नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में गांधी परिवार का नाम लंबे समय से चर्चा में रहा है, लेकिन इस परिवार की कहानी का एक ऐसा पहलू भी है, जो राजनीतिक भाषणों और चुनावी सुर्खियों से अलग है। यह कहानी है सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के रिश्ते की। अब सोनिया गांधी अपनी आने वाली किताब Belonging: A Journey of Love के जरिए इस रिश्ते से जुड़ी यादों को पाठकों के साथ साझा करने जा रही हैं।
किताब की पहली झलक सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उस मुलाकात की हो रही है, जिसने दोनों की जिंदगी की दिशा बदल दी। सोनिया गांधी ने याद किया कि इंग्लैंड के कैम्ब्रिज में एक ग्रीक रेस्तरां में राजीव गांधी से उनकी पहली मुलाकात हुई थी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि दो युवा छात्रों की यह मुलाकात आगे चलकर भारतीय राजनीति के इतिहास से जुड़ जाएगी।
कैम्ब्रिज के रेस्तरां में पहली मुलाकात
सोनिया गांधी ने अपनी किताब की झलक साझा करते हुए बताया कि वह उन दिनों इंग्लैंड में अपनी पसंद का खाना तलाश रही थीं। उन्हें ऐसा स्थान चाहिए था, जहां इतालवी भोजन के करीब स्वाद मिल सके। इसी तलाश के दौरान उनकी मुलाकात कैम्ब्रिज के वर्सिटी रेस्तरां में राजीव गांधी से हुई।
यह एक ग्रीक रेस्तरां था, जहां यूरोप और भारत के कई विद्यार्थी भोजन करने आते थे। सोनिया गांधी के मुताबिक, एक साझा मित्र ने दोनों का परिचय कराया था।
सोनिया ने अपनी यादें साझा करते हुए बताया कि पहली मुलाकात में ही उन्हें राजीव गांधी के साथ एक खास जुड़ाव महसूस हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में उन्हें पता चला कि राजीव भी उनके प्रति ऐसा ही महसूस करते थे।
यह मुलाकात केवल एक परिचय तक सीमित नहीं रही। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और साथ समय बिताने का सिलसिला शुरू हुआ।
राजीव गांधी की कौन-सी बात सोनिया को आई थी पसंद?
अपनी यादों में सोनिया गांधी ने राजीव गांधी के व्यक्तित्व का जिक्र करते हुए उनके सौम्य स्वभाव को खास तौर पर याद किया। उन्होंने उन्हें आकर्षक व्यक्तित्व वाला और बेहद सहज इंसान बताया।
सोनिया के मुताबिक, राजीव की शालीनता ने उन्हें प्रभावित किया था। उनके लिए यह केवल किसी के रूप-रंग का आकर्षण नहीं था, बल्कि उस व्यक्ति के व्यवहार और स्वभाव से जुड़ा अनुभव था।
यही वजह है कि दशकों बाद भी सोनिया गांधी ने उस पहली मुलाकात को अपनी जिंदगी का यादगार पल बताया। किताब की झलक में पुराने फोटो और दोनों के शुरुआती दिनों से जुड़ी यादें भी दिखाई गई हैं।

दोस्ती से शादी तक कैसे पहुंचा रिश्ता?
पहली मुलाकात के बाद सोनिया और राजीव की दोस्ती धीरे-धीरे गहरी होती गई। दोनों दोस्तों के साथ पार्टियों में जाते, घूमने निकलते और विद्यार्थी जीवन के सामान्य पलों को साझा करते थे। सोनिया गांधी ने वैलेंटाइन डे के मौके पर आयोजित एक पार्टी का भी जिक्र किया है, जिसमें कई विद्यार्थी शामिल हुए थे।
उस दौर में दोनों की जिंदगी राजनीति के केंद्र में नहीं थी। राजीव गांधी का परिवार भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली परिवारों में शामिल था, लेकिन राजीव स्वयं उस समय विमानन क्षेत्र से जुड़े अपने जीवन की ओर बढ़ रहे थे। सोनिया इटली से आई एक युवा छात्रा थीं, जो इंग्लैंड में पढ़ाई कर रही थीं।
दोनों ने 1968 में शादी की। इसके बाद सोनिया गांधी का जीवन भारत, नेहरू-गांधी परिवार और धीरे-धीरे राजनीति से जुड़ता चला गया।
प्यार और खुशियों के बीच आए बड़े दुख
सोनिया गांधी और राजीव गांधी की कहानी में प्रेम और पारिवारिक जीवन के साथ कई गहरे दुख भी शामिल रहे। वर्ष 1980 में राजीव गांधी के छोटे भाई संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इसके बाद 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या ने परिवार को बड़ा झटका दिया।
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने और 1984 से 1989 तक देश का नेतृत्व किया। लेकिन वर्ष 1991 में तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान उनकी भी हत्या कर दी गई।
राजीव गांधी की मृत्यु के बाद सोनिया गांधी की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उन्होंने लंबे समय तक अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक राजनीति से दूर रखने की कोशिश की। बाद में वह कांग्रेस की प्रमुख नेताओं में शामिल हुईं और पार्टी अध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक जिम्मेदारी निभाई।
उनकी आगामी किताब में इन निजी अनुभवों, पारिवारिक रिश्तों और उन घटनाओं पर उनके नजरिए को जानने का अवसर मिलेगा, जिन्होंने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
क्या सिर्फ प्रेम कहानी है सोनिया गांधी की किताब?
Belonging: A Journey of Love केवल सोनिया गांधी और राजीव गांधी की प्रेम कहानी तक सीमित नहीं है। यह उनके बचपन, इटली में बिताए शुरुआती वर्षों, भारत आने के अनुभव और दशकों के सामाजिक तथा राजनीतिक बदलावों से जुड़ी यादों को भी समेटने वाली किताब है।
सोनिया गांधी ने अपनी किताब को प्यार, कर्तव्य, बिछड़ने के दुख और अपनेपन की तलाश से जुड़ी कहानी बताया है। उनके अनुसार, अपनी जिंदगी के उन अनुभवों को लिखना आसान नहीं था, जिन्हें उन्होंने लंबे समय तक निजी रखा था।
किताब के जरिए पाठकों को उनके नजरिए से परिवार, रिश्तों और सार्वजनिक जीवन के बीच संतुलन बनाने की चुनौतियों को समझने का अवसर मिल सकता है।
किताब की रिलीज कब होगी?
सोनिया गांधी की किताब Belonging: A Journey of Love की प्रकाशन तिथि 10 नवंबर 2026 निर्धारित है। किताब की पहली झलक साझा किए जाने के बाद उनके निजी जीवन से जुड़ी यादों को लेकर पाठकों की उत्सुकता बढ़ी है।
किताब के प्रकाशन को लेकर पहले प्रकाशक से जुड़ा विवाद भी चर्चा में रहा था। बाद में भारत में इसके प्रकाशन की जिम्मेदारी हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने संभाली। इस घटनाक्रम ने किताब को लेकर राजनीतिक और साहित्यिक जगत में अतिरिक्त चर्चा पैदा की।
अब पाठकों की नजर इस बात पर है कि किताब में सोनिया गांधी अपनी जिंदगी के किन अनुभवों को विस्तार से साझा करती हैं और राजीव गांधी के साथ बिताए दिनों को किस तरह याद करती हैं।

