नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों के लिए लंबे समय से आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लगातार उपवास के कारण उनका स्वास्थ्य चिंता का विषय बन गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनका वजन काफी कम हो चुका है और शरीर में कमजोरी बढ़ रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन को अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी व्यापक समर्थन मिलने लगा है। गुरुवार को समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव उनसे मिलने पहुंचीं और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उनके आंदोलन का समर्थन किया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए इस मामले पर प्रतिक्रिया दी।
डिंपल यादव ने जताया समर्थन
संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले डिंपल यादव जंतर-मंतर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उनकी इस मुलाकात के बाद यह आंदोलन एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
सोनाक्षी सिन्हा ने साझा किया भावुक वीडियो
बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि वह आमतौर पर सामाजिक मुद्दों पर सार्वजनिक बयान नहीं देतीं, लेकिन इस बार वह चुप नहीं रह सकीं।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक कई दिनों से भूखे हैं और यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि देश के बच्चों और शिक्षा व्यवस्था के भविष्य के लिए है। अभिनेत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से समझें और सरकार भी इस पर उचित कदम उठाए।
उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और हजारों लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार को घेरा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी सोनम वांगचुक के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपनी बात मनवाने के लिए 19 दिनों तक भूख हड़ताल करनी पड़े तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए और आंदोलन को समाप्त कराने की दिशा में सकारात्मक पहल की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।
लगातार बिगड़ रही है स्वास्थ्य स्थिति
डॉक्टरों की टीम लगातार सोनम वांगचुक की निगरानी कर रही है। मेडिकल टीम के अनुसार लगातार उपवास के कारण उनका वजन काफी घट चुका है और ब्लड शुगर का स्तर भी प्रभावित हो रहा है।
हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल वह बातचीत करने की स्थिति में हैं, लेकिन यदि अनशन लंबा चला तो स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और बढ़ सकते हैं।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सरकारी चिकित्सकों को नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था ताकि किसी प्रकार की गंभीर स्थिति उत्पन्न न हो।
क्या हैं सोनम वांगचुक की प्रमुख मांगें?
सोनम वांगचुक का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य से जुड़ी है। उनकी प्रमुख मांगों में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करना और संबंधित मामलों में ठोस कार्रवाई करना शामिल है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा।
सोशल मीडिया पर बढ़ रहा समर्थन
सोनम वांगचुक के समर्थन में सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट किए जा रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, छात्रों और आम नागरिकों ने भी उनके आंदोलन का समर्थन किया है।
राजनीतिक दलों के नेताओं और फिल्म जगत की हस्तियों के जुड़ने के बाद यह आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
आने वाले दिनों में संसद सत्र शुरू होने के साथ यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक महत्व प्राप्त कर सकता है।

