Close Menu
Newsofindia TvNewsofindia Tv

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    गुजरात में चैतर वसावा की रिहाई के लिए सड़कों पर उतरीं दोनों पत्नियां! आदिवासी महासम्मेलन में सरकार को खुली चुनौती, 2027 चुनाव का भी किया ऐलान

    November 5, 2026

    सिर्फ 30 हजार रुपये के लिए सहकर्मी का कत्ल! सूरत में सिर और धड़ अलग-अलग जगह फेंके, 3 KM दूर मिला कटा सिर

    November 5, 2026

    नागौर में पटाखा गोदाम में ऐसा धमाका कि उड़ गई छत! दो युवकों की मौके पर मौत, दो गंभीर घायल; शॉर्ट सर्किट की आशंका

    November 5, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»देश»‘यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं… BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रही’, अखिलेश यादव के बयान से सियासत गरम
    देश

    ‘यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं… BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रही’, अखिलेश यादव के बयान से सियासत गरम

    Chandra JyotiBy Chandra JyotiOctober 1, 2026No Comments5 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    समाजवादी पार्टी: के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में गुरुवार को स्वतंत्रता और लोकतंत्र सेनानियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है।

    अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर रहे हैं। भाजपा की ओर से भी उसी दिन लखनऊ में संगठनात्मक बैठक आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई।

    अखिलेश यादव ने पुलिस पर क्या कहा?

    सपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस पर जरा भी भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रही है।

    उन्होंने अपने बयान में यह भी दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से भी समय-समय पर उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। अखिलेश ने कहा कि उनके मुताबिक प्रदेश में मौजूदा संकट का समाधान राजनीतिक बदलाव से जुड़ा है।

    यह ध्यान रखना जरूरी है कि पुलिस को लेकर लगाए गए ये आरोप अखिलेश यादव के राजनीतिक बयान और आरोप हैं। इन्हें किसी न्यायिक निष्कर्ष या पुलिस की पूरी व्यवस्था पर स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

    कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना

    अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की तुलना आपातकाल जैसे दौर से की और कहा कि सामाजिक न्याय तथा PDA से जुड़े लोगों के साथ यदि अत्याचार होता है तो उनके अनुसार वह स्थिति आपातकाल जैसी है।

    उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दे गंभीर हैं। हालांकि, इन मुद्दों पर उनका बयान राजनीतिक आरोप और विपक्षी दल की स्थिति को दर्शाता है।

    लोकतंत्र सेनानियों को लेकर अखिलेश की घोषणा

    कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने स्वतंत्रता और लोकतंत्र सेनानियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि को बढ़ाकर 51 हजार रुपये प्रति माह करने का काम किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय से जुड़े संघर्षों को आगे बढ़ाया जाएगा।

    यह घोषणा समाजवादी पार्टी की भविष्य की सरकार बनने की स्थिति में लागू किए जाने वाले राजनीतिक वादे के रूप में सामने आई है, न कि वर्तमान में लागू सरकारी योजना के रूप में।

    राज्यसभा चुनाव को लेकर भी बोले अखिलेश

    प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव से उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भी सवाल किए गए। उन्होंने तीसरे प्रत्याशी के नाम पर कहा कि इसका खुलासा चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद किया जाएगा।

    इससे पहले सपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के कई विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं। यह दावा भी उनके राजनीतिक बयान के रूप में सामने आया है और संबंधित विधायकों की ओर से इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

    ओमप्रकाश राजभर पर भी आया सवाल

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब भाजपा से जुड़े नेताओं के समाजवादी पार्टी में आने को लेकर सवाल किया गया तो अखिलेश यादव ने ओमप्रकाश राजभर का भी जिक्र किया।

    उन्होंने कहा कि यदि कोई उन्हें समाजवादी पार्टी में लेकर आए तो वह उन्हें पार्टी में शामिल कर लेंगे। अखिलेश ने यह भी कहा कि जो नेता समाजवादी पार्टी के वोट से चुनाव जीतकर गए हैं, वे भाजपा के वोट से कैसे जीत सकते हैं।

    यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में संभावित राजनीतिक आवाजाही को लेकर सपा की रणनीति और अखिलेश यादव की स्थिति को दर्शाता है। हालांकि किसी नेता के वास्तव में पार्टी बदलने का निर्णय अलग राजनीतिक घटनाक्रम होगा।

