लखनऊ: राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के 22वें दीक्षांत समारोह में उस समय माहौल चर्चा का विषय बन गया, जब उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने रक्षा उत्पादन और ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर एक तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अब लखनऊ केवल अपनी तहज़ीब और मुस्कान के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक रक्षा तकनीक और मिसाइल निर्माण के लिए भी जाना जा रहा है।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि यदि देश के खिलाफ कोई साजिश रची जाएगी तो उसका जवाब अत्याधुनिक तकनीक से दिया जाएगा। उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल की सटीकता का जिक्र करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के जरिए लक्ष्य पर बेहद सटीक हमला संभव है।
ब्रजेश पाठक का बयान बना चर्चा का विषय
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि पहले लोग कहते थे, “मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं।” लेकिन अब लखनऊ की पहचान रक्षा उत्पादन से भी जुड़ चुकी है।
उन्होंने कहा कि यहां बन रही आधुनिक मिसाइलें देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाएंगी। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि यदि कोई पड़ोसी देश भारत के खिलाफ गलत कदम उठाएगा तो उसे इसका कड़ा जवाब मिलेगा।
उन्होंने आधुनिक मिसाइल तकनीक का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि लक्ष्य को अत्यंत सटीकता के साथ निशाना बनाया जा सकता है।
KGMU का 22वां दीक्षांत समारोह आयोजित
यह कार्यक्रम लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को डिग्रियां और मेडल प्रदान किए।
समारोह में—
- 1701 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई।
- इनमें 975 छात्र और 726 छात्राएं शामिल रहीं।
- कुल 54 मेडल मेधावी छात्रों को दिए गए।
MBBS छात्रा दीप्ति शर्मा को मिले सबसे अधिक मेडल
दीक्षांत समारोह में MBBS की छात्रा दीप्ति शर्मा सबसे अधिक चर्चा में रहीं। उन्हें शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 19 मेडल प्रदान किए गए।
इस विशेष उपलब्धि पर उनके माता-पिता को भी मंच पर आमंत्रित किया गया, जहां पूरे सभागार ने तालियों से उनका स्वागत किया।
राजनाथ सिंह ने डॉक्टरों को दिया सेवा का संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉक्टर का कार्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज के प्रति संवेदनशीलता और विश्वास कायम करना भी है।
उन्होंने कहा कि—
- डॉक्टरों को मरीज की बात धैर्यपूर्वक सुननी चाहिए।
- चिकित्सा सेवा का उद्देश्य हर व्यक्ति तक समान रूप से स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना होना चाहिए।
- आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण है, लेकिन मानवीय संवेदनाएं उससे भी अधिक जरूरी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक सर्जरी, जीन थेरेपी और डिजिटल हेल्थ भविष्य की चिकित्सा व्यवस्था को बदल रहे हैं, लेकिन डॉक्टर की करुणा और मानवीय व्यवहार का कोई विकल्प नहीं हो सकता।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने भी किया संबोधन
स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने अपने संबोधन में KGMU के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का नाम भले ही किंग जॉर्ज के नाम पर है, लेकिन इसके निर्माण में उनका कोई आर्थिक योगदान नहीं था।
उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और चिकित्सा शिक्षा में इसके योगदान की सराहना की।
बाल रोग विशेषज्ञ को मिला विशेष सम्मान
समारोह के दौरान KGMU की बाल रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर शालिनी त्रिपाठी को नवजात शिशुओं के लिए संचालित मिल्क बैंक की सफल व्यवस्था के लिए फैकल्टी अप्रिसिएशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि NICU में संचालित मिल्क बैंक के माध्यम से माताओं द्वारा दान किए गए दूध को वैज्ञानिक प्रक्रिया से सुरक्षित बनाकर समय से पहले जन्मे और गंभीर नवजात शिशुओं को उपलब्ध कराया जाता है, जिससे कई बच्चों की जान बचाई जा रही है।
नीति आयोग के सदस्य को मिली मानद उपाधि
कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास को चिकित्सा प्रशासन और स्वास्थ्य नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद विज्ञान वाचस्पति (D.Sc.) की उपाधि भी प्रदान की गई।

