लाहौर। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के एक बयान ने वहां की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले पंजाब प्रांत को भारत और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में अपने ही पड़ोसी प्रांतों से ज्यादा सुरक्षा चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। मरियम नवाज के इस बयान में खास तौर पर खैबर पख्तूनख्वा का उल्लेख किया गया, जहां से पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों के पहुंचने की बात उन्होंने कही।
लाहौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पंजाब की मुख्यमंत्री ने सुरक्षा स्थिति पर बात करते हुए कहा कि पंजाब में आतंकवाद पड़ोसी सूबों की सीमाओं के रास्ते प्रवेश कर रहा है। उन्होंने पंजाब की करीब 13 करोड़ आबादी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रांत को पड़ोसी देशों की तुलना में पड़ोसी राज्यों से अधिक खतरा है।
‘पड़ोसी सूबों से आता है आतंकवाद’
मरियम नवाज ने खैबर पख्तूनख्वा का संदर्भ देते हुए कहा कि वहां से आतंकवाद पंजाब में आता है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब फिलहाल सुरक्षित है, लेकिन सुरक्षा के सामने जो चुनौतियां हैं, उनमें पड़ोसी प्रांतों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उनके बयान का सबसे चर्चित हिस्सा यही रहा कि उन्होंने भारत और अफगानिस्तान जैसे देशों से मिलने वाले संभावित खतरे की तुलना पाकिस्तान के भीतर मौजूद प्रांतीय सीमाओं से पैदा होने वाली सुरक्षा चुनौती से की। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में आतंकवादी घटनाओं और सुरक्षा बलों पर हमलों को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।

खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान पर क्यों है नजर?
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में आतंकी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय रही हैं। दोनों प्रांतों की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती इलाकों के कारण यहां सुरक्षा चुनौतियां लंबे समय से पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा का बड़ा मुद्दा रही हैं।
खैबर पख्तूनख्वा की सीमा पंजाब से भी जुड़ती है। ऐसे में पंजाब सरकार की ओर से इस क्षेत्र का उल्लेख राजनीतिक और सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, मरियम नवाज के बयान में जिन सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख किया गया, उनके पीछे मौजूद किसी विशेष घटना या संगठन के बारे में विस्तृत जानकारी इस बयान के आधार पर सामने नहीं आई है। इसलिए उनके बयान को पाकिस्तान की मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर एक राजनीतिक-सुरक्षात्मक टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।
विपक्ष ने बताया ‘अपमानजनक’ बयान
मरियम नवाज की टिप्पणी पर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) से जुड़े नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। खैबर पख्तूनख्वा से जुड़े वरिष्ठ नेता असद कैसर ने इस बयान को अपमानजनक बताया है।
विपक्ष का तर्क है कि किसी प्रांत को आतंकवाद के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराने वाला बयान संघीय ढांचे और विभिन्न प्रांतों के बीच संबंधों को प्रभावित कर सकता है। इससे पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक मतभेद और गहरे होने की आशंका भी जताई जा रही है।
पाकिस्तान में बढ़ती सुरक्षा चिंता के बीच बयान अहम
मरियम नवाज का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकवादी संगठनों की गतिविधियां और सुरक्षा बलों पर हमले सरकार के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं।
ऐसे माहौल में पंजाब जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली प्रांत की मुख्यमंत्री का यह कहना कि उन्हें बाहरी देशों की तुलना में पड़ोसी प्रांतों से अधिक खतरा है, कई सवाल खड़े करता है। क्या यह केवल सुरक्षा आकलन है या इसके पीछे पंजाब और अन्य प्रांतों के बीच बढ़ता राजनीतिक तनाव भी है? यही वजह है कि मरियम नवाज के बयान को पाकिस्तान की राजनीति में काफी अहम माना जा रहा है।
बयान से बढ़ सकती है प्रांतीय राजनीति की गर्मी
पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण प्रांत हैं। पंजाब की सत्ता पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) का प्रभाव है, जबकि खैबर पख्तूनख्वा में PTI का राजनीतिक आधार मजबूत है। ऐसे में दोनों पक्षों के नेताओं के बीच सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर बयानबाजी का राजनीतिक असर भी हो सकता है।
मरियम नवाज के बयान के बाद अब निगाह इस बात पर है कि खैबर पख्तूनख्वा की सरकार और वहां के राजनीतिक नेतृत्व की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पाकिस्तान की केंद्र सरकार इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है।

