Close Menu
Newsofindia TvNewsofindia Tv

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    Clean Ganga: नदी में जहरीले सांप, चारों तरफ टूटा कांच… फिर भी नहीं रुका यूपी का शिवम, आनंद महिंद्रा भी करेंगे सलाम!

    September 12, 2026

    PM Modi 25 Years: ‘न सत्ता की विरासत, न वंश परंपरा…’, योगी का मोदी पर बड़ा बयान; यूपी में 1 महीने चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

    September 12, 2026

    Hafiz Saeed: पाकिस्तान में छिपा है हाफिज सईद? NIA ने कोर्ट में खोला बड़ा राज, 2 महीने में दूसरी बार गैर-जमानती वारंट

    September 12, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»देश»“POCSO कानून के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी! क्या ‘इज्जत’ बचाने के लिए दर्ज हो रहे हैं झूठे केस?”
    देश

    “POCSO कानून के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी! क्या ‘इज्जत’ बचाने के लिए दर्ज हो रहे हैं झूठे केस?”

    Chandra JyotiBy Chandra JyotiJuly 13, 2026No Comments5 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    नई दिल्ली: देश के सबसे संवेदनशील कानूनों में शामिल POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) Act को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए इसके कथित दुरुपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने कहा कि कई मामलों में जब किशोर-किशोरी आपसी सहमति से घर छोड़ देते हैं या विवाह कर लेते हैं, तब परिवार अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और तथाकथित ‘इज्जत’ बचाने के लिए POCSO के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज करा देते हैं।

    सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि POCSO कानून का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों और शोषण से सुरक्षा प्रदान करना है, लेकिन यदि इसका इस्तेमाल हर आपसी सहमति वाले किशोर संबंध में होने लगे, तो इससे कई युवाओं का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

    कोर्ट ने उठाए अहम सवाल

    सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल किया कि आखिर कोई राज्य दो किशोरों को साथ जाने या भागने से कैसे रोक सकता है? न्यायालय ने कहा कि 15 से 18 वर्ष की आयु बेहद संवेदनशील होती है, जहां कई बार किशोर भावनात्मक निर्णय लेते हैं। ऐसे हर मामले को सीधे POCSO के दायरे में लाना व्यावहारिक नहीं माना जा सकता।

    अदालत ने यह भी कहा कि कई मामलों में माता-पिता सामाजिक दबाव और बदनामी के डर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं। बाद में जब मामला अदालत तक पहुंचता है तो परिस्थितियों को देखते हुए आरोपियों को बरी करना पड़ता है।

    सुओ मोटू मामले में हो रही है सुनवाई

    यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेकर शुरू किए गए एक मामले के तहत हो रही है। इस मामले की पृष्ठभूमि उस समय बनी जब एक हाई कोर्ट ने किशोर लड़कियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी कि उन्हें रिश्तों में पड़ने के बजाय अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए।

    बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उस टिप्पणी को उचित नहीं माना और उसे निरस्त करते हुए किशोरों के निजता के अधिकार और उनके भविष्य से जुड़े व्यापक पहलुओं पर विचार शुरू किया।

    कोर्ट के सामने रखा गया एक उदाहरण

    सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता माधवी दीवान ने अदालत को एक मामले की जानकारी दी, जिसमें एक नाबालिग लड़की 25 वर्षीय युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी। बाद में दोनों ने विवाह कर लिया और अब उनके एक बच्चे के साथ सामान्य पारिवारिक जीवन व्यतीत करने की जानकारी अदालत को दी गई।

    इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक समिति की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया, जिसमें कहा गया कि 17-18 वर्ष के किशोरों को ऐसे मामलों में जेल भेजे जाने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है, जबकि कई मामलों में दोनों पक्षों के बीच संबंध आपसी सहमति से बने होते हैं।

    2012 में बदला था कानून

    सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2012 में सहमति से संबंध बनाने की कानूनी आयु 16 वर्ष से बढ़ाकर 18 वर्ष कर दी गई थी। अदालत ने कहा कि सामाजिक परिस्थितियां पहले भी मौजूद थीं, लेकिन अब कानूनी सीमा बदलने के कारण ऐसे मामलों का स्वरूप अलग हो गया है।

    हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि POCSO कानून बच्चों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और उसका उद्देश्य किसी भी प्रकार के यौन शोषण को रोकना है। इसलिए किसी भी संभावित बदलाव या व्याख्या में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए।

    सरकार ने दिया जागरूकता बढ़ाने का सुझाव

    सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि बच्चों और किशोरों को POCSO कानून तथा किशोरावस्था से जुड़े कानूनी और सामाजिक पहलुओं की जानकारी देने के लिए स्कूल स्तर से जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने की योजना तैयार की जा रही है।

    सरकार के अनुसार कक्षा 6 से आयु के अनुरूप जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने का प्रस्ताव है ताकि बच्चों को उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों और कानून की जानकारी समय रहते मिल सके।

    हालांकि, जब केंद्र सरकार की ओर से POCSO मामलों की निगरानी के लिए एक केंद्रीय डैशबोर्ड का सुझाव दिया गया तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक हाई कोर्ट के पास पहले से ही बाल अधिकारों से जुड़ी समितियां मौजूद हैं और राज्य सरकारें भी निगरानी की जिम्मेदारी निभा सकती हैं। ऐसे में अलग से केंद्रीय व्यवस्था की आवश्यकता पर अदालत ने सवाल उठाया।

    17 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

    यह मामला अभी विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 17 जुलाई को निर्धारित की है। माना जा रहा है कि आने वाली सुनवाई में किशोरों के अधिकार, POCSO कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और उसके संभावित दुरुपयोग को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।

    सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणी ने एक बार फिर इस बहस को तेज कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए बने सख्त कानूनों का उद्देश्य सुरक्षित रहना चाहिए, साथ ही यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि उनका उपयोग केवल उचित मामलों में ही हो। अदालत ने संकेत दिया है कि किशोरों के आपसी सहमति वाले संबंधों से जुड़े मामलों में व्यावहारिक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, ताकि कानून का उद्देश्य भी सुरक्षित रहे और किसी निर्दोष का भविष्य भी प्रभावित न हो।

    Breaking News Hindi News India News Juvenile Law Law News Legal Update POCSO Act POCSO Misuse Supreme Court Teen Relationship
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    Chandra Jyoti
    Chandra Jyoti
    • Website

    Related Posts

    Clean Ganga: नदी में जहरीले सांप, चारों तरफ टूटा कांच… फिर भी नहीं रुका यूपी का शिवम, आनंद महिंद्रा भी करेंगे सलाम!

    September 12, 2026

    PM Modi 25 Years: ‘न सत्ता की विरासत, न वंश परंपरा…’, योगी का मोदी पर बड़ा बयान; यूपी में 1 महीने चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

    September 12, 2026

    Hafiz Saeed: पाकिस्तान में छिपा है हाफिज सईद? NIA ने कोर्ट में खोला बड़ा राज, 2 महीने में दूसरी बार गैर-जमानती वारंट

    September 12, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisements
    • News of India Tv
    • Newsofindia TV
    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    आज का मौसम
    Widget weather
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    राशिफल
    Top Posts

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,567 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views

    होर्मुज में बढ़ा तनाव! भारतीय तेल टैंकर लौटाया गया, अमेरिका के हमले के बाद IDF हाई अलर्ट पर

    July 9, 2026513 Views
    About Us

    Newsofindia TV

    News of India TV is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    Clean Ganga: नदी में जहरीले सांप, चारों तरफ टूटा कांच… फिर भी नहीं रुका यूपी का शिवम, आनंद महिंद्रा भी करेंगे सलाम!

    By Chandra JyotiSeptember 12, 2026

    Clean Ganga: गंगा को भारत में सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि मां का दर्जा दिया…

    Also Read

    Clean Ganga: नदी में जहरीले सांप, चारों तरफ टूटा कांच… फिर भी नहीं रुका यूपी का शिवम, आनंद महिंद्रा भी करेंगे सलाम!

    September 12, 2026

    PM Modi 25 Years: ‘न सत्ता की विरासत, न वंश परंपरा…’, योगी का मोदी पर बड़ा बयान; यूपी में 1 महीने चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

    September 12, 2026

    Hafiz Saeed: पाकिस्तान में छिपा है हाफिज सईद? NIA ने कोर्ट में खोला बड़ा राज, 2 महीने में दूसरी बार गैर-जमानती वारंट

    September 12, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.