अक्टूबर: का महीना शुरू होते ही देश में कई महत्वपूर्ण नियमों और प्रक्रियाओं में बदलाव लागू हो गए हैं। इनका संबंध सिर्फ बैंक खाते या निवेश से नहीं है, बल्कि रसोई गैस, वाहन, ATM, बड़े FD, NPS, प्रॉपर्टी और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं से भी है।
हालांकि हर बदलाव हर व्यक्ति पर लागू नहीं होगा। कुछ नियम खास तौर पर सब्सिडी वाले LPG उपभोक्ताओं, बड़े जमा करने वालों, NPS ग्राहकों या कारोबारियों के लिए हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन-सा बदलाव आपके लिए महत्वपूर्ण है।
LPG सब्सिडी के लिए Aadhaar Biometric Authentication जरूरी
घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से सबसे महत्वपूर्ण बदलाव Biometric Aadhaar Authentication यानी BAA से जुड़ा है।
सरकार के मुताबिक, जिन घरेलू LPG उपभोक्ताओं ने अभी तक बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं किया है, उन्हें सब्सिडी के साथ नियंत्रित रिटेल बिक्री मूल्य पर रिफिल बुक करने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिन ग्राहकों का authentication पहले ही हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं है।
यह प्रक्रिया LPG डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के शोरूम पर या संबंधित तेल कंपनी के मोबाइल ऐप से पूरी की जा सकती है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, 27.43 करोड़ यानी करीब 89.9 प्रतिशत उपभोक्ता पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर चुके थे।
एक अहम बात यह भी है कि authentication नहीं कराने का अर्थ यह नहीं है कि किसी वास्तविक उपभोक्ता को LPG मिलना पूरी तरह बंद हो जाएगा। सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं के लिए अपनी पसंद दर्ज कराने का विकल्प भी रखा है।
बड़े FD पर ब्याज दरों का नया नियम
बैंक में बड़ी रकम की Fixed Deposit रखने वाले ग्राहकों के लिए भी 1 अक्टूबर से नियम बदले हैं।
RBI के नए ढांचे के तहत बैंकों को bulk deposits की लागू ब्याज दरें पहले से बतानी होंगी और हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे अपनी वेबसाइट पर संबंधित दरें प्रकाशित करनी होंगी।
समान श्रेणी के bulk deposits के लिए बैंक को सामान्य तौर पर एक जैसी दर देनी होगी। हालांकि कुछ नियामकीय परिस्थितियों, जैसे liquidity treatment, के आधार पर अंतर की गुंजाइश बनी रह सकती है।
यह बदलाव मुख्य रूप से बड़ी रकम वाले जमा पर लागू होता है। सामान्य छोटे FD निवेशकों पर इसका सीधा प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।

दिल्ली-NCR में बिना PUC ईंधन पर रोक
वाहन मालिकों के लिए भी 1 अक्टूबर महत्वपूर्ण है। दिल्ली-NCR में वैध Pollution Under Control Certificate यानी PUC के बिना वाहनों को ईंधन देने पर रोक लागू की गई है।
पेट्रोल पंपों पर वाहन की पहचान और PUC की स्थिति जांचने के लिए तकनीक आधारित निगरानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रदूषण मानकों का पालन सुनिश्चित करना और बिना वैध प्रमाणपत्र वाले वाहनों पर दबाव बढ़ाना है।
इसलिए दिल्ली-NCR में वाहन चलाने वाले लोगों को अपने PUC की वैधता पहले ही जांच लेना जरूरी है।
SBI के कुछ ग्राहकों के ATM इस्तेमाल में बदलाव
State Bank of India के कुछ salary package account holders के लिए दूसरे बैंकों के ATM से मिलने वाली मुफ्त transactions की सीमा भी 1 अक्टूबर से बदली है।
नए नियम के अनुसार salary package account holders के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर मुफ्त transactions की संख्या 10 से घटाकर 5 प्रति माह की गई है। इसमें financial और non-financial दोनों तरह के transactions शामिल हैं।
वहीं digital transactions पर इस बदलाव का असर नहीं बताया गया है।
NPS ग्राहकों के लिए नया onboarding charge
National Pension System यानी NPS में Point of Presence के जरिए नया PRAN खोलने वाले ग्राहकों के लिए भी शुल्क संरचना में बदलाव हुआ है।
नई व्यवस्था में PoP के माध्यम से registration कराने पर प्रति PRAN 200 रुपये का one-time onboarding charge लागू किया गया है।
यह बदलाव खास तौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो NPS में नया registration कराने जा रहे हैं।
UPI पर बड़ा बदलाव 1 अक्टूबर नहीं, 15 अक्टूबर से
UPI को लेकर एक जरूरी भ्रम दूर करना भी जरूरी है। 1 अक्टूबर से सभी UPI payments पर कोई सामान्य शुल्क लागू नहीं हो रहा है।
15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा merchant UPI transactions पर MDR लागू होने वाला है। यह खास तौर पर 2,000 रुपये से अधिक के कुछ P2M transactions पर लागू होगा। 2,000 रुपये तक के भुगतान और zero-MDR framework के तहत आने वाले छोटे कारोबारियों के लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे।
इसलिए आम ग्राहक के लिए हर UPI payment पर सीधे कोई नया charge लगने की बात सही नहीं होगी।
NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए टैक्स नियम
अगर कोई व्यक्ति किसी NRI से अचल संपत्ति खरीद रहा है तो TDS और reporting से जुड़े नियम भी अक्टूबर से महत्वपूर्ण हो गए हैं।
ऐसे transactions में खरीदार को टैक्स कटौती और संबंधित रिपोर्टिंग प्रक्रिया का सही तरीके से पालन करना होगा। इसलिए NRI से property खरीदने वाले लोगों के लिए transaction से पहले tax professional से लागू नियमों की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के पंजीकरण में देरी पर सख्ती
जन्म और मृत्यु के पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया में भी देरी होने पर प्रशासनिक औपचारिकताएं बढ़ सकती हैं।
मानक पंजीकरण अवधि समाप्त होने के बाद registration कराने पर देरी की अवधि के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज, शपथपत्र और सक्षम अधिकारी की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए परिवारों के लिए जन्म या मृत्यु की घटना के बाद प्रमाणपत्र का पंजीकरण समय पर कराना महत्वपूर्ण है।
हर बदलाव का असर हर व्यक्ति पर नहीं
1 अक्टूबर के नियमों की लंबी सूची देखकर ऐसा लग सकता है कि हर नागरिक की जेब पर एक साथ बड़ा असर पड़ेगा। लेकिन ऐसा नहीं है।
यदि आपके पास सामान्य FD है, आप सामान्य UPI payments करते हैं, LPG authentication पहले से पूरा है और आपका वाहन वैध PUC के साथ चल रहा है, तो इन बदलावों में से कई का आपके रोजमर्रा के खर्च पर सीधा असर नहीं होगा।
दूसरी ओर, सब्सिडी वाला LPG कनेक्शन, बड़ा FD, NPS registration, दिल्ली-NCR में वाहन या दूसरे बैंक के ATM का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले लोगों को इन बदलावों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

