गोंडा: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 2 नवंबर को गोंडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा को उत्तर प्रदेश के लिए ‘श्राप’ बताते हुए आरोप लगाया कि जब-जब पार्टी सत्ता में आई, प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और अराजकता का माहौल बना। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर हुई गोलीबारी का भी जिक्र किया।
गोंडा के गौरा विधानसभा क्षेत्र के तेजपुर स्थित सिंगारघाट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 520.84 करोड़ रुपये की 69 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और अपनी सरकार के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था तथा रोजगार के दावों को सामने रखा।
‘सपा सत्ता में आई तो प्रदेश में तबाही मचाई’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कहा कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के लिए श्राप है। उनके मुताबिक, जब भी सपा सत्ता में आई, प्रदेश में तबाही और अव्यवस्था का माहौल बना। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले त्योहारों के समय दंगे और कर्फ्यू की आशंका बनी रहती थी तथा लोगों को अपनी सुरक्षा की चिंता करनी पड़ती थी।
योगी ने दावा किया कि मौजूदा सरकार में उत्तर प्रदेश दंगा और कर्फ्यू की घटनाओं से मुक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि अब धार्मिक आयोजन, नवरात्र, दुर्गा पूजा और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार को आस्था का सम्मान करने और विकास को गति देने वाली सरकार बताया। ये आरोप मुख्यमंत्री ने राजनीतिक मंच से लगाए। विपक्ष की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया को लेकर अलग से बयान सामने आने पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।

2 नवंबर 1990 की घटना का किया जिक्र
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर 1990 की अयोध्या की घटना को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उस दिन रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान तत्कालीन सरकार ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं। योगी ने तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज भाजपा सरकार रामभक्तों पर फूलों की वर्षा कर रही है और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक घटना की तुलना मौजूदा समय से करते हुए कहा कि पहले धार्मिक आयोजनों को लेकर विवाद होते थे, जबकि अब सरकार आस्था से जुड़े कार्यक्रमों को सम्मान और सुरक्षा दे रही है।
गौरतलब है कि 2 नवंबर की तारीख रामजन्मभूमि आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन के रूप में याद की जाती है। योगी ने इसी तारीख का उल्लेख कर अपने राजनीतिक संदेश को धार्मिक आस्था और कानून-व्यवस्था के मुद्दों से जोड़ा।
दुर्गा पूजा और कांवड़ यात्रा को लेकर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान देवीपाटन मंडल में दुर्गा पूजा के पंडाल लगाने और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने में बाधाएं आती थीं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा को लेकर भी पहले रोक लगाने की कोशिश की जाती थी।
योगी के मुताबिक, इस बार प्रदेश में बड़ी संख्या में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गईं और कांवड़ यात्रा में करोड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति दंगा या उपद्रव करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
खाद्यान्न घोटाले और युवाओं के रोजगार पर लगाए आरोप
योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर खाद्यान्न घोटाले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ ठीक से नहीं पहुंचता था और जरूरतमंदों के अधिकारों का हनन होता था।
मुख्यमंत्री ने गोंडा, बलरामपुर और बहराइच में अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक थी। उन्होंने 2016 के स्वच्छता सर्वेक्षण का हवाला देते हुए गोंडा की खराब रैंकिंग का भी उल्लेख किया।
युवाओं के रोजगार को लेकर उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों में भर्तियों में पारदर्शिता की कमी थी और नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता था। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी विभिन्न विभागों में नियुक्तियां करने जा रही है।
गोंडा के लिए 16 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में गोंडा जिले के लिए 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। उन्होंने देवीपाटन मंडल के लिए करीब 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम होने की बात भी कही।
योगी ने बताया कि गोंडा में करीब तीन हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि निवेश का सीधा संबंध रोजगार और स्थानीय युवाओं के लिए अवसरों से है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गोंडा, बलरामपुर और बहराइच जैसे जिलों में विकास की सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उनके अनुसार, पहले विकास कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रहता था, लेकिन अब प्रदेश के सभी जिलों में योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
दीपावली से पहले मुफ्त गैस सिलेंडर देने की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गरीब परिवारों के लिए सरकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को मुफ्त राशन, रसोई गैस कनेक्शन और आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही दीपावली से पहले पात्र परिवारों को एक भरा हुआ गैस सिलेंडर देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गरीबों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने लोगों से दीपावली पर गरीब और वंचित परिवारों के साथ खुशियां साझा करने की अपील भी की।
520 करोड़ की 69 परियोजनाओं से विकास को गति देने का दावा
गोंडा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गौरा और मनकापुर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी 69 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 520.84 करोड़ रुपये बताई गई।
कार्यक्रम में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह समेत क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों के माध्यम से क्षेत्र की तस्वीर बदलने का प्रयास किया जा रहा है।

