72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह इस बार सिर्फ सितारों और पुरस्कारों की वजह से चर्चा में नहीं रहा, बल्कि आयोजन स्थल को लेकर भी बहस छिड़ गई। वर्षों से दिल्ली में आयोजित होते आ रहे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का 2026 का समारोह गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 सितंबर को विजेताओं को सम्मानित किया। इस बदलाव को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में सवाल उठे, वहीं अभिनेता परेश रावल ने आयोजन स्थल के फैसले का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया।
इस पूरे घटनाक्रम की एक और खास वजह यह रही कि इसी समारोह में कार्तिक आर्यन, यामी गौतम और ममूटी जैसे बड़े नामों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला और यामी गौतम को इसी फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला। कार्तिक आर्यन और ममूटी को क्रमशः ‘चंदू चैंपियन’ और ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया।
दिल्ली से गुजरात पहुंचा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का इतिहास 1954 से जुड़ा है। लंबे समय तक इसका प्रमुख आयोजन स्थल दिल्ली रहा है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि पुरस्कार समारोह कभी दिल्ली से बाहर नहीं गया। 17वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन 1971 में चेन्नई में हुआ था। इसके बाद लंबे समय तक समारोह दिल्ली में आयोजित होता रहा।
2026 में केंद्र सरकार ने समारोह को अलग-अलग राज्यों और शहरों तक ले जाने की पहल की घोषणा की। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार भविष्य में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित किए जाएंगे। इस साल के लिए एकता नगर को चुना गया। मंत्रालय ने इस पहल को देश के विभिन्न क्षेत्रों की सिनेमाई विविधता को सामने लाने और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना से जोड़कर बताया है।

लेकिन आयोजन स्थल को लेकर क्यों शुरू हुई बहस?
गुजरात में समारोह आयोजित किए जाने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक स्तर पर कुछ सवाल उठे। मुख्य चर्चा इस बात को लेकर रही कि राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित समारोह को पारंपरिक दिल्ली से हटाकर गुजरात में क्यों आयोजित किया गया।
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी में इसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को राजधानी से बाहर ले जाने की व्यापक पहल का हिस्सा बताया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि आने वाले संस्करण अलग-अलग राज्यों और शहरों में आयोजित किए जाएंगे।
दूसरी तरफ, आयोजन स्थल को लेकर उठे सवालों ने इस समारोह को सामान्य पुरस्कार समारोह से अलग चर्चा में ला दिया। अभिनेता परेश रावल ने इस आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गुजरात भी भारत का हिस्सा है और ऐसे आयोजन दूसरे राज्यों में भी होने चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय आयोजनों को अलग-अलग राज्यों में आयोजित करने की बात कही।
यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि परेश रावल का बयान उनका व्यक्तिगत सार्वजनिक मत है, जबकि आयोजन स्थल बदलने का आधिकारिक कारण सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को दिल्ली से बाहर अलग-अलग राज्यों तक ले जाने की नीति के रूप में बताया है।
कार्तिक आर्यन और यामी गौतम पर भी टिकी नजर
विवाद के बीच पुरस्कार समारोह के विजेता भी आकर्षण का केंद्र रहे। ‘चंदू चैंपियन’ में अपने अभिनय के लिए कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इसी श्रेणी में मलयालम अभिनेता ममूटी ने ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए पुरस्कार साझा किया।
वहीं यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। इसी फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान भी मिला।
यानी इस साल के पुरस्कारों में एक ही फिल्म ने दो बड़े सम्मान अपने नाम किए—सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री।
‘आर्टिकल 370’ से लेकर ‘अमरन’ तक कई फिल्मों का जलवा
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अलग-अलग भाषाओं और विधाओं की फिल्मों को सम्मान दिया गया। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया, जबकि तमिल फिल्म ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला।
‘कल्कि 2898 एडी’ को सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म प्रदान करने वाले मनोरंजन के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए रणदीप हुड्डा को सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर का सम्मान मिला।
गैर-फीचर श्रेणी में ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म और ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री चुना गया।
अनंत नाग को मिला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार
इस समारोह का एक बड़ा आकर्षण दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिया जाना भी रहा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार यह सम्मान वर्ष 2024 के लिए भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
अनंत नाग का फिल्मी करियर पांच दशक से अधिक लंबा रहा है और उन्होंने कन्नड़ समेत भारतीय सिनेमा की कई भाषाओं में काम किया है।
अब आगे बदल सकता है पुरस्कार समारोह का तरीका
2026 का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह एक और वजह से महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ एक साल के लिए स्थान परिवर्तन नहीं, बल्कि मंत्रालय की घोषित व्यापक पहल की शुरुआत है। सरकार ने कहा है कि भविष्य के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अलग-अलग राज्यों और शहरों में आयोजित किए जाएंगे।
इस बदलाव का उद्देश्य समारोह को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर ले जाकर देश के अलग-अलग क्षेत्रों की सांस्कृतिक और सिनेमाई विविधता से जोड़ना बताया गया है।
इस तरह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में एक तरफ कार्तिक आर्यन, यामी गौतम, ममूटी और अनंत नाग जैसे कलाकार सम्मानित हुए, तो दूसरी तरफ दिल्ली से गुजरात तक समारोह के सफर ने एक अलग बहस को जन्म दिया। अब आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अलग-अलग राज्यों में समारोह आयोजित करने की यह व्यवस्था किस तरह आगे बढ़ती है।

