Close Menu
Newsofindia TvNewsofindia Tv

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    बैलेट पेपर से चुनाव हुए, फिर भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला? PM मोदी के एक सवाल से गरमाई सियासत

    October 28, 2026

    गुजरात में BJP की ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा से क्यों गरमाई सियासत? भूपेंद्र पटेल, जेपी नड्डा सड़क पर उतरे

    October 28, 2026

    गुजरात में बाल विवाह पर लगेगी लगाम? 2030 तक राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए उतरा ‘मुक्ति रथ’

    October 28, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»देश»बांकेबिहारी मंदिर के चांदी के रथ पर क्यों मचा बवाल? नोटिस के बाद सेवायतों में रोष, अब कानूनी राय से खुलेगा राज
    देश

    बांकेबिहारी मंदिर के चांदी के रथ पर क्यों मचा बवाल? नोटिस के बाद सेवायतों में रोष, अब कानूनी राय से खुलेगा राज

    Chandra JyotiBy Chandra JyotiSeptember 16, 2026No Comments5 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भगवान की सेवा और मंदिर की संपत्तियों से जुड़े अधिकारों को लेकर चली आ रही व्यवस्थाओं के बीच अब करीब आठ साल पुराने चांदी के रथ ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। रथ को लेकर मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति और सेवायत पक्ष की राय अलग-अलग सामने आ रही है।

    मामला तब और गंभीर हो गया जब मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से गठित जांच समिति ने संबंधित सेवायत को नोटिस जारी कर जांच में सहयोग करने और रथ को सुरक्षित रखने को कहा। नोटिस के बाद सेवायतों में नाराजगी बताई जा रही है और सेवायत पक्ष इस मामले में कानूनी राय लेने की तैयारी कर रहा है।

    विवाद का मुख्य सवाल यही है कि जिस चांदी के रथ को वर्षों से ठाकुर बांकेबिहारी की झांकी में इस्तेमाल किया जाता रहा, उसका कानूनी स्वामित्व मंदिर का है या सेवायत के निजी ट्रस्ट का?

    कैसे शुरू हुआ चांदी के रथ का मामला?

    जानकारी के अनुसार, लगभग आठ वर्ष पहले जगन्नाथ रथयात्रा के अवसर पर ठाकुर बांकेबिहारीजी की फूलबंगला झांकी में इस्तेमाल के लिए एक श्रद्धालु ने चांदी का रथ भेंट किया था।

    सेवायत पक्ष का कहना है कि यह रथ उनके यजमान ने सेवायत ब्रजेंद्र गोस्वामी के निजी ट्रस्ट को दान किया था। इसी आधार पर सेवायत इस रथ को अपने ट्रस्ट की संपत्ति मानते हैं।

    दूसरी तरफ मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति इस बात की जांच कर रही है कि श्रद्धालु ने रथ वास्तव में मंदिर के नाम पर दिया था या सेवायत के निजी ट्रस्ट के नाम पर।

    यही दस्तावेजी और कानूनी स्थिति फिलहाल पूरे विवाद का केंद्र बनी हुई है।

    बांकेबिहारी मंदिर के चांदी के रथ पर क्यों मचा बवाल? नोटिस के बाद सेवायतों में रोष, अब कानूनी राय से खुलेगा राज
    बांकेबिहारी मंदिर के चांदी के रथ पर क्यों मचा बवाल? नोटिस के बाद सेवायतों में रोष, अब कानूनी राय से खुलेगा राज

    इस साल क्यों नहीं हुई चांदी के रथ की झांकी?

    बताया गया है कि पिछले वर्षों में जगन्नाथ रथयात्रा के अवसर पर फूलबंगला की विशेष झांकी में चांदी के रथ के साथ ठाकुर बांकेबिहारीजी के दर्शन होते रहे हैं।

    हालांकि इस वर्ष सेवायत ब्रजेंद्र गोस्वामी ने चांदी के रथ की झांकी नहीं सजाई। सेवायत पक्ष के अनुसार, रथ उनके निजी ट्रस्ट की संपत्ति है और इसको लेकर स्वामित्व का सवाल उठाए जाने के बाद उन्होंने झांकी नहीं सजाई।

    इसके बाद मंदिर प्रबंधन समिति ने पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित की।

    नोटिस के बाद बढ़ा विवाद

    जांच समिति की ओर से सेवायत को नोटिस दिए जाने के बाद मामला और चर्चा में आ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को समिति के आदेश पर सीओ वृंदावन और अपर जिला मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस जारी किया गया।

    नोटिस में रथ को सुरक्षित रखने और जांच में सहयोग करने को कहा गया है।

    मंदिर प्रबंधन की जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना बताया जा रहा है कि रथ की वास्तविक स्थिति और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज क्या कहते हैं।

    हालांकि, अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और स्वामित्व को लेकर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

    सेवायत पक्ष क्यों नाराज है?

