वॉशिंगटन। जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले में एक सर्वाइवर की आपबीती ने एक बार फिर उसके कथित शोषण और नियंत्रण के तरीकों को चर्चा में ला दिया है। रूस से अमेरिका पहुंचीं जूलिया मोलचानोवा ने एक इंटरव्यू में बताया कि एपस्टीन किस तरह महिलाओं को अपने प्रभाव में रखने की कोशिश करता था। उनके अनुसार, यह नियंत्रण केवल आर्थिक मामलों तक सीमित नहीं था, बल्कि कपड़ों, बालों, वजन, दोस्तों और परिवार से संपर्क जैसे निजी मामलों तक फैला हुआ था।
जूलिया ने बताया कि जब वह करीब 22 साल की थीं और न्यूयॉर्क पहुंची थीं, तब उनकी मुलाकात एपस्टीन से हुई। उस समय उन्हें अंग्रेजी भाषा का बहुत कम ज्ञान था। उनके मुताबिक, एपस्टीन ने सड़क पर उनसे दोस्ताना अंदाज में बातचीत शुरू की और दोनों ने फोन नंबर साझा किए। अगले दिन उसने उन्हें नाश्ते पर बुलाया।
फैशन इंडस्ट्री में मदद का दिया भरोसा
जूलिया के मुताबिक, नाश्ते के दौरान एपस्टीन ने उनकी निजी जिंदगी और रुचियों के बारे में जानकारी ली। जब उसे पता चला कि जूलिया अपने रिश्ते को लेकर परेशान हैं और फैशन व डिजाइनिंग में रुचि रखती हैं, तो कथित तौर पर उसने उनकी मदद करने का प्रस्ताव दिया।
जूलिया का आरोप है कि एपस्टीन ने उन्हें फैशन इंडस्ट्री में आगे बढ़ने और न्यूयॉर्क के फैशन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दाखिला दिलाने में मदद करने की बात कही। इसके बाद वह एपस्टीन के संपर्क में आती गईं और उनके मुताबिक, इसी दौरान उनका कथित शोषण शुरू हुआ।
‘असिस्टेंट’ कहकर छिपाई जाती थी असली स्थिति
जूलिया ने आरोप लगाया कि एपस्टीन अपने घर आने वाले लोगों के सामने महिलाओं को अक्सर अपनी ‘असिस्टेंट’ के तौर पर पेश करता था। उनके अनुसार, इस पहचान के जरिए घर में मौजूद महिलाओं की वास्तविक स्थिति पर पर्दा पड़ा रहता था।
जूलिया के मुताबिक, एपस्टीन का प्रभाव इतना ज्यादा था कि उसके आसपास रहने वाली महिलाओं के लिए उससे अलग होकर सामान्य जीवन में लौटना आसान नहीं था।
खर्च का भी देना पड़ता था पूरा हिसाब
जूलिया ने बताया कि एपस्टीन महिलाओं को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराता था, लेकिन कथित तौर पर हर खर्च का हिसाब मांगता था। उन्हें खरीदारी की रसीदों का रिकॉर्ड रखने के लिए कहा जाता था।
उनके अनुसार, नियंत्रण आर्थिक मामलों तक ही सीमित नहीं था। एपस्टीन कथित तौर पर महिलाओं को यह भी बताता था कि उन्हें किस तरह के कपड़े पहनने चाहिए, बाल कैसे रखने चाहिए और उनका वजन कितना होना चाहिए।
यानी जूलिया के आरोपों के मुताबिक, महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी के कई छोटे-बड़े फैसलों पर भी उसका प्रभाव रहता था।

परिवार और दोस्तों से दूरी बनाने का आरोप
जूलिया ने यह भी दावा किया कि एपस्टीन महिलाओं को उनके परिवार और दोस्तों से दूर रखने की कोशिश करता था। उनके मुताबिक, कुछ महिलाओं को उसके निजी द्वीप पर भी ले जाया जाता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं से एपस्टीन को धन्यवाद देने वाले संदेश भेजने की अपेक्षा की जाती थी। यदि कोई उसकी बात मानने से इनकार करती, तो वह कथित तौर पर गुस्सा करता और चिल्लाता था।
जूलिया का दावा है कि विरोध करने पर महिलाओं को कमरे में लंबे समय तक बंद रखने जैसी सजा भी दी जाती थी।
डॉक्टर से मिलने की अनुमति भी नहीं मिली
जूलिया ने बताया कि उस दौर में वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहती थीं और अक्सर डिप्रेशन जैसी स्थिति महसूस करती थीं। उन्होंने एक समय एपस्टीन से थेरेपिस्ट से मिलने की अनुमति मांगी, लेकिन उनके अनुसार, उसे यह मंजूर नहीं था।
जूलिया ने कहा कि एपस्टीन के राजनीतिक और प्रभावशाली लोगों से संबंध होने की वजह से उन्हें वह बेहद ताकतवर व्यक्ति लगता था। इसी डर के कारण उन्होंने उस समय पुलिस या प्रशासन से मदद लेने की हिम्मत नहीं की।
2019 में क्रेडिट रिकॉर्ड से सामने आया एक और मामला
जूलिया के मुताबिक, वर्ष 2019 की शुरुआत में उन्होंने एक क्रेडिट-मॉनिटरिंग ऐप पर अपने वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। वहां उन्हें अपने नाम पर ऐसे क्रेडिट कार्ड और खरीदारी से जुड़े रिकॉर्ड दिखाई दिए, जिनकी जानकारी होने से उन्होंने इनकार किया।
इसके बाद 4 अप्रैल 2019 को उन्होंने एपस्टीन को संदेश भेजकर अपनी जिंदगी को सामान्य तरीके से आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि उनके नाम पर बनाए गए किसी भी फर्जी दस्तावेज या इस्तेमाल किए गए नाम की उन्हें जानकारी नहीं थी।
जूलिया की यह आपबीती एपस्टीन के कथित नियंत्रण के उन तरीकों पर सवाल उठाती है, जिनमें आर्थिक निर्भरता, सामाजिक अलगाव और निजी जिंदगी में दखल जैसे पहलुओं का आरोप लगाया गया है।
हालांकि, इन घटनाओं से जुड़े व्यक्तिगत आरोपों और दावों को संबंधित सर्वाइवर के बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी भी आरोप का अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित जांच, दस्तावेजी साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

