गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर को बड़ी सौगात देते हुए शहर के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने करीब 995 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की चर्चा के साथ-साथ भाजपा सांसद रवि किशन पर हल्के-फुल्के अंदाज में कई चुटीली टिप्पणियां भी कीं, जिससे समारोह का माहौल खुशनुमा हो गया।
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री फ्लाईओवर पर कुछ दूरी तक पैदल चले और शिलापट्ट के पास अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। अपने संबोधन में उन्होंने शहर के बदलते स्वरूप, बेहतर आधारभूत ढांचे और स्वच्छता अभियान पर विशेष जोर दिया।
मंच से रवि किशन पर ली चुटकी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल की बारिश का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा सांसद रवि किशन को बारिश के पानी में उतरकर अपने हाथों से नाली साफ करते देखा था। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्होंने रवि किशन से कहा था कि यदि नालों और नालियों पर हुए अतिक्रमण को हटवा दिया जाए तो पानी अपने आप निकल जाएगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने रवि किशन द्वारा आयोजित भोज का भी जिक्र किया। उन्होंने मंच से मौजूद लोगों से पूछा कि भोज में कितने लोग शामिल हुए थे। कुछ लोगों ने हाथ उठाए तो मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि दोनों हाथ मत उठाइए, नहीं तो गिनती बढ़ जाएगी। इस पर पूरे पंडाल में ठहाके गूंज उठे। पीछे बैठे रवि किशन ने भी मुस्कुराते हुए कहा कि पूरे क्षेत्र के लोगों को भोजन कराया गया था।

विकास के साथ स्वच्छता और जल संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि भारत के पास पर्याप्त जल संसाधन हैं, लेकिन उनका संरक्षण और सही उपयोग करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वर्षा जल संरक्षण को अपनाएं, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई रखें तथा नालियों में कूड़ा न डालें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नालों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण से जल निकासी बाधित होती है, जिससे जलभराव, मच्छरों का प्रकोप और कई तरह की बीमारियां फैलती हैं।
उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने और खाली स्थानों पर अधिक से अधिक पेड़ लगाने की भी अपील की।
गोरखपुर के विकास मॉडल की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में गोरखपुर में आधारभूत ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। बेहतर सड़क नेटवर्क, फ्लाईओवर, एयर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के कारण शहर की पहचान बदल रही है।
उन्होंने कहा कि पहले गोरखपुर की पहचान जाम, मच्छरों और अव्यवस्था से होती थी, लेकिन अब यहां आधुनिक सड़कें, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और निवेश का माहौल तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में निवेश बढ़ने से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं।
रोजगार और पारदर्शी भर्ती का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि अब सरकारी नौकरियों में बिना किसी भेदभाव के चयन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में लाखों युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार मिला है।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और उद्योगों के विस्तार के साथ नए रोजगार अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पहले कानून-व्यवस्था, विकास और निवेश का माहौल कमजोर था, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों के संरक्षण, सड़क निर्माण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और औद्योगिक निवेश जैसे क्षेत्रों में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
शहर को मिलेगा ट्रैफिक जाम से राहत
नवनिर्मित छह लेन फ्लाईओवर से गोरखपुर के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे रुस्तमपुर, आजाद चौक और ट्रांसपोर्ट नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम होगा और लोगों का सफर पहले की तुलना में अधिक सुगम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक आधारभूत ढांचा किसी भी शहर की आर्थिक प्रगति का आधार होता है और गोरखपुर में इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
गोरखपुर के पहले छह लेन फ्लाईओवर का लोकार्पण केवल एक नई सड़क परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के तेजी से बदलते विकास मॉडल का प्रतीक भी माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास, स्वच्छता, जल संरक्षण और रोजगार जैसे मुद्दों पर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया, वहीं सांसद रवि किशन के साथ हल्के-फुल्के संवाद ने पूरे आयोजन को चर्चा का विषय बना दिया।

