कानपुर। शहर के कल्याणपुर क्षेत्र के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या ने पुलिस के साथ-साथ पूरी सोसाइटी को भी सकते में डाल दिया है। 63 वर्षीय कारोबारी की फ्लैट के अंदर चाकू से गोदकर हत्या की गई। पुलिस के मुताबिक, उनके शरीर पर 26 से ज्यादा वार किए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी कारोबारी के फ्लैट में उनके पहुंचने से काफी पहले दाखिल हो चुके थे और करीब 75 मिनट तक अंदर छिपकर उनके लौटने का इंतजार करते रहे।
बेटे-बहू के निकलने के 10 मिनट बाद फ्लैट में पहुंचे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आए CCTV फुटेज के मुताबिक शनिवार रात करीब 9:36 बजे विनीत मिनोचा का बेटा सुब्रत अपनी पत्नी शालू और बेटे के साथ फ्लैट से बाहर निकला। इसके लगभग 10 मिनट बाद दो संदिग्ध फ्लैट की ओर जाते दिखाई दिए।
बताया जा रहा है कि दोनों ने फ्लैट के मुख्य दरवाजे के लॉक के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की। वे अंदर पहुंचे और कारोबारी के वापस आने का इंतजार करने लगे। करीब 10:58 बजे विनीत मिनोचा अपनी फर्म से फ्लैट पहुंचे।
इसके लगभग 30 मिनट बाद दोनों संदिग्ध फ्लैट से बाहर निकलते CCTV में नजर आए। इस दौरान कारोबारी की हत्या हो चुकी थी।
चाकू से 26 से ज्यादा वार, घर में अकेले थे कारोबारी
पुलिस के मुताबिक वारदात के समय विनीत मिनोचा फ्लैट में अकेले थे। आरोपियों ने उन पर चाकू से कई वार किए। पुलिस को शुरुआती जांच में शरीर पर 26 से ज्यादा वार के निशान मिले हैं।
सुबह करीब चार बजे जब बेटा-बहू पार्टी से वापस लौटे तो फ्लैट के अंदर कारोबारी को खून से लथपथ पाया गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
पूर्व कर्मचारी निकला संदिग्ध, साथी के साथ गिरफ्तार
CCTV फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्धों की गतिविधियां सामने आईं। इनमें से एक की पहचान हरबंशमोहाल निवासी विशाल गौतम के रूप में हुई, जो कथित तौर पर विनीत मिनोचा की फर्म में पहले काम कर चुका था। दूसरे आरोपी की पहचान राजकिशोर के रूप में बताई गई है।
पुलिस ने दोनों को रविवार देर रात मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर उपचार के लिए भेजा गया।
पूछताछ में बहू के कहने पर हत्या का दावा
मामले में सबसे बड़ा मोड़ उस समय आया जब पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर कारोबारी की बहू के कहने पर हत्या करने की बात कही। आरोपियों के मुताबिक, हत्या के बदले उन्हें लाखों रुपये देने का आश्वासन दिया गया था।
हालांकि, यह फिलहाल आरोपियों का पुलिस के सामने किया गया दावा है। पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
पुलिस बेटे, बहू और परिवार से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।

लिफ्ट से नीचे गया परिवार, सीढ़ियों से ऊपर पहुंचे आरोपी
जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि बेटा-बहू अपने बच्चे के साथ लिफ्ट से नीचे गए थे, जबकि दोनों आरोपी सीढ़ियों के रास्ते पहली मंजिल तक पहुंचे। बताया गया है कि दोनों ने अपार्टमेंट के रजिस्टर में भी एंट्री नहीं की।
यही वजह है कि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को फ्लैट तक पहुंचने की जानकारी कैसे मिली और वे बिना किसी रोक-टोक के अंदर कैसे दाखिल हो गए।
तीसरी चाबी का रहस्य भी जांच के घेरे में
पुलिस के सामने एक अहम सवाल फ्लैट की चाबी को लेकर भी है। बताया गया है कि मुख्य गेट की दो चाबियां थीं। एक चाबी बेटा-बहू के पास रहती थी और दूसरी विनीत मिनोचा के पास।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आरोपी फ्लैट के अंदर कैसे पहुंचे। क्या उनके पास कोई अतिरिक्त चाबी थी? क्या किसी ने उन्हें चाबी उपलब्ध कराई? या फिर परिवार के बाहर जाने के बाद फ्लैट पूरी तरह लॉक नहीं किया गया था? पुलिस इन सभी संभावनाओं की जांच कर रही है।
कारोबारी ने अपने फ्लैट में भी लगवा रखे थे कैमरे
रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद विनीत मिनोचा ने अपने फ्लैट की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त CCTV कैमरे लगवा रखे थे। मुख्य गेट के अलावा डाइनिंग एरिया और किचन तक कैमरे लगाए गए थे।
पुलिस इन कैमरों की रिकॉर्डिंग को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी फ्लैट में किस तरह पहुंचे, वारदात के दौरान क्या हुआ और बाहर निकलने के बाद उनकी गतिविधियां कैसी रहीं।
हत्या के बाद सोसाइटी में भी आक्रोश
पॉश अपार्टमेंट के भीतर इस तरह हत्या की घटना सामने आने के बाद रतन ऑर्बिट के निवासियों में भी नाराजगी है। बताया गया कि घटना के बाद बड़ी संख्या में सोसाइटी के लोग मुख्य गेट के बाहर जुटे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
लोगों का कहना है कि जब अपार्टमेंट में सुरक्षा गार्ड और CCTV की व्यवस्था है, तो बाहरी लोग इतनी आसानी से फ्लैट तक कैसे पहुंचे, यह गंभीर सवाल है।
पुलिस अब CCTV फुटेज, आरोपियों के बयानों, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिवार से पूछताछ के आधार पर पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और कथित साजिश में किसकी भूमिका थी, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक नजर में पूरी वारदात
- 9:36 PM: बेटा, बहू और बच्चा फ्लैट से बाहर निकले।
- 9:46 PM: दो संदिग्ध फ्लैट में दाखिल होते दिखे।
- 10:58 PM: विनीत मिनोचा फर्म से फ्लैट पहुंचे।
- 11:28 PM: दोनों संदिग्ध फ्लैट से बाहर निकले।
- सुबह करीब 4:00 AM: बेटा-बहू घर लौटे और हत्या का पता चला।
- सुबह: पुलिस ने मौके पर पहुंचकर CCTV और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए।
- रविवार देर रात: दोनों संदिग्धों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया

