उत्तर प्रदेश: सरकार ने सोमवार को बड़े प्रशासनिक फेरबदल का ऐलान करते हुए राज्यभर में 181 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। खास बात यह रही कि महज 12 घंटे के भीतर कुल 363 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंप दी गईं। इसे प्रदेश के हालिया वर्षों के सबसे बड़े प्रशासनिक बदलावों में से एक माना जा रहा है।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार बड़ी संख्या में उप जिलाधिकारी (SDM) स्तर के अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा नगर निगम, विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विशेष कार्याधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदों पर भी व्यापक फेरबदल किया गया है।
प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी
सरकार का कहना है कि इस बड़े फेरबदल का उद्देश्य जिलों में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना, विकास कार्यों में तेजी लाना तथा कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाना है।
प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों जैसे लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, आगरा, झांसी, मथुरा, बरेली, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, गाजीपुर, कुशीनगर, बलिया, प्रतापगढ़, अमरोहा, रायबरेली, शाहजहांपुर, जौनपुर, सोनभद्र, चंदौली, हमीरपुर, महोबा और बुलंदशहर सहित कई जिलों में एसडीएम स्तर पर नई तैनातियां की गई हैं।
अयोध्या में हुए कई अहम बदलाव
तबादला सूची में अयोध्या को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। राम प्रसाद त्रिपाठी को अयोध्या से मथुरा भेजा गया है, जबकि मिर्जापुर के संजीव कुमार यादव को अयोध्या का नया उप जिलाधिकारी बनाया गया है।
इसी तरह बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी के पद पर तैनात लालकृष्ण को भी अयोध्या भेजा गया है। वहीं कुशीनगर के विनोद कुमार गुप्ता को भी अयोध्या की जिम्मेदारी मिली है।

नगर निगम और विकास प्राधिकरणों में भी फेरबदल
केवल तहसीलों तक ही यह बदलाव सीमित नहीं रहा। कई अधिकारियों को नगर निगम, विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण तथा विशेष परियोजनाओं में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
कई सहायक नगर आयुक्तों, विशेष कार्याधिकारियों तथा विकास प्राधिकरणों में कार्यरत अधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह तबादला?
प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी, कानून व्यवस्था, राजस्व मामलों के निस्तारण तथा जनसुनवाई की गुणवत्ता सीधे तौर पर एसडीएम स्तर के अधिकारियों पर निर्भर करती है। ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर हुए तबादले आने वाले समय में प्रशासनिक कार्यशैली पर असर डाल सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का दावा है कि अधिकारियों की कार्यक्षमता, अनुभव और प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नई तैनातियां की गई हैं। जिन जिलों में विकास कार्यों या प्रशासनिक चुनौतियों को लेकर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता थी, वहां अनुभवी अधिकारियों को भेजा गया है।
कई जिलों में नए चेहरे
इस तबादले के बाद प्रदेश के अनेक जिलों में नए एसडीएम कार्यभार संभालेंगे। इससे स्थानीय प्रशासन में नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है। राजस्व, भूमि विवाद, कानून व्यवस्था, जनसुनवाई तथा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है।
PCS Transfer List (क्रमांक 1-90)
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार क्रमांक 1 से 90 तक जिन अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, उनमें प्रमुख रूप से—
- निशांत तिवारी – ललितपुर से फतेहपुर
- संजय यादव – गाजीपुर से प्रतापगढ़
- प्रवीण यादव – अयोध्या से बलिया
- मोहम्मद जफर – कुशीनगर से सोनभद्र
- पिनाकपाणि द्विवेदी – वाराणसी से फतेहपुर
- ऋषिराज – आगरा से हापुड़
- नमन मेहता – बांदा से गोरखपुर
- अंकुर वर्मा – सहारनपुर से जौनपुर
- आदेश कुमार – मथुरा से संभल
- आकाश कुमार – भदोही से आजमगढ़
इसके अलावा क्रमांक 11 से 90 तक सूची में शामिल सभी अधिकारियों के भी स्थानांतरण किए गए हैं, जिनमें महाराजगंज, अमेठी, बरेली, बलिया, सीतापुर, लखनऊ, मेरठ, मथुरा, प्रयागराज, अमरोहा, अलीगढ़, बदायूं, हरदोई, बागपत, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, रायबरेली, जालौन, मैनपुरी, गोंडा, मिर्जापुर, चित्रकूट, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, कुशीनगर, बाराबंकी, हमीरपुर, बुलंदशहर, वाराणसी, आगरा, महोबा, सीतापुर, रायबरेली सहित अनेक जिलों में नई तैनातियां की गई हैं।
(क्रमांक 91 से 181 तक की पूरी सूची अगले भाग में।)







उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया यह प्रशासनिक फेरबदल केवल नियमित तबादला नहीं बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने की कोशिश माना जा रहा है। आने वाले दिनों में नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद जिलों की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर कानून व्यवस्था, राजस्व, विकास योजनाओं और जनसुनवाई से जुड़े मामलों पर इसका असर साफ दिखाई देगा।

