हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मुस्करा थाना क्षेत्र में तीन साल की मासूम बच्ची का शव खेत में मिलने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। बच्ची रविवार को घर के पास खेलते समय लापता हो गई थी। परिवार के लोग उसे तलाशते रहे, लेकिन कुछ घंटे बाद उसका शव घर से दूर खेत में मिला। पुलिस के मुताबिक, बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस मामले में नामजद आरोपी पड़ोसी हीरालाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार को साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल ले जाने के दौरान पुलिस के अनुसार उसने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी।
खेलते-खेलते लापता हुई तीन साल की बच्ची
घटना रविवार, 1 नवंबर की है। मुस्करा थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाली तीन साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। कुछ समय बाद जब वह दिखाई नहीं दी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। परिवार के लोग आसपास के घरों और गलियों में बच्ची को खोजते रहे। शुरुआत में उन्हें उम्मीद थी कि वह कहीं आसपास ही मिल जाएगी, लेकिन समय बीतने के साथ चिंता बढ़ती गई।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने आसपास के इलाके में खोजबीन की। इसी दौरान बच्ची का शव घर से दूर एक खेत में मिला। शव मिलने की खबर फैलते ही मोहल्ले में हड़कंप मच गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया।
पड़ोसी पर लगा गंभीर आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार
परिजनों ने अपने पड़ोस में रहने वाले हीरालाल पर बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ जघन्य अपराध करने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, बच्ची को घर के पास से बहलाकर खेत की ओर ले जाया गया था। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया और बाद में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए तीन टीमें गठित की थीं। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ की गई।
इस घटना ने इलाके के लोगों को झकझोर दिया। बच्ची की उम्र बेहद कम होने के कारण लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

साक्ष्य जुटाने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग का आरोप
सोमवार को पुलिस आरोपी हीरालाल को पूछताछ के बाद साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर लेकर गई थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर छिपाकर रखे गए अवैध देसी तमंचे से पुलिस टीम पर गोली चला दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। घायल आरोपी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बाद में बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास अवैध हथियार कहां से आया और वह घटनास्थल पर कैसे छिपाया गया था।
शव ले जाने को लेकर ग्रामीणों का हंगामा
बच्ची का शव मिलने के बाद ग्रामीणों में पहले से ही गुस्सा था। जब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण हो गई और भीड़ ने पुलिस वाहनों पर पथराव किया।
इस दौरान पुलिस के छह वाहनों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इनमें पुलिस अधिकारियों और अलग-अलग थानों से जुड़े वाहनों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हुए। हालात बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग किया और अंततः शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया।
BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने बच्ची के पिता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।
अब पुलिस के सामने घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपराध की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

