ताजमहल पर दिखी यूपी पुलिस की संवेदनशीलता, विदेशी महिला पर्यटक की साड़ी संभालकर जीता दिल
उत्तर प्रदेश: पुलिस अक्सर कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार आगरा के ताजमहल परिसर से सामने आई एक घटना ने पुलिस की मानवीय और संवेदनशील छवि को पूरे देश के सामने पेश किया है। ताजमहल घूमने आई अर्जेंटीना की एक महिला पर्यटक भारतीय परिधान साड़ी पहनकर पहुंचीं, लेकिन साड़ी संभालने में उन्हें कठिनाई होने लगी। तभी वहां तैनात महिला आरक्षी गुड्डी देवी ने बिना देर किए उनकी मदद की।
महिला सिपाही के इस व्यवहार से विदेशी पर्यटक इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा—“Thanks UP Police.” यह छोटा-सा मानवीय व्यवहार अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
ताजमहल पहुंचा था अर्जेंटीना का पर्यटक दल
मंगलवार सुबह करीब सात बजे अर्जेंटीना के मैसी (Maci) शहर से आए पर्यटकों का एक समूह ताजमहल के पश्चिमी गेट से स्मारक परिसर में प्रवेश कर रहा था। समूह में शामिल एक महिला ने भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान दिखाते हुए साड़ी पहन रखी थी।
हालांकि साड़ी पहनने का अनुभव कम होने के कारण वह चलते समय उसे संभालने में असहज महसूस कर रही थीं। इससे उन्हें परेशानी होने लगी।
महिला आरक्षी ने तुरंत की मदद
ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) में तैनात महिला आरक्षी गुड्डी देवी की नजर जैसे ही महिला पर्यटक पर पड़ी, उन्होंने तुरंत आगे बढ़कर उनकी सहायता की।
गुड्डी देवी ने पूरी विनम्रता और सम्मान के साथ महिला की साड़ी को व्यवस्थित किया ताकि वह आसानी से ताजमहल का भ्रमण कर सकें।
पुलिस की इस छोटी लेकिन संवेदनशील पहल ने विदेशी पर्यटक के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी।
विदेशी पर्यटक ने कहा- ‘Thanks UP Police’
मदद मिलने के बाद महिला पर्यटक ने खुशी जाहिर करते हुए मुस्कुराकर कहा—
“Thanks UP Police.”
उनकी यह प्रतिक्रिया वहां मौजूद अन्य पर्यटकों और पुलिसकर्मियों के लिए भी खुशी का पल बन गई।
‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ सेवा
ताज सुरक्षा थाना प्रभारी निरीक्षक तिलकराम भाटी ने बताया कि ताजमहल विश्व धरोहर है, जहां प्रतिदिन हजारों भारतीय और विदेशी पर्यटक आते हैं।
उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पर्यटकों के साथ ‘अतिथि देवो भवः’ और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना से व्यवहार किया जाए, ताकि आगरा से पर्यटक सुखद यादें लेकर लौटें।

‘सेवा, सुरक्षा और संवेदना’ बना पहचान
उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाल के वर्षों में “सेवा, सुरक्षा और संवेदना” को अपनी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
ताज सुरक्षा पुलिस के अनुसार पुलिसकर्मी केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर पर्यटकों की हरसंभव मदद भी करते हैं।
कभी रास्ता बताना, कभी बुजुर्गों की सहायता करना, कभी बच्चों को उनके परिवार से मिलाना और कभी विदेशी पर्यटकों की भाषा संबंधी समस्या हल करना—ऐसी कई जिम्मेदारियां भी पुलिस निभाती है।
टीम के अन्य सदस्य भी रहे मौजूद
इस दौरान मौके पर पुलिस टीम के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।
इनमें उपनिरीक्षक शिवराज सिंह, मुख्य आरक्षी किरण पाल सिंह, आरक्षी दुर्गेश कुमार और महिला आरक्षी गुड्डी देवी शामिल रहे।
सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना
घटना की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग यूपी पुलिस की इस संवेदनशीलता की सराहना कर रहे हैं।
कई यूजर्स ने लिखा कि पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज में विश्वास बढ़ाने वाला है।
कुछ लोगों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ इस तरह का व्यवहार भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ता है।
पर्यटन को भी मिलता है बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पर्यटन स्थल की पहचान केवल उसकी ऐतिहासिक धरोहर से नहीं होती, बल्कि वहां मिलने वाले अनुभव से भी होती है।
यदि पर्यटकों को सुरक्षा, सहयोग और सम्मान मिले तो वे अपने देश लौटकर भी उस स्थान की सकारात्मक छवि साझा करते हैं, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलता है।
ताजमहल जैसे विश्व प्रसिद्ध स्मारक पर इस तरह की घटनाएं भारत की मेहमाननवाजी की पहचान को और मजबूत करती हैं।
आगरा के ताजमहल में महिला आरक्षी गुड्डी देवी द्वारा अर्जेंटीना की महिला पर्यटक की मदद करना केवल एक सामान्य घटना नहीं, बल्कि पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण है। “सेवा, सुरक्षा और संवेदना” की भावना के साथ किया गया यह छोटा-सा प्रयास भारत की अतिथि सत्कार की परंपरा और उत्तर प्रदेश पुलिस की सकारात्मक छवि को दुनिया के सामने मजबूत करता है।

