नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच हिंसा की घटनाओं के बाद दिल्ली पुलिस ने अब सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पुलिसकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में चिन्हित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनके पासपोर्ट रद्द कराने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश या अंतिम निर्णय जारी नहीं किया गया है। फिलहाल पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान, साक्ष्य जुटाने और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जुटी हुई है।
जंतर-मंतर पर क्या हुआ?
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर CJP के नेतृत्व में पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। अधिकांश दिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन हाल के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।
पुलिस का आरोप है कि भीड़ के एक हिस्से ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया, डंडों और अन्य वस्तुओं से हमला किया तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग किया। घटनाओं की जांच जारी है।
इंस्पेक्टर नंद किशोर का दावा
ड्यूटी पर जा रहे दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उन पर भीड़ ने हमला किया। उनके अनुसार, मौके पर हजारों लोग मौजूद थे और उन पर लाठियों, डंडों, पत्थरों तथा अन्य वस्तुओं से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि वे किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे।
पुलिस के अनुसार, इस झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और कई वाहनों व सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।
पासपोर्ट रद्द करने पर क्यों हो रहा विचार?
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि जांच में यह स्पष्ट होता है कि कुछ लोग हिंसक गतिविधियों, सरकारी कर्मचारियों पर हमले या गंभीर आपराधिक मामलों में सीधे शामिल थे, तो उनके खिलाफ उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में पासपोर्ट रद्द कराने का विकल्प भी कानूनी स्तर पर परखा जा रहा है।
हालांकि, पासपोर्ट रद्द करने का अधिकार निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित प्राधिकरण द्वारा लागू नियमों के अनुसार ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए यह प्रक्रिया जांच और कानून के अनुरूप ही आगे बढ़ेगी।

जांच में जुटी दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन वीडियो, मोबाइल रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
पुलिस का यह भी कहना है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी और केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
आंदोलन अब भी जारी
इन घटनाओं के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। छात्र संगठन और CJP के कार्यकर्ता अब भी अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और जवाबदेही तय करना शामिल है।
इस बीच सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की संभावना भी बनी हुई है, हालांकि बैठक के स्थान और स्वरूप को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद अभी भी बरकरार हैं।
कानून-व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
दिल्ली पुलिस और प्रशासन का कहना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रख रही हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बातचीत आगे बढ़ती है तो तनाव कम हो सकता है, लेकिन हिंसा की किसी भी घटना पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिंसा में शामिल आरोपितों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पासपोर्ट रद्द करने की संभावना पर विचार किए जाने की खबरों के बीच यह स्पष्ट है कि फिलहाल कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं हुआ है। जांच जारी है और आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

