नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान NEET परीक्षा विवाद और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों और युवाओं को अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीतिक दल के लिए वोट बैंक या आंदोलन का माध्यम नहीं बनना चाहिए। सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
विपक्ष पर साधा निशाना
राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष के कुछ नेता छात्रों और युवाओं के बीच कृत्रिम आक्रोश पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ लेना है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की भावनाओं को भड़काकर उन्हें सड़कों पर उतारना लोकतंत्र के हित में नहीं है। यदि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा है तो उसे संसद के भीतर उठाना चाहिए।
संसद में चर्चा के लिए सरकार तैयार
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि संसद का मानसून सत्र चल रहा है और सरकार हर महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि सदन की कार्यवाही बाधित करने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करें।
उन्होंने कहा कि संसद ही वह सर्वोच्च मंच है जहां राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्थक बहस होनी चाहिए। सड़क पर आंदोलन करना किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।

छात्रों को राजनीति से दूर रखने की अपील
राजनाथ सिंह ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उन्हें राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषयों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए ताकि सकारात्मक समाधान निकल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
NEET विवाद पर जारी है सियासत
देशभर में NEET परीक्षा को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल रही है। विपक्ष जहां परीक्षा प्रणाली और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि किसी भी गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इसी मुद्दे को लेकर संसद में भी लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है। विपक्ष शिक्षा मंत्री से जवाब और इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि सरकार चर्चा के लिए तैयार होने की बात दोहरा रही है।
लोकतंत्र में संवाद जरूरी
राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है, लेकिन उसका समाधान संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से ही निकलना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह संसद की गरिमा बनाए रखे और देशहित के मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग करे।
उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के सुझावों का स्वागत करती है, लेकिन छात्रों और युवाओं को आंदोलन का चेहरा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश उचित नहीं है।
राजनाथ सिंह के इस बयान के बाद NEET विवाद और छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। एक ओर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार विपक्ष पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगा रही है। अब सभी की नजर संसद की आगामी कार्यवाही और इस मुद्दे पर होने वाली संभावित चर्चा पर टिकी है।

