मुंबई: में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के मौके पर गणपति विसर्जन का सिलसिला शुरू होते ही पूरा शहर भक्ति और उत्सव के रंग में रंग गया। कहीं ढोल-ताशों की गूंज सुनाई दी तो कहीं गुलाल और फूलों की पंखुड़ियों से बप्पा का स्वागत और विदाई होती दिखाई दी। सड़कों पर उमड़े श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरया‘ के जयकारे लगाते हुए विसर्जन जुलूसों में शामिल हुए। कई जगह माहौल ऐसा रहा कि उत्सव की रौनक के बीच बप्पा की विदाई का भावुक क्षण भी नजर आया।
गणेश उत्सव के अंतिम दिन मुंबई के कई प्रमुख गणेश मंडलों ने पारंपरिक पूजा और आरती के बाद अपनी प्रतिमाओं के साथ विसर्जन यात्रा शुरू की। लालबाग इलाके में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों के किनारे जुटे। महिलाओं और बच्चों समेत लोगों ने रंग-बिरंगे जुलूस देखे और प्रतिमाओं पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं।
गुलाल और फूलों के बीच बप्पा को विदाई
विसर्जन जुलूसों में पारंपरिक ढोल-ताशा दलों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थलों की ओर बढ़े। कई स्थानों पर गुलाल उड़ता नजर आया और फूलों की पंखुड़ियों की बारिश के बीच गणपति प्रतिमाओं को विदाई दी गई।
‘पुढच्या वर्षी लवकर या‘ यानी अगले साल जल्दी आइए की भावना के साथ श्रद्धालुओं ने बप्पा को विदा किया। गणेशोत्सव के दौरान घरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन अनंत चतुर्दशी पर परंपरागत रूप से किया जाता है।
लालबाग से गिरगांव तक दिखा उत्सवी माहौल
मुंबई के लालबाग इलाके में गणपति विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रसिद्ध लालबागचा राजा समेत कई मंडलों के जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विसर्जन स्थलों की तरफ बढ़े।
गिरगांव चौपाटी मुंबई के प्रमुख विसर्जन स्थलों में शामिल है। इसके अलावा शहर के दूसरे प्राकृतिक जलस्रोतों और कृत्रिम तालाबों में भी गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की गई है।
24 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
गणपति विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर उतरने को देखते हुए मुंबई पुलिस और बीएमसी ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस के अनुसार शहर में 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि बीएमसी ने 25 हजार से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्था में लगाया है।
सुरक्षा व्यवस्था में रैपिड एक्शन फोर्स, स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स, फोर्स वन, क्विक रिस्पॉन्स टीम, दंगा नियंत्रण दल और एंटी-ड्रोन दस्तों को भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।

67 प्राकृतिक और 383 कृत्रिम विसर्जन स्थल
बीएमसी ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों और 383 कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की है। भीड़ प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय के लिए 261 रिसेप्शन सेंटर, 228 कंट्रोल रूम और 75 ऑब्जर्वेशन टावर बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए 489 अस्थायी शौचालयों समेत अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इससे साफ है कि विसर्जन के दौरान सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य, यातायात और नागरिक सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है।
कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रतिबंध
गणपति विसर्जन जुलूसों के कारण मुंबई के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। जोगेश्वरी-विखरोली लिंक रोड (JVLR), लालबाग और कालाचौकी समेत कई प्रमुख मार्गों पर प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए हैं। श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
समुद्र में प्रतिमा विसर्जन करने वाले श्रद्धालुओं को भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। बीएमसी ने तटीय क्षेत्रों में ब्लू-बटन जेलीफिश और स्टिंगरे की मौजूदगी का हवाला देते हुए लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बारह दिन बाद आया विदाई का पल
इस साल मुंबई में गणेश उत्सव 14 सितंबर से शुरू हुआ था और अनंत चतुर्दशी के साथ इसका समापन हो रहा है। करीब 12 दिनों तक घरों और पंडालों में पूजा-अर्चना के बाद अब श्रद्धालु बप्पा को विदाई दे रहे हैं।
हालांकि विसर्जन के साथ उत्सव का समापन होता है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था में यह विदाई स्थायी नहीं मानी जाती। इसी भावना के साथ हर ओर ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे सुनाई दे रहे हैं।