    सेवायत पक्ष का तर्क है कि मंदिर में ठाकुरजी की सेवा के दौरान गर्भगृह में अर्पित होने वाली भेंट, आभूषण और अन्य सामग्री को लेकर परंपरागत रूप से सेवायतों के अधिकार की व्यवस्था रही है।

    उनका कहना है कि यदि किसी यजमान ने किसी सेवायत को वस्तु व्यक्तिगत रूप से अर्पित की और उसे सेवायत के ट्रस्ट के नाम दान किया, तो मंदिर प्रबंधन समिति उसे स्वतः मंदिर की संपत्ति मानकर जांच कैसे कर सकती है—यह कानूनी सवाल है।

    इसी मुद्दे को लेकर सेवायत अब विशेषज्ञों से कानूनी राय लेने की तैयारी में हैं।

    मंदिर में चढ़ावे और भेंट की व्यवस्था अलग-अलग

    बांकेबिहारी मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, मंदिर की गोलक और कार्यालय में श्रद्धालुओं की ओर से दी जाने वाली नकद राशि तथा आभूषण मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था के तहत जमा होते हैं।

    वहीं गर्भगृह में ठाकुरजी की सेवा के दौरान अर्पित की जाने वाली कुछ भेंट और सामग्री को लेकर सेवायतों की पारंपरिक भूमिका रही है।

    यही अंतर चांदी के रथ के मामले को जटिल बनाता है। सवाल यह है कि रथ किस श्रेणी में आता है और उसे दान किए जाने के समय दानदाता की वास्तविक मंशा क्या थी।

    अब दस्तावेजों से तय होगी आगे की दिशा

    पूरे मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उन दस्तावेजों की हो सकती है जिनके आधार पर रथ दान किया गया था। यदि दान-पत्र, ट्रस्ट से जुड़े रिकॉर्ड या अन्य प्रमाण उपलब्ध हैं तो उनसे स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।

    फिलहाल सेवायत पक्ष नोटिस का जवाब देने से पहले कानूनी राय ले रहा है। वहीं मंदिर प्रबंधन की जांच भी आगे बढ़ रही है।

    ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच समिति के सामने कौन से दस्तावेज पेश होते हैं और दोनों पक्ष अपने अधिकारों के समर्थन में क्या कानूनी आधार रखते हैं।

    विवाद का धार्मिक परंपरा से भी जुड़ा पहलू

    बांकेबिहारी मंदिर में वर्षभर अलग-अलग पर्वों और उत्सवों पर विशेष झांकियां सजाई जाती हैं। इनमें ठाकुरजी के श्रृंगार और फूलबंगला की सजावट का विशेष महत्व माना जाता है।

    चांदी के रथ की झांकी भी इसी परंपरा का हिस्सा रही है। इसलिए रथ के स्वामित्व का विवाद केवल संपत्ति से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि मंदिर की धार्मिक परंपरा और सेवायत व्यवस्था से भी जुड़ गया है।

    चांदी का रथ जगन्नाथ रथयात्रा ठाकुर बांकेबिहारी धार्मिक समाचार बांकेबिहारी मंदिर मथुरा समाचार मंदिर प्रबंधन मंदिर विवाद वृंदावन सेवायत
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    Chandra Jyoti
    Chandra Jyoti
    • Website

    Related Posts

    बैलेट पेपर से चुनाव हुए, फिर भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला? PM मोदी के एक सवाल से गरमाई सियासत

    October 28, 2026

    कौन हैं दिव्या अहिरवार, जिन्होंने जेल से बाहर आने से किया इनकार? केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ आंदोलन से चर्चा में आईं

    October 28, 2026

    ICC रैंकिंग में वैभव सूर्यवंशी की लंबी छलांग! 45वें नंबर पर पहुंचे, अब इन दिग्गजों से कितनी दूर?

    October 28, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisements
    • News of India Tv
    • Newsofindia TV
    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    आज का मौसम
    Widget weather
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    राशिफल
    Top Posts

    राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम 2026: गांवों में किसने जीता सरपंच का चुनाव? 16 जिलों में मतगणना के बाद सामने आने लगे नतीजे

    October 25, 20266,412 Views

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,567 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views
    About Us

    Newsofindia TV

    News of India TV is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    बैलेट पेपर से चुनाव हुए, फिर भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला? PM मोदी के एक सवाल से गरमाई सियासत

    By Rajat KumarOctober 28, 2026

    नई दिल्ली: देश के चार राज्यों में विधान परिषद यानी MLC चुनावों के नतीजों को…

    Also Read

    बैलेट पेपर से चुनाव हुए, फिर भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला? PM मोदी के एक सवाल से गरमाई सियासत

    October 28, 2026

    गुजरात में BJP की ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा से क्यों गरमाई सियासत? भूपेंद्र पटेल, जेपी नड्डा सड़क पर उतरे

    October 28, 2026

    गुजरात में बाल विवाह पर लगेगी लगाम? 2030 तक राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए उतरा ‘मुक्ति रथ’

    October 28, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.