लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ बुधवार को कांग्रेस के बड़े प्रदर्शन का केंद्र बन गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में लाठी लेकर पार्टी कार्यालय से मुख्यमंत्री आवास 5-कालिदास मार्ग की ओर मार्च के लिए निकले। पुलिस ने पहले से सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए कई स्थानों पर चार-स्तरीय बैरिकेडिंग लगाई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पहली बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की और आगे बढ़ गए।
इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। बाद में पुलिस ने अजय राय सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
क्यों हुआ प्रदर्शन?
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब एक दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद भाजपा ने लखनऊ स्थित कांग्रेस कार्यालय के घेराव की घोषणा की थी।
इसी के जवाब में कांग्रेस ने प्रदेश कार्यालय में रणनीतिक बैठक कर छात्रों के समर्थन और सरकार के विरोध में प्रदर्शन का निर्णय लिया।
लाठी लेकर पहुंचे कार्यकर्ता
बुधवार दोपहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पहुंचे। कई कार्यकर्ताओं के हाथों में लाठियां थीं और वे छात्रों के समर्थन में नारे लगा रहे थे। कुछ प्रदर्शनकारी ऐसे पोस्टर भी लेकर पहुंचे जिन पर लिखा था—“आओ छात्रों के अधिकारों पर बात करते हैं।”
जैसे ही जुलूस आगे बढ़ा, पुलिस ने पहले से लगाई गई बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें रोकने की कोशिश की।
पहली बैरिकेडिंग तोड़ी, आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों ने पार्टी कार्यालय के बाहर लगी पहली बैरिकेडिंग हटाकर लगभग 100 मीटर तक आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद दूसरी और तीसरी बैरिकेडिंग पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
स्थिति उस समय अधिक तनावपूर्ण हो गई जब कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़कर पार्टी का झंडा लहराने लगे। पुलिस ने उन्हें नीचे उतारने का प्रयास किया, जिससे धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
दीपक सिंह और पुलिस के बीच नोकझोंक
प्रदर्शन के दौरान पूर्व एमएलसी दीपक सिंह बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें नीचे उतारने की कोशिश की, जिसके दौरान धक्का-मुक्की हुई। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर वाहन से ईको गार्डन भेज दिया।
घटना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच लगातार नारेबाजी और बहस होती रही।

धरने पर बैठे अजय राय
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय बैरिकेडिंग के सामने सड़क पर बैठ गए और वहीं धरना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन अनावश्यक बल प्रयोग कर रहा है।
कुछ समय बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में लिया और अन्य नेताओं के साथ वाहन में बैठाकर ईको गार्डन भेज दिया।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हिरासत में
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया। कुछ ही देर में अधिकांश कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस बसों और अन्य वाहनों में बैठाकर ईको गार्डन भेज दिया गया।
प्रशासन का कहना था कि प्रदर्शन के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी, इसलिए एहतियात के तौर पर कार्रवाई की गई।
आसपास के लोगों ने बनाया वीडियो
प्रदर्शन के दौरान आसपास की इमारतों और मकानों की बालकनियों में लोग जमा हो गए। कई लोगों ने पूरे घटनाक्रम के वीडियो अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन के बाद प्रदेश की राजनीति और गर्म हो गई है। कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दे और सरकार की नीतियों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता बताते हुए कार्रवाई को उचित ठहराया।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
लखनऊ में कांग्रेस का प्रदर्शन पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच टकराव के कारण चर्चा का विषय बन गया। बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, धरना, धक्का-मुक्की और नेताओं की हिरासत ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। अब इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और आगे की रणनीति पर सबकी नजर बनी हुई है।

