मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर क्षेत्र में हुए चर्चित भाजपा नेता एवं स्कूल संचालक अतुल कुमार पंवार हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस सनसनीखेज मामले की नई परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस का दावा है कि यह कोई सामान्य सर्पदंश की घटना नहीं थी, बल्कि पूरी तरह से योजनाबद्ध हत्या थी, जिसे बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया गया।
जांच में अब यह सामने आया है कि हत्या के पीछे सिर्फ 20 लाख रुपये का बीमा ही मकसद नहीं था, बल्कि अवैध संबंध, आर्थिक लाभ और पैतृक संपत्ति भी इस खौफनाक साजिश के प्रमुख कारणों में शामिल थे।
कैसे खुली हत्या की साजिश?
घटना के शुरुआती दौर में मामला सांप के काटने से हुई सामान्य मौत जैसा दिखाई दिया था। मृतक अतुल के हाथ और पैर पर सांप के डसने के निशान मिले थे और बिस्तर पर एक सांप भी मौजूद था। लेकिन परिजनों ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई, जिसके बाद पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पुलिस को कई अहम सुराग मिले। इसके बाद पूरा मामला हत्या की साजिश में बदल गया और जांच ने चौंकाने वाले खुलासे किए।
पत्नी और प्रेमी पर रची गई साजिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी दामिनी और स्कूल की बस चलाने वाले तुषार के बीच कथित प्रेम संबंध थे। जांच में सामने आया कि अतुल को इस रिश्ते की जानकारी मिलने लगी थी, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होने लगा था।
इसी के बाद दोनों ने अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि आर्थिक लाभ और आपसी संबंधों को बनाए रखने के लिए हत्या की साजिश तैयार की गई।
पहले नींद की गोलियां, फिर सांप से डसवाया
पुलिस जांच के अनुसार, हत्या से पहले अतुल को खाने या दूध में नींद की गोलियां दी गईं, जिससे वह गहरी नींद में चला गया। इसके बाद कथित रूप से तुषार ने अपने साथियों की मदद से जहरीले सांप से अतुल के हाथ और पैर पर डसवाया।
वारदात के बाद सांप को जानबूझकर कमरे में छोड़ दिया गया ताकि पूरा मामला प्राकृतिक सर्पदंश लगे और किसी को हत्या का शक न हो। सुबह दामिनी ने शोर मचाकर इसे हादसा बताने की कोशिश की।

20 लाख का बीमा और संपत्ति भी बनी वजह
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अतुल के नाम पर लगभग 20 लाख रुपये का बीमा था। इसके अलावा पैतृक संपत्ति को लेकर भी आर्थिक लाभ मिलने की संभावना थी। पुलिस का दावा है कि इन्हीं कारणों ने हत्या की साजिश को और मजबूत किया।
हालांकि जांच एजेंसियां अभी भी इस मामले से जुड़े सभी आर्थिक पहलुओं और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।
चार आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस अब तक इस मामले में दामिनी, तुषार, सोनू और उदय कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हत्या में इस्तेमाल किए गए जहरीले सांप की व्यवस्था करने वाले व्यक्ति और पूरे नेटवर्क की भी तलाश की जा रही है। जांच अभी जारी है और नए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल बंद होने से 150 बच्चों का भविष्य प्रभावित
इस हत्याकांड का असर सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं रहा। अतुल और उनकी पत्नी द्वारा संचालित कृष्णा किड्स प्ले स्कूल घटना के बाद से बंद पड़ा है। यहां पढ़ने वाले करीब 150 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो गई है।
शिक्षा विभाग ने स्कूल की मान्यता की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विद्यालय की वैधता को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के प्रवेश, टीसी और अन्य दस्तावेजों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अभिभावकों ने लगाए गंभीर आरोप
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में फीस के अलावा ड्रेस और किताबों के नाम पर प्रत्येक छात्र से भारी रकम वसूली गई थी। अब स्कूल बंद होने के कारण बच्चों का भविष्य अनिश्चितता में है।
पुलिस क्या कह रही है?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। यदि इस साजिश में कोई और व्यक्ति शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ का अतुल हत्याकांड उत्तर प्रदेश के हालिया सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गया है। पुलिस जांच में लगातार सामने आ रहे खुलासे यह संकेत देते हैं कि यह हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई थी। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है। अंतिम निष्कर्ष न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

