अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले चढ़ावे की रकम की गिनती से जुड़ा मामला अब और गहराता दिखाई दे रहा है। जांच से जुड़े दस्तावेजों में गणना कक्ष में कथित तौर पर लंबे समय से रकम हटाए जाने की बात सामने आई है। सबसे अहम बात यह है कि चार्जशीट में 67 लोगों के शामिल होने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इस संख्या के आधार का विस्तृत विवरण संबंधित अंश में स्पष्ट नहीं किया गया है। इसलिए जांच में सामने आए हर दावे को आरोप और जांच के निष्कर्ष के रूप में ही देखा जाना जरूरी है।
मामले में उस समय बड़ा मोड़ आया, जब गणना कक्ष में मौजूद कर्मचारियों की गतिविधियों पर निगरानी के दौरान एक कर्मचारी को कथित तौर पर नोटों की गड्डी हटाते हुए देखा गया। इसके बाद वहां चेकिंग शुरू कराई गई। जांच के मुताबिक, इसी दौरान रकम को कथित रूप से बाथरूम में छिपाया गया और तलाशी के दौरान वहां से 2.25 लाख रुपये बरामद किए गए। बरामद रकम को सुरक्षित रखवाने की कार्रवाई की गई।
चार कर्मचारियों पर पहले से था शक
चार्जशीट में दर्ज एक गणना कर्मचारी के बयान के अनुसार, 3 जून की दूसरी पाली में कैश काउंटिंग के दौरान चार कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध लगी थीं। इनमें करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि और अनुकल्प मिश्रा के नाम का उल्लेख है।
बयान के मुताबिक, इन कर्मचारियों को चढ़ावे की नोटों की गड्डियां उठाकर मेज के नीचे या कमर में छिपाते हुए देखे जाने का दावा किया गया था। इसकी जानकारी अन्य कर्मचारियों को दी गई। इसके बाद अगले दिन इन कर्मचारियों पर निगरानी बढ़ाई गई।
नोटों की गड्डी उठाते दिखा कर्मचारी
जांच दस्तावेजों के अनुसार, 4 जून को अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को कथित तौर पर नोटों की गड्डी उठाते हुए देखा गया। इसके बाद ट्रस्ट की ओर से मौजूद व्यक्ति और बैंक कर्मचारी को इसकी जानकारी दी गई। गणना कक्ष के गेट पर चेकिंग शुरू कराई गई।
पुलिस के अनुसार, चेकिंग की जानकारी होने के बाद रकम को कथित तौर पर बाथरूम में ले जाकर छिपाया गया। तलाशी में वहां से 2.25 लाख रुपये मिलने की बात सामने आई। यह रकम बाद में सुरक्षित रखवाई गई।

मामला कैसे सामने आया?
चार्जशीट में दर्ज विवरण के मुताबिक, गणना कक्ष से जुड़ी पहली सूचना तत्कालीन महासचिव को वीडियो और लिखित संदेश के जरिए दी गई थी। संदेश में गणना कक्ष के बाथरूम से बरामद रकम का वीडियो भी भेजे जाने का उल्लेख है। इसमें कुछ कर्मचारियों द्वारा कई दिनों से चोरी किए जाने और 67 लोगों के शामिल होने की बात बताई गई थी। हालांकि, चार्जशीट के उपलब्ध हिस्से में यह स्पष्ट नहीं है कि 67 लोगों की संख्या किस विस्तृत जांच या साक्ष्य के आधार पर तय की गई।
इसके बाद गणना कक्ष के वीडियो भी सामने आए। पुलिस के अनुसार, इन वीडियो में गणना के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा रकम हटाने की गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया है। संबंधित बयानों और वीडियो फुटेज को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
जांच में कई पहलुओं पर नजर
मामला केवल एक दिन की कथित घटना तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां गणना कक्ष में रकम की हैंडलिंग, कर्मचारियों की भूमिका, निगरानी व्यवस्था और रकम के रिकॉर्ड से जुड़े विभिन्न पहलुओं को देख रही हैं। पहले भी इस मामले में कई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ चुकी है।
हालांकि, 67 लोगों के शामिल होने का उल्लेख सामने आना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि सभी 67 व्यक्ति दोषी हैं। जांच और अदालत की प्रक्रिया में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।

