नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक एजेंडे में लंबे समय से शामिल समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर अब भाजपा शासित राज्यों में बड़ा कदम उठाने की तैयारी के संकेत मिले हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकेत दिया है कि 2029 से पहले भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर भी भाजपा ने इस बार बड़ा कार्यक्रम तैयार किया है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की योजना है। यानी एक तरफ भाजपा शासित राज्यों में UCC को लेकर आगे बढ़ने की तैयारी दिखाई दे रही है, तो दूसरी तरफ पीएम मोदी के जन्मदिन को व्यापक जनसेवा अभियान से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
2029 से पहले BJP राज्यों में UCC लागू करने की तैयारी?
समान नागरिक संहिता भाजपा के प्रमुख वैचारिक मुद्दों में शामिल रही है। इसका उद्देश्य देश में अलग-अलग समुदायों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और परिवार से जुड़े कुछ मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ना है।
अमित शाह के ताजा संकेत के बाद अब नजर भाजपा शासित राज्यों पर है। संकेत यह है कि 2029 से पहले इन राज्यों में UCC लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि, हर राज्य में इसे लागू करने की प्रक्रिया अलग हो सकती है और इसके लिए संबंधित राज्य सरकारों को कानूनी व प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाने होंगे। इसलिए इसे अभी सभी भाजपा शासित राज्यों में तत्काल लागू होने वाले अंतिम फैसले के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर क्या होगा खास?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को है। इस अवसर पर भाजपा इस बार सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम करने के बजाय करीब एक महीने तक चलने वाले सेवा अभियान की तैयारी कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा।
अभियान को भाजपा के साथ-साथ सहयोगी दलों, स्वयंसेवी संगठनों और आम लोगों की भागीदारी से व्यापक रूप देने की योजना बताई गई है।
इसका मुख्य फोकस सेवा गतिविधियों के जरिए लोगों तक पहुंचना और अलग-अलग क्षेत्रों में जनसंपर्क को मजबूत करना होगा।
पहले ‘सेवा सप्ताह’, अब एक महीने का अभियान
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा पहले भी सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रही है। कई वर्षों तक 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाता रहा है।
लेकिन इस बार अभियान की अवधि बढ़ाकर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक करने की योजना बताई गई है।
इस बदलाव के पीछे प्रधानमंत्री मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन को खास तौर पर सामने रखना एक महत्वपूर्ण वजह मानी जा रही है। इस बार अभियान को केवल जन्मदिन कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक सेवा और जनसंपर्क गतिविधि के तौर पर पेश करने की तैयारी है।

मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने का कनेक्शन
इस साल के अभियान की खास वजह प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक यात्रा से भी जुड़ी है।
अमित शाह के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार जनसेवा के 25 साल पूरे होंगे।
मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाला था। इसके बाद वह 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने और लगातार प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं।
इसी लंबी राजनीतिक यात्रा को इस बार के सेवा संकल्प अभियान के केंद्र में रखने की तैयारी है।
हर राज्य से लेकर बूथ तक पहुंचेगा अभियान?
‘सेवा संकल्प अभियान’ को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करने की योजना है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ स्थानीय स्तर तक कार्यक्रमों को ले जाने की बात कही गई है।
अभियान को जिले, लोकसभा क्षेत्र, विधानसभा क्षेत्र और पोलिंग बूथ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसका मतलब है कि कार्यक्रम केवल राजधानी या बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय पार्टी संगठन के सबसे निचले स्तर तक ले जाने की कोशिश होगी।
भाजपा के लिए यह अभियान सेवा गतिविधियों के साथ-साथ जमीनी संगठन और जनसंपर्क को मजबूत करने का अवसर भी बन सकता है।
सहयोगी दलों और आम लोगों को जोड़ने की तैयारी
इस बार अभियान को केवल भाजपा कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रखने की बात कही गई है।
सहयोगी दलों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की योजना है। इसका उद्देश्य सेवा कार्यों को व्यापक सामाजिक भागीदारी से जोड़ना बताया जा रहा है।
ऐसे अभियानों के जरिए पार्टी संगठन को सक्रिय करने के साथ स्थानीय स्तर पर जनता के साथ संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया जा सकता है।
UCC और सेवा अभियान से क्या संदेश?
एक तरफ UCC का मुद्दा भाजपा के लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा है। दूसरी तरफ सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा की छवि को केंद्र में रखता है।
इस लिहाज से दोनों पहलुओं को भाजपा की आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा सकता है।
हालांकि, UCC को लेकर वास्तविक समयसीमा और प्रत्येक राज्य में लागू करने की प्रक्रिया संबंधित सरकारों के फैसलों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

