गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि उनका असली उद्देश्य अपने परिवार और राजनीतिक हितों को बचाना है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तुलना बार-बार परीक्षा में असफल होने वाले छात्र से करते हुए चुनावी हार के बाद ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने को लेकर तंज कसा।
योगी आदित्यनाथ के इस बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उन्होंने अपने भाषण में कांग्रेस के शासनकाल, 1975 के आपातकाल, 1984 के सिख विरोधी दंगों, समाजवादी पार्टी के शासन और राम मंदिर जैसे मुद्दों को उठाकर विपक्ष को घेरने की कोशिश की।
‘लोकतंत्र नहीं, अपना परिवार बचाने में जुटा विपक्ष’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लोकतंत्र बचाने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी राजनीति का उद्देश्य अपने परिवारों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल जनता के जनादेश को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं।
योगी ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का विश्वास, संवैधानिक मर्यादाएं और जनादेश का सम्मान है। चुनाव में जीत मिलने पर विपक्ष अपनी उपलब्धियों का श्रेय लेता है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने लगता है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव परिणामों का सम्मान करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने विपक्ष पर जनता के बीच भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी की तुलना बार-बार फेल होने वाले छात्र से की
अपने भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर भी व्यक्तिगत राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने उनकी तुलना ऐसे छात्र से की, जो बार-बार परीक्षा में असफल होने के बाद अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय हर बार नया बहाना बनाता है।
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसा छात्र कभी कॉपी बदलने, कभी सिलेबस से बाहर सवाल आने, कभी पेन की स्याही खत्म होने और कभी दूसरे छात्र के तेजी से लिखने को अपनी असफलता की वजह बताता है।
योगी ने इसी उदाहरण के जरिए कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद अपनी कमियों की समीक्षा करने के बजाय ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगती है।
1975 के आपातकाल और 1984 के दंगों का उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरते हुए 1975 में लगाए गए आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने देश में आपातकाल लागू किया था, उसका आज लोकतंत्र पर उपदेश देना हास्यास्पद है।
उन्होंने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी प्रदर्शन और कांग्रेस की रैली का जिक्र करते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया। योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को उस तारीख के ऐतिहासिक संदर्भ का ध्यान रखना चाहिए था, क्योंकि 1984 में दिल्ली में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता, बल्कि जनता का विश्वास प्रभावित होता है। उनके इस बयान को कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के राजनीतिक अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर भी साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए उत्तर प्रदेश में उसके शासनकाल को गुंडागर्दी, अराजकता, कर्फ्यू और दंगों से जोड़कर पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकारों के दौरान महिलाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं थीं।
मुख्यमंत्री ने कोसीकलां, मुजफ्फरनगर, मथुरा, बरेली, संभल, मुरादाबाद, बुलंदशहर, मेरठ और सहारनपुर सहित कई स्थानों पर हुए दंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में डर का माहौल था।
उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर भी कांग्रेस और सपा को घेरा। योगी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का दोनों दलों ने विरोध किया और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उन्होंने इसे देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय बताते हुए भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए बदलावों का उल्लेख किया।
राम मंदिर से लेकर विकास योजनाओं तक का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और देशभर में गरीबों के लिए आवास निर्माण जैसी योजनाओं को विरासत और विकास के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह किसानों के सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय था। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया और भाजपा को इससे अलग बताया।
देशभर में पदयात्रा के जरिए विपक्ष को जवाब देने की रणनीति
गाजियाबाद में आयोजित पदयात्रा भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का हिस्सा थी। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के अलग-अलग संगठनात्मक क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। पार्टी का उद्देश्य विपक्ष के चुनावी आरोपों और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े सवालों पर अपना पक्ष जनता के सामने रखना है।
कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पदयात्रा के जरिए कार्यकर्ताओं से जनता के बीच पहुंचने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया।
गाजियाबाद का यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। मुख्यमंत्री के भाषण ने कांग्रेस, सपा और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक बहस को और धार दे दी है।

