लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का सोमवार को भव्य उद्घाटन किया गया। उन्नाव में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
उद्घाटन के बाद सभी नेताओं ने एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर इसकी सुविधाओं का जायजा लिया। यह एक्सप्रेसवे मंगलवार सुबह 8 बजे से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग 40 मिनट रह जाएगा, जबकि पहले यही सफर ढाई से तीन घंटे तक का समय लेता था।
देश का पहला बैरियर-लेस एक्सप्रेसवे
करीब 63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे देश का पहला बैरियर-लेस एक्सप्रेसवे है। इस पर पारंपरिक टोल प्लाजा की जगह ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और फास्टैग रीडर लगाए गए हैं। इससे वाहनों को बिना रुके टोल कट जाएगा और यात्रा अधिक सुगम होगी।
एक्सप्रेसवे पर अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से वाहन चल सकेंगे। सुरक्षा के लिए AI आधारित कैमरे लगाए गए हैं, जो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत NHAI के कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे।
हालांकि इस सुविधा के साथ टोल शुल्क में भी बढ़ोतरी हुई है। अब कार से लखनऊ से कानपुर जाने पर 275 रुपये टोल देना होगा, जबकि पहले यह करीब 95 रुपये था। दोपहिया वाहनों की एंट्री इस एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित रहेगी।
4700 करोड़ की लागत, 1650 दिनों में तैयार
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास 5 जनवरी 2022 को किया गया था। लगभग 4700 करोड़ रुपये की लागत से यह एक्सप्रेसवे करीब 1650 दिनों में बनकर तैयार हुआ।
इस परियोजना का उद्देश्य लखनऊ और कानपुर के बीच ट्रैफिक दबाव कम करना, यात्रा समय घटाना और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
गडकरी बोले- मेरे विभाग में पैसों की कोई कमी नहीं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया के सर्वश्रेष्ठ नेटवर्क में शामिल होगा।
उन्होंने कहा,
“मेरे विभाग में पैसों की कोई कमी नहीं है। आप मांगते-मांगते थक जाएंगे, लेकिन मैं देते-देते नहीं थकूंगा।”
उन्होंने दावा किया कि आने वाले वर्षों में भारतीय हाईवे गुणवत्ता के मामले में अमेरिका सहित कई विकसित देशों के हाईवे से भी बेहतर होंगे।
योगी आदित्यनाथ ने किए कई बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश की सड़क परियोजनाओं के लिए लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए कई नई योजनाओं पर काम होगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि—
- 5 लाख से अधिक आबादी वाले हर शहर में बाईपास बनाया जाएगा।
- हर जिला मुख्यालय को फोरलेन सड़क से जोड़ा जाएगा।
- उत्तर प्रदेश में उत्तर-दक्षिण (North-South) कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा।
यूपी में कई नई सड़क परियोजनाओं का ऐलान
नितिन गडकरी ने कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के लिए कई नई परियोजनाओं की घोषणा भी की। इनमें प्रमुख हैं—
- वाराणसी-कोलकाता हाईवे पर लगभग 22 हजार करोड़ रुपये का निवेश।
- बाराबंकी-बहराइच फोरलेन हाईवे।
- कानपुर-भोपाल 6 लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर।
- आगरा-ग्वालियर 6 लेन हाईवे।
- गाजीपुर-मांझीघाट-बलिया ग्रीनफील्ड हाईवे।
- दादरी से लालकुआं तक 6 लेन एलिवेटेड रोड।
- आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे।
- किसान पथ पर नई सर्विस रोड।
लखनऊ को मिलेगा तीन मंजिला एलिवेटेड कॉरिडोर
गडकरी ने लखनऊ के लिए एक और महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक तीन मंजिला एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।
इस परियोजना में—
- सबसे नीचे सामान्य सड़क,
- उसके ऊपर दो एलिवेटेड लेन,
- और सबसे ऊपर मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का भूमि पूजन इसी वर्ष दिसंबर से पहले करने का लक्ष्य रखा गया है।
AI और आधुनिक तकनीक से लैस एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। यहां AI आधारित निगरानी प्रणाली, डिजिटल टोलिंग, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और आधुनिक सुरक्षा तंत्र यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करेंगे।
सरकार का मानना है कि इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

