नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में भारी से व्यापक बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में 11 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का जोखिम भी बढ़ गया है।
सबसे ज्यादा चिंता बिहार को लेकर है, जहां प्रमुख नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में 16 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
उत्तराखंड के 8 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
IMD की ओर से जारी मौसम बुलेटिन में उत्तराखंड के आठ जिलों को अचानक बाढ़ के संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है। इनमें बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और उत्तरकाशी शामिल हैं।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में भी अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर नदियों, नालों और छोटी जलधाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
यूपी और राजस्थान में भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने जैसी मौसमी घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में खुले क्षेत्रों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

बिहार में बाढ़ से 16 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिसके चलते बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में है।
बताया गया है कि 16 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में आवागमन और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा है। लगातार बारिश और नदियों के जलस्तर को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
IMD के मुताबिक बिहार में 7 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन के सामने चुनौती और बढ़ सकती है।
हिमाचल में बादल फटने से जलविद्युत परियोजना को नुकसान
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम ने कहर बरपाया है। शिमला जिले की काशापाट पंचायत के कंडे में शुक्रवार रात बादल फटने के बाद नोगली खड्ड में अचानक बाढ़ आ गई।
इससे सेरीपुल स्थित गंगाधारी जलविद्युत परियोजना को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बाढ़ का पानी अपने साथ बड़ी मात्रा में मलबा लेकर आया, जो परियोजना की संरचनाओं के आसपास जमा हो गया।
राज्य में बारिश और बाढ़ के कारण 85 सड़कें, 51 पेयजल योजनाएं और 29 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित बताए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सीजन की पहली बर्फबारी
बारिश के बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने करवट ली है। शनिवार को कई ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई।
गुमरी-जोजिला मार्ग के ऊंचे पहाड़ों, गुलमर्ग के ऊपरी इलाकों और पीर पंजाल रेंज में बर्फबारी से पहाड़ों का नजारा बदल गया। ताटाकूटी पीक की चोटी और ऊपरी ढलानों पर भी हल्की बर्फबारी दर्ज होने की बात सामने आई है।
मध्य भारत में भी भारी बारिश का अनुमान
IMD के मुताबिक पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 और 7 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 सितंबर तक बारिश का दौर रहने का अनुमान है।
वहीं छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर और विदर्भ में 11 सितंबर को व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्वी भारत में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 11 सितंबर तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है।
आखिर क्यों बिगड़ा मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर अब उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित है। इसके अगले दो दिनों में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
इसके अलावा निचले क्षोभमंडल में दक्षिणी हरियाणा से दक्षिणी असम तक और दक्षिणी गुजरात से उत्तरी बांग्लादेश तक अलग-अलग निम्न दबाव की प्रणालियां सक्रिय हैं। इन मौसम प्रणालियों के कारण देश के कई हिस्सों में नमी और वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
अगले कुछ दिन रहेंगे बेहद अहम
देश के कई हिस्सों में पहले से बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली भारी बारिश प्रभावित क्षेत्रों के लिए चुनौती बढ़ा सकती है। खासकर बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों और पहाड़ी राज्यों में प्रशासन की तैयारियां महत्वपूर्ण होंगी।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

