फ्री फायर की लत ने उजाड़ा घर! मोबाइल छीना तो 15 हजार लेकर भाग गए 3 मासूम, मुंबई पहुंचने का शक

गुजरात: के सूरत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने बच्चों में बढ़ती मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की लत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां ऑनलाइन गेम Garena Free Fire खेलने से रोके जाने पर तीन नाबालिग भाई-बहन घर छोड़कर फरार हो गए। इतना ही नहीं, घर से निकलते समय बच्चे 15 हजार रुपये भी अपने साथ ले गए। पुलिस को आशंका है कि तीनों बच्चे मुंबई जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए हैं।

यह घटना सूरत के एक मजदूर परिवार की है, जहां माता-पिता की एक छोटी सी सख्ती ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया। बच्चों के अचानक गायब होने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

पिता ने मोबाइल से हटाया SIM, बच्चे हो गए नाराज

पुलिस के अनुसार लापता बच्चों में 14 वर्षीय बड़ा भाई, उसका 11 साल का छोटा भाई और 9 साल की बहन शामिल हैं। तीनों बच्चे 19 मई की सुबह घर से गायब हुए। उस समय परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे।

परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि बच्चे अपने पिता के मोबाइल फोन पर घंटों तक फ्री फायर गेम खेलते थे। यह आदत धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई थी कि बच्चे पढ़ाई और बाकी कामों से भी दूर होते जा रहे थे।

बताया जा रहा है कि बच्चों के पिता पिछले महीने अपने पैतृक गांव गए थे और गलती से मोबाइल फोन घर पर छोड़ गए थे। उनकी गैरमौजूदगी में बच्चों ने लगातार उसी फोन पर गेम खेलना शुरू कर दिया। जब पिता वापस लौटे तो बच्चों की मां ने इस आदत को लेकर चिंता जताई।

इसके बाद पिता ने बच्चों को गेम खेलने से रोकने के लिए मोबाइल से SIM कार्ड निकाल लिया और फोन को अलमारी में बंद कर दिया। लेकिन शायद यही फैसला बच्चों को इतना बुरा लगा कि उन्होंने घर छोड़ने का मन बना लिया।

15 हजार रुपये लेकर निकले घर से

पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चे घर से निकलते समय करीब 15 हजार रुपये भी साथ ले गए थे। आशंका जताई जा रही है कि बच्चों ने पहले से कहीं जाने की योजना बनाई थी।

सीसीटीवी फुटेज में तीनों बच्चों को घर से निकलते और रेलवे स्टेशन की ओर जाते देखा गया है। पुलिस को शक है कि बच्चे मुंबई जाने वाली ट्रेन में चढ़ गए होंगे।

मुंबई में तलाश रही पुलिस

मामले की जांच कर रहे पुलिस इंस्पेक्टर एसडी राठौड़ ने बताया कि शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बच्चों के मुंबई जाने की संभावना है। पुलिस की टीमें गुजरात और महाराष्ट्र के कई रेलवे स्टेशनों पर अलर्ट मोड में हैं।

अधिकारियों के अनुसार अब तक की फुटेज में बच्चे सुरक्षित दिखाई दे रहे हैं। पुलिस लगातार रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है।

मोबाइल गेम की लत बन रही बड़ी समस्या

यह घटना सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं बल्कि समाज के सामने उभरती बड़ी चुनौती की तरफ इशारा करती है। मोबाइल गेमिंग और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच ने बच्चों को तेजी से डिजिटल दुनिया का आदी बना दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कई ऑनलाइन गेम बच्चों के दिमाग पर गहरा असर डालते हैं। लगातार घंटों गेम खेलने से बच्चों का व्यवहार चिड़चिड़ा हो सकता है और जब उन्हें रोका जाता है तो वे गुस्से या अवसाद जैसी प्रतिक्रिया देने लगते हैं।

माता-पिता के लिए चेतावनी

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि बच्चों से अचानक मोबाइल या गेम पूरी तरह छीन लेना कई बार उल्टा असर डाल सकता है। बच्चों के साथ संवाद, समय सीमा तय करना और वैकल्पिक गतिविधियों में शामिल करना ज्यादा प्रभावी तरीका हो सकता है।

साथ ही अभिभावकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे ऑनलाइन दुनिया में किस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज

इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग बच्चों की बढ़ती डिजिटल लत को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी भी ऐसे मामलों की वजह बन रही है।

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