मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे और उनके प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब दो संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में से एक ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताया था। जांच के दौरान उसके पास से कथित तौर पर PMO का फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ। वहीं, उसके साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति के पास से बंदूक मिलने की बात कही गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अब मुंबई क्राइम ब्रांच भी पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों संदिग्ध कार्यक्रम स्थल तक क्यों पहुंचना चाहते थे और उनके पास फर्जी पहचान पत्र तथा हथियार होने के पीछे क्या मकसद था।
कार्यक्रम स्थल में दाखिल होने की कोशिश
जानकारी के मुताबिक, यह मामला मुंबई के BKC इलाके में स्थित कार्यक्रम स्थल से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 सितंबर को Global Fintech Fest 2026 के उद्घाटन सत्र में शामिल होने वाले हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, Global Fintech Fest 2026 का आयोजन 8 से 11 सितंबर तक मुंबई के Jio World Centre और Trident BKC में हो रहा है।
पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय रोहन पारेख नामक युवक ने खुद को PMO का वरिष्ठ अधिकारी बताया और कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने की कोशिश की। सुरक्षा जांच के दौरान उसके दावों पर संदेह हुआ। इसके बाद उसके पहचान पत्र की जांच की गई तो वह कथित तौर पर फर्जी पाया गया।
सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के कारण संदिग्ध को आगे जाने से रोक दिया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
साथ मौजूद व्यक्ति के पास मिली बंदूक
मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि संदिग्ध युवक के साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति के पास से बंदूक बरामद होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति उसके बॉडीगार्ड के तौर पर उसके साथ मौजूद था।
एक तरफ जहां फर्जी PMO पहचान पत्र का इस्तेमाल कर कार्यक्रम स्थल में प्रवेश की कोशिश का आरोप है, वहीं दूसरी तरफ हथियार की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि, दोनों संदिग्धों का वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह अभी जांच का विषय है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वे केवल कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करना चाहते थे या इसके पीछे कोई अन्य योजना थी।

7 सितंबर को हिरासत में लिए जाने की बात
पुलिस के अनुसार, दोनों संदिग्धों को 7 सितंबर को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में पहचान पत्र संदिग्ध पाए जाने के बाद दोनों के खिलाफ BKC पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर रही है। उनके मोबाइल फोन, दस्तावेजों और अन्य सामान की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी पहचान पत्र कहां से तैयार कराया गया और आरोपी ने खुद को PMO अधिकारी बताने का फैसला क्यों किया।
क्राइम ब्रांच ने संभाली जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच जांच में जुट गई है। जांच का सबसे अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि दोनों संदिग्धों के बीच क्या संबंध है और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के पीछे उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या दोनों ने इससे पहले किसी अन्य सरकारी या वीआईपी कार्यक्रम में इसी तरह प्रवेश करने की कोशिश की थी।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
Global Fintech Fest में PM मोदी की मौजूदगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Global Fintech Fest 2026 के उद्घाटन सत्र में शामिल हो रहे हैं। यह सम्मेलन 8 से 11 सितंबर तक मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। इस साल सम्मेलन की थीम “Potential to Impact: Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance” है। इसमें Agentic AI, Tokenisation और Quantum जैसी तकनीकों पर विशेष चर्चा हो रही है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रवेश भी सामान्य नहीं है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 8 सितंबर का उद्घाटन सत्र विशेष आमंत्रित मेहमानों तक सीमित है। ऐसे में कार्यक्रम से पहले कथित फर्जी पहचान पत्र के साथ प्रवेश की कोशिश और हथियार बरामद होने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

