नई दिल्ली/रांची: अगर आपके पास राशन कार्ड है और पिछले कई महीनों से आपने जन वितरण प्रणाली यानी PDS की दुकान से राशन नहीं उठाया है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। राशन कार्ड से जुड़े लाभार्थियों की सूची को अपडेट करने और निष्क्रिय या अपात्र कार्डों की पहचान करने के लिए अलग-अलग राज्यों में समय-समय पर सत्यापन अभियान चलाए जाते हैं। इसी कड़ी में लगातार कई महीनों से राशन नहीं लेने वाले कार्डधारकों को लेकर कार्रवाई की बात सामने आई है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लगातार 6 महीने तक राशन नहीं उठाने वाले कार्डधारकों को ‘साइलेंट कार्डधारी’ की श्रेणी में रखा जा सकता है। ऐसे कार्डों की समीक्षा के बाद उन्हें अस्थायी रूप से डीएक्टिवेट किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
हालांकि, राशन कार्ड के नियम राज्य के हिसाब से अलग हो सकते हैं। इसलिए लाभार्थियों को अपने राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग या नजदीकी PDS केंद्र से अंतिम स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए।
कौन से राशन कार्डधारी निशाने पर?
‘साइलेंट कार्डधारी’ से सामान्य तौर पर ऐसे लाभार्थियों को समझा जाता है जिनके राशन कार्ड पर लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव दर्ज नहीं हुआ है। लगातार कई महीनों तक राशन नहीं लेने पर विभाग ऐसे कार्डों की जांच कर सकता है कि कार्ड वास्तव में पात्र व्यक्ति इस्तेमाल कर रहा है या नहीं।
सरकार की ओर से ऐसे सत्यापन का उद्देश्य राशन व्यवस्था में मौजूद फर्जी, डुप्लीकेट या निष्क्रिय लाभार्थियों की पहचान करना और खाद्यान्न का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाना बताया जाता है।
यही वजह है कि अगर किसी पात्र परिवार ने किसी कारण से कई महीनों से राशन नहीं लिया है, तो उसे अपने कार्ड की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
21 सितंबर से पहले क्या करना होगा?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिन कार्डधारकों का कार्ड इस प्रक्रिया के दायरे में आ रहा है, उन्हें 21 सितंबर से पहले अपने नजदीकी PDS केंद्र पर जाकर राशन उठाने की सलाह दी जा रही है।
अगर आपका राशन कार्ड सक्रिय है और आप उसके पात्र लाभार्थी हैं, तो निर्धारित समय के भीतर राशन का उठाव करने से आपके कार्ड पर गतिविधि दर्ज होगी। इसके साथ ही अगर आपके कार्ड की e-KYC लंबित है, तो उसे भी जल्द से जल्द पूरा कराना जरूरी हो सकता है।
लाभार्थी को अपने नजदीकी उचित दर की दुकान यानी राशन की दुकान पर जाकर डीलर से कार्ड की स्थिति और e-KYC की जानकारी लेनी चाहिए।
1 अक्टूबर से कार्ड डीएक्टिवेट होने की बात
जानकारी के मुताबिक, लगातार छह महीने से राशन नहीं उठाने वाले चिन्हित कार्डों पर 1 अक्टूबर 2026 से डीएक्टिवेशन की प्रक्रिया लागू किए जाने की बात कही जा रही है।
यहां यह समझना जरूरी है कि डीएक्टिवेशन का मतलब हर स्थिति में राशन कार्ड का स्थायी रूप से रद्द होना नहीं होता। संबंधित विभाग की प्रक्रिया और सत्यापन के आधार पर कार्ड को दोबारा सक्रिय करने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।
इसलिए अगर आपका कार्ड निष्क्रिय लाभार्थियों की सूची में आ रहा है, तो समय रहते संबंधित विभाग से संपर्क करना बेहतर होगा।
e-KYC का भी है अहम रोल
राशन कार्ड व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए e-KYC को महत्वपूर्ण प्रक्रिया बनाया गया है। e-KYC के जरिए लाभार्थी की पहचान और पात्रता से संबंधित रिकॉर्ड को अपडेट किया जाता है।
उपलब्ध जानकारी में यह भी दावा किया गया है कि डीएक्टिवेशन के बाद पात्र लाभार्थियों को e-KYC कराने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा सकता है और सत्यापन सही पाए जाने पर कार्ड को फिर से सक्रिय किया जा सकता है।
बताई गई समयसीमा के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 से 1 जनवरी 2027 तक e-KYC और सत्यापन का मौका मिलने की बात कही गई है। हालांकि, इस समयसीमा और प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आधिकारिक निर्देशों से करना जरूरी है।
कार्डधारक अभी क्या करें?
अगर आपने पिछले कई महीनों से राशन नहीं उठाया है, तो सबसे पहले अपने राशन कार्ड की वर्तमान स्थिति जांचें। इसके बाद नजदीकी PDS दुकान पर जाकर पूछें कि आपके कार्ड पर कोई नोटिस, e-KYC लंबित स्थिति या डीएक्टिवेशन संबंधी कार्रवाई तो नहीं है।
पात्र लाभार्थी को अपनी e-KYC जल्द पूरी कराने, परिवार के सदस्यों की जानकारी सही रखने और राशन कार्ड में दर्ज विवरण को अपडेट रखने पर ध्यान देना चाहिए।
किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक विवरण या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। राशन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया के लिए केवल अधिकृत PDS दुकान या संबंधित सरकारी विभाग की जानकारी पर भरोसा करें।

