आरा। बिहार के आरा जंक्शन पर रविवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। महानंदा एक्सप्रेस की दो बोगियां अचानक पटरी से उतर गईं। घटना के बाद रेलवे स्टेशन और आसपास के रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 4:10 बजे आरा रेलवे स्टेशन के पश्चिमी गुमटी के पास अप लाइन पर हुई। पटरी से उतरने वाली दोनों बोगियां ट्रेन के इंजन से सटी जनरल कोच बताई जा रही हैं।
महानंदा एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी-कटिहार के रास्ते आरा जंक्शन होकर नई दिल्ली की ओर जा रही थी। इसी दौरान आरा जंक्शन के पास ट्रेन की दो बोगियों के पहिए पटरी से उतर गए।
अचानक पटरी से उतरीं दो बोगियां
हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे के अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया। दुर्घटनास्थल पर पहुंची टीम ने स्थिति का जायजा लिया और पटरी से उतरी बोगियों को सुरक्षित तरीके से वापस ट्रैक पर लाने की प्रक्रिया शुरू की।
घटनास्थल को 593 किलोमीटर 9 ए के आसपास बताया गया है। दानापुर रेल मंडल के कंट्रोल से तकनीकी टीम को भी मौके पर भेजा गया।
रेलवे अधिकारियों के सामने सबसे पहली चुनौती पटरी से उतरे पहियों को दोबारा ट्रैक पर लाना और अप लाइन को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाना था। इसके लिए जैक की मदद से बोगियों के पहियों को पटरी पर चढ़ाने का काम शुरू किया गया।
यात्रियों की जान बची, कोई हताहत नहीं
पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार, हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी के बाद रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
रेलवे की ओर से बताया गया कि तकनीकी प्रक्रिया पूरी करने के बाद महानंदा एक्सप्रेस को सुबह 7:23 बजे उसके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।
सीपीआरओ के मुताबिक, जैक की मदद से पटरी से उतरे पहियों को वापस ट्रैक पर लाने का काम किया गया। अधिकारियों का प्रयास था कि अप लाइन पर रेल परिचालन को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए।

दिल्ली-हावड़ा रेलखंड पर पड़ा असर
आरा जंक्शन पर महानंदा एक्सप्रेस की बोगियां पटरी से उतरने के बाद दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेलखंड पर रेल परिचालन प्रभावित हुआ। यह रेलखंड बेहद महत्वपूर्ण होने के कारण रेलवे प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया।
हादसे के बाद कई विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों ने ट्रैक तथा ट्रेन की स्थिति की जांच की।
ट्रैक को किसी तरह का नुकसान पहुंचा है या नहीं, इसकी भी तकनीकी जांच की गई। रेलवे का मुख्य उद्देश्य था कि दुर्घटना प्रभावित हिस्से को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने के बाद ही नियमित परिचालन बहाल किया जाए।
डीआरएम ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार भी आरा रेलवे स्टेशन पहुंचे। उनके साथ दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारी भी मौजूद रहे।
डीआरएम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली। पटरी से उतरने वाली दोनों बोगियों और रेलवे ट्रैक की तकनीकी स्थिति को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि महानंदा एक्सप्रेस की दोनों बोगियां किस वजह से पटरी से उतरीं। रेलवे की तकनीकी टीम इस बात की जांच कर रही है कि घटना ट्रैक, कोच, पहियों या किसी अन्य तकनीकी कारण से हुई या नहीं।
हादसे की असली वजह अभी सामने नहीं आई
रेल हादसों में दुर्घटना के कारण का पता लगाने के लिए रेलवे की तकनीकी जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी एक कारण को दुर्घटना की वजह मानना जल्दबाजी होगी।
रेलवे अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किए जाने के साथ-साथ ट्रैक और दुर्घटनाग्रस्त कोचों की स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर ट्रेन की दो बोगियां पटरी से उतरने की वजह क्या थी।
बड़ा हादसा टलने से राहत
महानंदा एक्सप्रेस की दो बोगियों के पटरी से उतरने की घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इस घटना में किसी यात्री की जान नहीं गई और ट्रेन को तकनीकी कार्रवाई के बाद आगे रवाना कर दिया गया।
रेलवे प्रशासन अब घटना की तकनीकी जांच के साथ-साथ रेल परिचालन को सुरक्षित और सामान्य बनाए रखने में जुटा है। यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली।

