जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर से नाबालिग छात्रा से कथित दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, 15 वर्षीय 9वीं कक्षा की छात्रा की आरोपी युवक से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद युवक कथित तौर पर छात्रा पर मिलने के लिए दबाव बनाने लगा। आरोप है कि 17 सितंबर को स्कूल जाने के दौरान आरोपी ने छात्रा को स्कूल के बाहर मिलने के लिए बुलाया और फिर उसे बाइक पर बैठाकर अपने दोस्त के कमरे पर ले गया।
पुलिस में शिकायत छात्रा की मां की ओर से दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवक ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया और घटना के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
इंस्टाग्राम पर हुई थी आरोपी से दोस्ती
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, नाबालिग छात्रा की आरोपी युवक से पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर हुई थी। दोनों के बीच बातचीत होने लगी और इसी दौरान युवक ने कथित तौर पर छात्रा से मिलने की इच्छा जताई।
परिजनों के मुताबिक, युवक लगातार छात्रा पर मिलने के लिए दबाव बना रहा था। 17 सितंबर की सुबह जब छात्रा स्कूल जा रही थी, तब आरोपी ने कथित तौर पर उससे मिलने के लिए कहा। इसके बाद दोनों की मुलाकात स्कूल के बाहर हुई।
स्कूल के बाहर से बाइक पर ले जाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, स्कूल के बाहर मिलने के बाद आरोपी युवक ने छात्रा को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठाया। आरोप है कि इसके बाद वह नाबालिग को उसके परिचित के कमरे पर ले गया।
परिजनों की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां छात्रा को डराया-धमकाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों, आरोपी की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसलिए छात्रा का नाम, स्कूल और ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है, जिससे उसकी पहचान उजागर हो सकती है।
धमकी देने का भी आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद आरोपी ने छात्रा को किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। कथित धमकी के कारण छात्रा उस समय घटना के बारे में किसी को नहीं बता सकी।
आरोप के मुताबिक, स्कूल की छुट्टी के समय आरोपी छात्रा को वापस स्कूल के आसपास छोड़कर वहां से चला गया। इसके बाद नाबालिग अपने घर पहुंची और उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
घर पहुंचकर बताई पूरी आपबीती
छात्रा के घर पहुंचने के बाद जब उसने परिवार को अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया तो परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया। छात्रा की मां ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में सोशल मीडिया पर हुई बातचीत, आरोपी और पीड़िता के बीच संपर्क, घटना वाले दिन की गतिविधियों और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है।
POCSO कानून के तहत जांच
क्योंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए मामले में POCSO Act यानी बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले कानून के प्रावधान लागू हो सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस को पीड़ित बच्चे की पहचान और गोपनीयता की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना होता है।
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है, यदि जांच अधिकारी उन्हें प्रासंगिक मानते हैं।
सोशल मीडिया दोस्ती को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने नाबालिगों की सोशल मीडिया गतिविधियों और ऑनलाइन पहचान के जरिए होने वाली दोस्ती को लेकर भी सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, किसी भी मामले में सोशल मीडिया पर दोस्ती अपने आप में अपराध का प्रमाण नहीं है। इस मामले में अपराध हुआ या नहीं और आरोपी की वास्तविक भूमिका क्या थी, यह पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से तय होगा।
परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