    उपमुख्यमंत्री के बयान पर भी प्रतिक्रिया

    अखिलेश यादव ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के उस कथित सुझाव पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें बेरोजगार युवाओं को टैक्सी चलाने की सलाह देने की बात कही गई थी।

    अखिलेश ने व्यंग्य करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री को भी एक ई-रिक्शा बुक कर लेना चाहिए। इसके साथ उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी पाठक पर टिप्पणी की।

    भाजपा और सपा के बीच बयानबाजी तेज

    उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। एक तरफ अखिलेश यादव पुलिस, सरकार, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साध रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गुरुवार को पिछली सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था और पुलिस की स्थिति पर टिप्पणी की।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में लोग माफिया के प्रभाव से परेशान थे और पुलिस उनकी मदद करने में असमर्थ थी।

    इस तरह दोनों प्रमुख राजनीतिक पक्ष उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अलग-अलग दावे और राजनीतिक व्याख्याएं सामने रख रहे हैं।

    बयान के बाद क्या है बड़ा सवाल?

    अखिलेश यादव के बयान के बाद मुख्य सवाल यही है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक आरोपों और वास्तविक प्रशासनिक स्थिति के बीच तथ्य क्या हैं। पुलिस की निष्पक्षता का आकलन किसी एक राजनीतिक बयान से नहीं किया जा सकता। इसके लिए न्यायिक फैसलों, आधिकारिक आंकड़ों, शिकायतों और संबंधित मामलों के रिकॉर्ड को अलग-अलग देखना जरूरी होगा।

    फिलहाल इतना स्पष्ट है कि सपा अध्यक्ष ने पुलिस की निष्पक्षता पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया है और इसे प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर पेश किया है।

    अखिलेश यादव अखिलेश यादव बयान उत्तर प्रदेश पुलिस उत्तर प्रदेश समाचार पुलिस पर आरोप यूपी पुलिस यूपी राजनीति योगी सरकार लखनऊ न्यूज सपा समाजवादी पार्टी
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    Chandra Jyoti
    Chandra Jyoti
    • Website

    Related Posts

    गुजरात में चैतर वसावा की रिहाई के लिए सड़कों पर उतरीं दोनों पत्नियां! आदिवासी महासम्मेलन में सरकार को खुली चुनौती, 2027 चुनाव का भी किया ऐलान

    November 5, 2026

    सिर्फ 30 हजार रुपये के लिए सहकर्मी का कत्ल! सूरत में सिर और धड़ अलग-अलग जगह फेंके, 3 KM दूर मिला कटा सिर

    November 5, 2026

    नागौर में पटाखा गोदाम में ऐसा धमाका कि उड़ गई छत! दो युवकों की मौके पर मौत, दो गंभीर घायल; शॉर्ट सर्किट की आशंका

    November 5, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisements
    • News of India Tv
    • Newsofindia TV
    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    आज का मौसम
    Widget weather
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    राशिफल
    Top Posts

    राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम 2026: गांवों में किसने जीता सरपंच का चुनाव? 16 जिलों में मतगणना के बाद सामने आने लगे नतीजे

    October 25, 20266,412 Views

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,567 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views
    About Us

    Newsofindia TV

    News of India TV is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    गुजरात में चैतर वसावा की रिहाई के लिए सड़कों पर उतरीं दोनों पत्नियां! आदिवासी महासम्मेलन में सरकार को खुली चुनौती, 2027 चुनाव का भी किया ऐलान

    By Rajat KumarNovember 5, 2026

    गुजरात: की राजनीति में चैतर वसावा की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया…

    Also Read

    गुजरात में चैतर वसावा की रिहाई के लिए सड़कों पर उतरीं दोनों पत्नियां! आदिवासी महासम्मेलन में सरकार को खुली चुनौती, 2027 चुनाव का भी किया ऐलान

    November 5, 2026

    सिर्फ 30 हजार रुपये के लिए सहकर्मी का कत्ल! सूरत में सिर और धड़ अलग-अलग जगह फेंके, 3 KM दूर मिला कटा सिर

    November 5, 2026

    नागौर में पटाखा गोदाम में ऐसा धमाका कि उड़ गई छत! दो युवकों की मौके पर मौत, दो गंभीर घायल; शॉर्ट सर्किट की आशंका

    November 5, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.