कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य पुलिस प्रशासन में व्यापक बदलाव करते हुए मंगलवार को बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले की घोषणा की। गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 28 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और 5 पश्चिम बंगाल पुलिस सेवा (WBPS) अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है।
इस प्रशासनिक फेरबदल में राज्य पुलिस के कई अहम विभागों जैसे CID, आर्थिक अपराध अन्वेषण निदेशालय (EOW), STF, ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा, दूरसंचार और विभिन्न पुलिस कमिश्नरेट में नई नियुक्तियां की गई हैं।
सुप्रतिम सरकार को मिली नई जिम्मेदारी
इस फेरबदल में सबसे चर्चित नाम वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुप्रतिम सरकार का रहा।
उन्हें CID के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) पद से हटाकर राज्य पुलिस के ADG (दूरसंचार) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही उनके पास पहले से मौजूद ADG (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के अतिरिक्त प्रभार में भी बदलाव किया गया है।
CID की कमान अब एन. रमेश बाबू के हाथ
राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी एन. रमेश बाबू को CID का महानिदेशक एवं महानिरीक्षक (DG & IG) नियुक्त किया है।
वे इससे पहले जेल सुधार सेवाओं के महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे।
सरकार ने उन्हें जेल सुधार सेवाओं का अतिरिक्त प्रभार भी जारी रखने की जिम्मेदारी दी है।

के. जयरामन को आर्थिक अपराध शाखा की जिम्मेदारी
उत्तर बंगाल क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्य कर रहे वरिष्ठ आईपीएस के. जयरामन को अब राज्य के आर्थिक अपराध अन्वेषण निदेशालय (Economic Offences Wing) का निदेशक नियुक्त किया गया है।
आर्थिक अपराधों की बढ़ती जांच और वित्तीय मामलों को देखते हुए इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में नया पुलिस आयुक्त
सरकार ने अमित कुमार राठौड़ को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है।
वे त्रिपुरारी अथर्व का स्थान लेंगे।
वहीं, त्रिपुरारी अथर्व को ADG ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा बनाया गया है।
STF और होमगार्ड में भी बदलाव
फेरबदल के तहत वरिष्ठ आईपीएस प्रवीण कुमार त्रिपाठी को STF के आईजी पद से हटाकर आईजी होमगार्ड बनाया गया है।
उनकी जगह सुधीर कुमार नीलकंठम को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का नया आईजी नियुक्त किया गया है।
सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है।
चुनाव आयोग के फैसले से भी जुड़ा रहा नाम
वरिष्ठ अधिकारी सुप्रतिम सरकार इससे पहले कोलकाता पुलिस आयुक्त भी रह चुके हैं।
विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने उन्हें पुलिस आयुक्त के पद से हटाने का निर्देश दिया था। उसके बाद उनकी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां होती रही हैं।
अब एक बार फिर उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्या है इस बड़े फेरबदल का उद्देश्य?
राज्य सरकार ने आधिकारिक रूप से इस फेरबदल के पीछे प्रशासनिक आवश्यकताओं और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का उद्देश्य बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर के बड़े तबादले से विभिन्न विभागों में कार्य प्रणाली, निगरानी और समन्वय को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, सरकार की ओर से किसी विशेष घटना या कारण को इस बदलाव से सीधे नहीं जोड़ा गया है।
आगे क्या होगा?
नई नियुक्तियों के बाद सभी अधिकारी जल्द ही अपने-अपने पदभार ग्रहण करेंगे।
पुलिस विभाग के विभिन्न संवेदनशील विंगों में नए नेतृत्व के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिल सकता है।
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा 28 IPS और 5 WBPS अधिकारियों का एक साथ तबादला राज्य पुलिस प्रशासन के हाल के सबसे बड़े फेरबदल में से एक माना जा रहा है। सुप्रतिम सरकार, एन. रमेश बाबू, के. जयरामन और अमित कुमार राठौड़ समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का प्रभाव राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर देखने को मिल सकता है।

