गोपेश्वर (चमोली): उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में शुक्रवार को विशेष जांच दल (SIT) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल ऑफिसर राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया। यह इस मामले में एसआईटी की दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है, जिसने मंदिर समिति और प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है।
एसआईटी के अनुसार, राजेंद्र सिंह चौहान से कई घंटों तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उनके बयानों में कथित विरोधाभास सामने आए और जांच टीम को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर उन्हें हिरासत में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
चार घंटे की पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह पूर्व टेंपल ऑफिसर राजेंद्र सिंह चौहान को एसआईटी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। करीब चार घंटे तक चली गहन पूछताछ में जांच अधिकारियों ने उनसे चढ़ावे के प्रबंधन, रिकॉर्ड, वित्तीय प्रक्रियाओं और अन्य संबंधित पहलुओं पर सवाल किए।
बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान उनके जवाबों और उपलब्ध दस्तावेजों में कई विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद एसआईटी ने उन्हें हिरासत में लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर गिरफ्तारी दर्ज कर ली।
हाल ही में हुए थे सेवानिवृत्त
गिरफ्तार किए गए राजेंद्र सिंह चौहान इसी वर्ष 30 जून को बदरी-केदार मंदिर समिति में अपनी सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के कुछ ही दिनों बाद हुई यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे यह संकेत भी मिल रहा है कि जांच एजेंसी पुराने रिकॉर्ड और पूर्व अधिकारियों की भूमिका की भी गंभीरता से जांच कर रही है।
अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई?
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ाया गया है।
इस मामले में एसआईटी पहले ही मंदिर समिति के वैयक्तिक सहायक कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर चुकी है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
इसके अलावा मामले के सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति ने विभागीय कार्रवाई करते हुए मुख्य खजांची संदीप मेहता को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया था।
अब पूर्व टेंपल ऑफिसर की गिरफ्तारी के बाद जांच और अधिक गंभीर चरण में पहुंच गई है।
किन बिंदुओं पर जांच कर रही है एसआईटी?
जांच एजेंसी केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। एसआईटी पूरे वित्तीय रिकॉर्ड, चढ़ावे के लेखा-जोखा, सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि—
- चढ़ावे की राशि और कीमती वस्तुओं का रिकॉर्ड किस प्रकार रखा जाता था।
- कहीं रिकॉर्ड में जानबूझकर गड़बड़ी तो नहीं की गई।
- क्या इस कथित हेराफेरी में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल थे।
- वित्तीय लेन-देन में किसी प्रकार की अनियमितता या मिलीभगत हुई या नहीं।
कुछ और लोगों को भेजे जा सकते हैं नोटिस
एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और किसी भी स्तर पर जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।
गिरफ्तार पूर्व अधिकारी से पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में मंदिर समिति से जुड़े कुछ अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जा सकते हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला
बदरीनाथ धाम देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और भगवान बदरीविशाल को श्रद्धापूर्वक चढ़ावा अर्पित करते हैं।
ऐसे में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच भी चिंता का माहौल है। हालांकि, प्रशासन और जांच एजेंसियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा पूरी पारदर्शिता के साथ जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच पर सभी की नजर
इस हाई-प्रोफाइल मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियां संकेत दे रही हैं कि जांच एजेंसी किसी भी स्तर पर समझौता करने के मूड में नहीं है। अब सभी की नजर एसआईटी की अगली कार्रवाई और संभावित नए खुलासों पर टिकी हुई है।

