नई दिल्ली/लखनऊ। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन देश की राजनीति उस समय और गरमा गई जब समाजवादी पार्टी (सपा) ने दावा किया कि उसकी सांसद डिंपल यादव समेत कई सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पार्टी का आरोप है कि यह कार्रवाई उस समय की गई जब सपा सांसद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च कर रहे थे।
हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से तत्काल आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई। इस बीच राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश के कई शहरों तक विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
सपा का आरोप- लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन, प्रिया सरोज और अन्य सांसद छात्रों के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन किया।
सपा ने कहा कि छात्रों की आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधियों को रोकना लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनके सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर छात्रों पर बल प्रयोग किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के सवालों से बचना चाहती है और उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच बढ़ा तनाव
सोमवार को CJP की ओर से संसद मार्च का आह्वान किया गया था। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़े। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस पहले से ही हाई अलर्ट पर थी।
कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की गई। इसी दौरान कुछ जगहों पर धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।
उत्तर प्रदेश में भी विरोध प्रदर्शन
दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किए।
लखनऊ में विधानसभा की ओर बढ़ रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। विरोध स्वरूप कई कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। बाद में पुलिस ने उन्हें हटाकर बसों और अन्य वाहनों के माध्यम से निर्धारित स्थानों पर भेज दिया।
वाराणसी में भी सपा नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने मार्च निकालने की अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया।
आगरा में कांग्रेस का प्रदर्शन
आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के मुद्दों को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच बहस हुई, हालांकि स्थिति बाद में सामान्य हो गई।
बीएचयू में भी छात्रों का विरोध
वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में भी कुछ छात्रों ने प्रदर्शन किया। परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की।
विपक्ष के निशाने पर सरकार
NEET परीक्षा, पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन भी इन मुद्दों पर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला।
विपक्षी दलों का कहना है कि युवाओं की समस्याओं पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आगे क्या?
फिलहाल CJP के आंदोलन, विपक्ष के विरोध और संसद के भीतर जारी राजनीतिक टकराव के बीच आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गरमा सकता है। सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार और विपक्ष इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाते हैं तथा छात्रों और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन छात्रों के मुद्दों को लेकर देशभर में राजनीतिक हलचल तेज रही। सपा द्वारा डिंपल यादव को हिरासत में लिए जाने का दावा, CJP के प्रदर्शन और उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के विरोध ने पूरे घटनाक्रम को राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बना दिया है। अब आगे सरकार और विपक्ष के रुख पर सभी की नजर बनी रहेगी।

