ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने कुछ ही मिनटों में यात्रियों की सुरक्षित यात्रा को भयावह घटना में बदल दिया। ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में दयानतपुर गांव के पास दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। देखते ही देखते आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों में अफरातफरी मच गई। कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन कुछ लोग बस के भीतर फंस गए। हादसे में 9 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। कई घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आधी रात बस में उठने लगीं लपटें
जानकारी के मुताबिक हादसा रात करीब 12 बजे के आसपास हुआ। बस ग्रेटर नोएडा की तरफ से आगरा की ओर जा रही थी। दयानतपुर गांव के पास अचानक बस में आग लग गई। चालक को जैसे ही आग का पता चला, उसने बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया।
बस रुकते ही यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। जिन यात्रियों को बाहर निकलने का मौका मिला, वे तुरंत बस से नीचे उतर गए। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। लेकिन आग के तेजी से फैलने के कारण कुछ लोग बस के अंदर ही फंस गए।
कुछ ही मिनटों में धू-धूकर जलने लगी बस
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का ज्यादा समय नहीं मिला। बस से निकलने के बाद भी लोग दूर खड़े होकर जलती बस को देखते रहे। रिपोर्टों में बताया गया है कि आग के दौरान बस के अंदर से तेज आवाजें भी सुनाई दे रही थीं।
यमुना एक्सप्रेसवे से गुजर रहे दूसरे वाहन चालकों ने जब बस से ऊंची-ऊंची लपटें उठती देखीं तो आसपास भी अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
9 लोगों की मौत, कई घायल
हादसे के बाद बस की तलाशी ली गई। आग की चपेट में आने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों में महिला, बुजुर्ग और एक दिव्यांग बच्चा भी शामिल बताया गया है। कई यात्रियों को चोटें आई हैं और उन्हें नजदीकी कैलाश अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ यात्रियों ने जान बचाने के लिए चलती/रुकती बस की खिड़कियों से छलांग लगा दी। आग लगने के बाद बस के भीतर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना सबसे बड़ी चुनौती बन गया था।

बस में करीब 35 यात्री थे
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार हादसे के समय बस में करीब 35 यात्री सवार थे। हालांकि, कुछ अन्य शुरुआती रिपोर्टों में यात्रियों की संख्या 40 से 50 तक बताई गई है।
बस को राज कल्पना ट्रैवल्स की बताया गया है और उसका पंजीकरण नंबर BR32 PA8647 बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार बस दिल्ली से महोबा की ओर जा रही थी। हालांकि, बस के रूट और यात्रियों के अंतिम गंतव्य को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में कुछ अंतर भी सामने आया है। पुलिस की जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
आग आखिर लगी कैसे? जांच में जुटी पुलिस
सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्लीपर बस में आग आखिर किस वजह से लगी। फिलहाल पुलिस ने आग लगने के कारण की पुष्टि नहीं की है। तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह की संभावना की जांच की जा रही है।
आग के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए घटनास्थल और बस की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस यह भी देखेगी कि आग बस के किस हिस्से से शुरू हुई और कितनी तेजी से अन्य हिस्सों तक पहुंची।
मुख्यमंत्री ने लिया हादसे का संज्ञान
हादसे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के बेहतर इलाज तथा आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने को कहा।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज, मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना पहुंचाना है। इसके साथ ही आग के कारणों और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
हादसे ने फिर खड़े किए सुरक्षा से जुड़े सवाल
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने लंबी दूरी की स्लीपर बसों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। ऐसे वाहनों में आपात स्थिति के दौरान यात्रियों के बाहर निकलने के रास्ते, अग्निशमन उपकरण और चालक दल की प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है।
हालांकि, इस विशेष मामले में बस की सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी थी या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल किसी एक कारण को हादसे की वजह मानना जल्दबाजी होगी।
देर रात हुए इस अग्निकांड ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक तरफ कुछ यात्री समय रहते बस से बाहर निकलकर बच गए, वहीं दूसरी तरफ 9 लोगों की मौत ने इस हादसे को बेहद गंभीर बना दिया है। अब जांच से यह पता चलेगा कि आग कैसे शुरू हुई और इतनी तेजी से बस के अंदर क्यों फैल गई।

