।

