नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका क्रिकेट या फिल्मी करियर नहीं, बल्कि वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस है। दोनों की आध्यात्मिक यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
इसी दौरान देश में CJP के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि विराट और अनुष्का जैसे बड़े सार्वजनिक चेहरे इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं।
वृंदावन पहुंचे विराट और अनुष्का
बुधवार को विराट कोहली और अनुष्का शर्मा वृंदावन स्थित श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन किए। दोनों बेहद सादगीपूर्ण अंदाज में नजर आए। अनुष्का ने सफेद सलवार-सूट पहना था, जबकि विराट साधारण टी-शर्ट और पैंट में दिखाई दिए। दोनों ने फेस मास्क भी लगाया हुआ था और आश्रम परिसर में नंगे पैर चलते हुए देखे गए।
आश्रम से बाहर निकलते समय दोनों के हाथ में प्रसाद भी था। बारिश के कारण कीचड़ भरे रास्तों पर भी दोनों नंगे पैर चलते दिखाई दिए, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
तस्वीरें वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक वर्ग ने उनकी सादगी और आध्यात्मिक जीवनशैली की सराहना की। वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि जब देश में छात्र आंदोलन चल रहा है, तब विराट और अनुष्का को इस मुद्दे पर भी अपनी राय रखनी चाहिए।
कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि दिल्ली से संबंध रखने वाले विराट को छात्रों की आवाज का समर्थन करना चाहिए। कई यूजर्स ने उनसे सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने की मांग की। हालांकि यह प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर व्यक्त व्यक्तिगत विचार हैं।

दूसरी ओर कई लोगों ने किया समर्थन
वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने विराट और अनुष्का का बचाव भी किया। उनका कहना था कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति को हर सामाजिक या राजनीतिक मुद्दे पर बयान देना अनिवार्य नहीं है। कई यूजर्स ने लिखा कि किसी की धार्मिक यात्रा या निजी आस्था को राजनीतिक बहस से जोड़ना उचित नहीं है।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी कहा कि किसी भी सेलिब्रिटी को अपनी इच्छा के अनुसार सार्वजनिक मुद्दों पर बोलने या न बोलने का अधिकार है।
आखिर क्या है छात्र आंदोलन?
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कुछ समय से CJP के नेतृत्व में छात्र आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित परीक्षा पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
हाल के दिनों में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की खबरें भी सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बल प्रयोग के आरोप लगाए, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
सोनम वांगचुक भी जुड़े आंदोलन से
इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए और उन्होंने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की थी। इसके बाद यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा है।
विराट-अनुष्का की आध्यात्मिक यात्राएं पहले भी रही हैं चर्चा में
यह पहली बार नहीं है जब विराट कोहली और अनुष्का शर्मा आध्यात्मिक यात्रा को लेकर चर्चा में आए हों। दोनों इससे पहले भी कई बार विभिन्न धार्मिक स्थलों और संतों के दर्शन करते हुए दिखाई दे चुके हैं। आईपीएल 2026 में आरसीबी की खिताबी जीत के बाद भी दोनों प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद लेने वृंदावन पहुंचे थे।
सोशल मीडिया की बहस लगातार जारी
फिलहाल विराट और अनुष्का ने इस पूरे विवाद या सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना को लेकर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर भी देशभर में चर्चा जारी है। सोशल मीडिया पर दोनों के समर्थन और विरोध में लगातार पोस्ट साझा किए जा रहे हैं।

