Close Menu
Newsofindia TvNewsofindia Tv

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    Operation Sindoor के बाद पहली बार भारत ने पाकिस्तान को भेजा न्योता, क्या दिल्ली आएंगे पाकिस्तानी मंत्री? जानें SCO फोरम की पूरी कहानी

    October 28, 2026

    Israel Election Results 2026: नेतन्याहू की सत्ता बचेगी या विपक्ष मारेगा बाजी? एग्जिट पोल ने बढ़ाई सियासी हलचल

    October 28, 2026

    Karnataka MLC Election Results: बैलेट पेपर पर भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ! JDS ने राहुल गांधी पर कसा तंज, BJP गठबंधन की बड़ी जीत

    October 28, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»देश»धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी घमासान, विपक्ष बोला- छात्रों के संघर्ष के आगे झुकी सरकार
    देश

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी घमासान, विपक्ष बोला- छात्रों के संघर्ष के आगे झुकी सरकार

    Chandra JyotiBy Chandra JyotiJuly 25, 2026No Comments5 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा देकर देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था में चल रहे विवाद को नया मोड़ दे दिया। NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को लेकर पिछले कई दिनों से छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा था। इसी बीच सरकार द्वारा NTA के 47 अधिकारियों को हटाए जाने के एक दिन बाद धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया।

    उनके इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला और इसे छात्रों के संघर्ष की बड़ी जीत बताया। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) समेत कई विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि सरकार आखिरकार छात्रों के दबाव के आगे झुकने को मजबूर हुई है।

    मल्लिकार्जुन खरगे बोले- “यह छात्रों की जीत और मोदी की जिद की हार”

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देशभर के लाखों छात्रों की आवाज आखिरकार सत्ता के दरवाजे तक पहुंच गई। उन्होंने इसे लोकतंत्र, सच्चाई और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया।

    खरगे ने आरोप लगाया कि यदि सरकार समय रहते उचित कार्रवाई करती तो छात्रों को लंबे समय तक सड़कों पर आंदोलन नहीं करना पड़ता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से युवाओं से सार्वजनिक माफी मांगने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।

    अरविंद केजरीवाल ने कहा- लोकतंत्र की बड़ी जीत

    आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का स्वागत किया।

    उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं बल्कि लोकतंत्र की जीत है। केजरीवाल ने कहा कि देश के युवाओं और विशेष रूप से Gen-Z ने जिस धैर्य और एकजुटता के साथ अपनी आवाज बुलंद की, उसी का परिणाम है कि सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा।

    टीएमसी ने कहा- भाजपा काफी समय से बचाने की कोशिश कर रही थी

    तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को काफी पहले इस्तीफा दे देना चाहिए था।

    उनके अनुसार भाजपा लगातार उन्हें बचाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन छात्रों और जनता के दबाव के कारण आखिरकार सरकार को यह फैसला लेना पड़ा। उन्होंने इसे पूरे देश की जीत बताया।

    अधीर रंजन चौधरी ने उठाए सरकार पर सवाल

    कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय अपनी इच्छा से नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दबाव के चलते लिया है।

    उन्होंने कहा कि यदि यह कदम पहले उठाया गया होता तो प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य विवादित घटनाओं से बचा जा सकता था। अधीर रंजन ने छात्रों के संघर्ष और विपक्ष की भूमिका की भी सराहना की।

    कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से मांगी सार्वजनिक माफी

    कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से कहा कि यह इस्तीफा करोड़ों युवाओं के संघर्ष की जीत है।

    पार्टी ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे छात्रों की आवाज को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करने की मांग दोहराई।

    36 दिनों तक चला छात्र आंदोलन

    NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर के छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से छात्र धरने पर बैठे थे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।

    सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन लंबे समय तक कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया।

    इस्तीफे से पहले सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला लिया।

    इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों का भी तबादला किया गया और उनकी जगह नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई। सरकार ने इसे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम बताया।

    इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने त्यागपत्र और सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से दुखी किया है।

    उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि देश के युवाओं का भविष्य किसी भी प्रकार के विवाद या कानूनी उलझनों में फंसे। इसी नैतिक जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।

    उन्होंने यह भी कहा कि देश के छात्रों का भविष्य सर्वोपरि है और शिक्षा व्यवस्था में जनता का विश्वास कायम रहना चाहिए।

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। एक ओर विपक्ष इसे छात्रों के लंबे संघर्ष और लोकतांत्रिक दबाव की जीत बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में सरकार छात्रों की चिंताओं का समाधान किस प्रकार करती है और शिक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाते हैं।

    AAP NEET UG NTA अरविंद केजरीवाल इस्तीफा कांग्रेस छात्र आंदोलन टीएमसी धर्मेंद्र प्रधान नरेंद्र मोदी पेपर लीक भारत राजनीति मल्लिकार्जुन खरगे शिक्षा मंत्रालय शिक्षा मंत्री
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    Chandra Jyoti
    Chandra Jyoti
    • Website

    Related Posts

    Operation Sindoor के बाद पहली बार भारत ने पाकिस्तान को भेजा न्योता, क्या दिल्ली आएंगे पाकिस्तानी मंत्री? जानें SCO फोरम की पूरी कहानी

    October 28, 2026

    Israel Election Results 2026: नेतन्याहू की सत्ता बचेगी या विपक्ष मारेगा बाजी? एग्जिट पोल ने बढ़ाई सियासी हलचल

    October 28, 2026

    Karnataka MLC Election Results: बैलेट पेपर पर भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ! JDS ने राहुल गांधी पर कसा तंज, BJP गठबंधन की बड़ी जीत

    October 28, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisements
    • News of India Tv
    • Newsofindia TV
    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    आज का मौसम
    Widget weather
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    राशिफल
    Top Posts

    राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम 2026: गांवों में किसने जीता सरपंच का चुनाव? 16 जिलों में मतगणना के बाद सामने आने लगे नतीजे

    October 25, 20266,412 Views

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,567 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views
    About Us

    Newsofindia TV

    News of India TV is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    Operation Sindoor के बाद पहली बार भारत ने पाकिस्तान को भेजा न्योता, क्या दिल्ली आएंगे पाकिस्तानी मंत्री? जानें SCO फोरम की पूरी कहानी

    By Rajat KumarOctober 28, 2026

    नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में जारी तनाव…

    Also Read

    Operation Sindoor के बाद पहली बार भारत ने पाकिस्तान को भेजा न्योता, क्या दिल्ली आएंगे पाकिस्तानी मंत्री? जानें SCO फोरम की पूरी कहानी

    October 28, 2026

    Israel Election Results 2026: नेतन्याहू की सत्ता बचेगी या विपक्ष मारेगा बाजी? एग्जिट पोल ने बढ़ाई सियासी हलचल

    October 28, 2026

    Karnataka MLC Election Results: बैलेट पेपर पर भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ! JDS ने राहुल गांधी पर कसा तंज, BJP गठबंधन की बड़ी जीत

    October 28, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.