राजस्थान: की राजधानी जयपुर से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। शहर के शिवदासपुरा थाना क्षेत्र स्थित पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में MBA की पढ़ाई कर रही एक छात्रा की छठी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मचा दिया है। मृतक छात्रा की पहचान यशस्वी रोहिला के रूप में हुई है, जो MBA सेकंड ईयर में पढ़ाई कर रही थी।
घटना के बाद सामने आए दो CCTV वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है। इन वीडियो में घटना से पहले छात्रा की गतिविधियां दिखाई देने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उस सुबह ऐसा क्या हुआ, जिसके बाद छात्रा की जान चली गई?
सुबह करीब 10 बजे हुई घटना, अस्पताल में तोड़ा दम
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शनिवार सुबह करीब 10 बजे की है। पूर्णिमा यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद छात्रा छठी मंजिल से नीचे गिर गई। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
छात्रा को गंभीर हालत में तत्काल महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
घटना की सूचना मिलते ही शिवदासपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े जरूरी साक्ष्य जुटाने शुरू किए।
दो CCTV वीडियो में क्या दिखाई दिया?
इस मामले में दो CCTV वीडियो सामने आने के बाद जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली है।
पहले वीडियो में छात्रा के छठी मंजिल की छत पर मौजूद होने और रेलिंग के पास बैठने का दृश्य सामने आया है। वहीं, दूसरे CCTV फुटेज में छात्रा को सीढ़ियों के रास्ते तेजी से ऊपर जाते हुए देखा गया है।
बताया जा रहा है कि यह दूसरा फुटेज सुबह करीब 9 बजकर 48 मिनट का है। घटनाक्रम के दौरान कुछ साथी छात्रों ने उसे रोकने और समझाने की कोशिश भी की थी।
हालांकि, CCTV फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों के आधार पर घटना के पीछे की वजह तय नहीं की जा सकती। पुलिस इन वीडियो की अन्य परिस्थितियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के साथ जांच कर रही है।
MBA का मिड सेमेस्टर एग्जाम था, लेकिन परीक्षा देने नहीं पहुंची थी छात्रा
इस घटना से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन MBA सेकंड ईयर का मिड सेमेस्टर एग्जाम निर्धारित था।
यशस्वी परीक्षा में शामिल नहीं हुई थी। इसके बाद वह सीढ़ियों के रास्ते तेजी से छठी मंजिल की ओर गई।
हालांकि, परीक्षा में शामिल नहीं होने और घटना के बीच किसी तरह का सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा की उस दिन की गतिविधियां क्या थीं और घटना से पहले किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था।
इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।

जयपुर के प्रेम नगर की रहने वाली थी यशस्वी
मृतक छात्रा यशस्वी रोहिला जयपुर के गुर्जर की थड़ी इलाके के प्रेम नगर की रहने वाली बताई गई है। जानकारी के अनुसार, उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था और वह अपनी मां के साथ रहती थी।
इस घटना की खबर सामने आने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ओर विश्वविद्यालय परिसर में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है, वहीं दूसरी ओर परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है।
छात्रा की निजी परिस्थितियों और पारिवारिक जीवन से जुड़ी जानकारियों को लेकर अभी कई पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस ने मोबाइल और बैग कब्जे में लिया, हर पहलू से जांच
शिवदासपुरा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन और बैग अपने कब्जे में लिया है।
जांच के दौरान इन वस्तुओं से मिलने वाली जानकारी, CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले छात्रा की गतिविधियां क्या थीं और किन परिस्थितियों में यह दुखद घटनाक्रम हुआ।
फिलहाल घटना के पीछे किसी निश्चित कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी परीक्षा संबंधी दबाव, पारिवारिक परेशानी या अन्य व्यक्तिगत कारण को घटना से जोड़ना उचित नहीं होगा।
यूनिवर्सिटी में सुरक्षा और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई, परीक्षा, करियर और निजी जीवन से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलिंग की बेहतर व्यवस्था, संवेदनशील संवाद और जरूरत के समय मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थियों की परेशानियों को समय रहते समझना और उन्हें बिना किसी डर के अपनी बात रखने का अवसर देना जरूरी है।

