सिर्फ रास्ता मांगा, जवाब में मिली मौत… हॉर्न बजाने पर चली गोलियां
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां रविवार देर रात एक मामूली सा विवाद कुछ ही मिनटों में खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि बाइक से रास्ता मांगने के लिए हॉर्न बजाने पर 25 वर्षीय विपिन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हमले में उनका चचेरा भाई गौरव भी घायल हो गया।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी की पत्नी और पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
नामकरण समारोह से लौट रहे थे विपिन
जानकारी के अनुसार, लोनी की रतिराम कॉलोनी निवासी आजाद प्रजापति के घर नवजात बेटी का नामकरण समारोह आयोजित किया गया था। समारोह समाप्त होने के बाद परिवार के सदस्य रिश्तेदारों को उनके गंतव्य तक छोड़ने की व्यवस्था कर रहे थे।
रात करीब 11:45 बजे विपिन कुमार अपने रिश्तेदार जतिन को छोड़ने के लिए बाइक से निकले। रास्ते में उनका चचेरा भाई गौरव भी मिल गया, जिसे उन्होंने अपनी बाइक पर बैठा लिया।
घर से कुछ ही दूरी पर कॉलोनी में रहने वाला सोनू अपने साथियों के साथ सड़क पर खड़ा था। विपिन ने रास्ता साफ करने के लिए बाइक का हॉर्न बजाया, लेकिन आरोप है कि सोनू ने रास्ता देने से इनकार कर दिया।
मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप
जब विपिन ने बाइक निकालने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया और विपिन बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े।
शोर सुनकर आरोपी सोनू का पिता ब्रह्मपाल और उसकी पत्नी आशा भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि तीनों ने मिलकर विपिन और गौरव के साथ मारपीट शुरू कर दी।
गौरव जब अपने भाई को बचाने आगे आया तो उसके साथ भी हाथापाई की गई।
घर से पिस्टल लाकर बरसाईं गोलियां
पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान सोनू अपने घर गया और वहां से अवैध पिस्टल लेकर लौट आया।
सबसे पहले उसने गौरव पर फायरिंग की। गोली उसके बाएं हाथ की उंगली को छूते हुए निकल गई।
इसके बाद सोनू ने विपिन पर निशाना साधते हुए लगातार दो गोलियां दाग दीं। दोनों गोलियां विपिन के पेट में लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
परिजन आनन-फानन में विपिन को दिल्ली के GTB अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वहीं गौरव का प्राथमिक उपचार किया गया और हालत सामान्य होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
विपिन की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
शव लेकर थाने पहुंचे परिजन, लगाया जाम
पोस्टमार्टम के बाद सोमवार शाम परिजन शव को एंबुलेंस में रखकर लोनी बॉर्डर थाने पहुंच गए।
परिजनों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन भी मौजूद रहे। सभी ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क पर धरना दे दिया।
करीब 20 मिनट तक चले प्रदर्शन के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया।
बाद में पुलिस अधिकारियों ने दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन शांत हुए और शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हो गए।
आरोपी परिवार का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी और उसका परिवार पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
- मुख्य आरोपी सोनू के खिलाफ वर्ष 2020 में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।
- उसके पिता ब्रह्मपाल के खिलाफ भी दिल्ली में हत्या का मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली है।
- पुलिस अब दोनों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
पुलिस का बयान
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी और एसीपी अंकुर विहार मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस के अनुसार, सोनू, उसके पिता ब्रह्मपाल और पत्नी आशा के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
गाजियाबाद के लोनी में हुआ यह हत्याकांड बताता है कि मामूली विवाद किस तरह कुछ ही पलों में जानलेवा रूप ले सकता है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और अदालत की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

