लखनऊ/प्रयागराज/वाराणसी: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में छात्रों ने खुशी जताई। प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी और अन्य स्थानों पर छात्रों ने मिठाइयां बांटी, नारे लगाए और इसे अपने लंबे आंदोलन की सफलता बताया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने विरोध में इस्तेमाल किए गए पोस्टर और बैनर भी हटा दिए।
इस्तीफे की खबर दोपहर बाद फैलते ही माहौल बदल गया। जहां सुबह तक विरोध प्रदर्शन चल रहे थे, वहीं बाद में कई जगहों पर छात्रों ने जश्न मनाया। हालांकि, दिन के शुरुआती हिस्से में कुछ स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान अव्यवस्था और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी सामने आईं।
प्रयागराज में बारिश के बीच प्रदर्शन, बाद में जश्न
प्रयागराज में सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रदर्शन के लिए जुटे। बारिश के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा। कई छात्र संविधान की प्रति लेकर पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर नारे लगाए।
बारिश से बचने के लिए कुछ प्रदर्शनकारी तिरपाल का सहारा लेते दिखाई दिए, जबकि कुछ खुले आसमान के नीचे नारेबाजी करते रहे। बाद में जैसे ही इस्तीफे की खबर आई, कई छात्रों ने खुशी जाहिर की। कुछ छात्र ऊंचे स्थानों और पोल पर चढ़कर तिरंगा लहराते नजर आए।
छात्राओं ने इसे युवाओं की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि लंबे समय से उठाई जा रही मांग पर आखिरकार फैसला आया है।
लखनऊ के इको गार्डन में जश्न
लखनऊ के इको गार्डन में बड़ी संख्या में युवा पहले से प्रदर्शन के लिए एकत्र थे। यहां विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों के समर्थक मौजूद थे।
इस्तीफे की खबर मिलते ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई और टॉफियां खिलाईं। कई प्रदर्शनकारियों ने अपने साथ लाए विरोध संबंधी पोस्टर और बैनर हटाकर खुशी व्यक्त की।
कुछ युवाओं ने कहा कि यह उनके लिए बेहद भावुक क्षण है और लंबे समय तक चले आंदोलन का परिणाम है।

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने बांटी मिठाइयां
लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में भी छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। छात्रों ने नारे लगाए और कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
कई छात्रों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का परिणाम बताया और भविष्य में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई।
वाराणसी में अबीर-गुलाल और टॉफियों के साथ खुशी
वाराणसी में हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज के सामने छात्रों ने अबीर-गुलाल लगाकर जश्न मनाया। कई छात्र एक-दूसरे को मेलोडी टॉफियां खिलाते दिखाई दिए।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग का प्रतीक है।
सुबह कई शहरों में हुए प्रदर्शन
इस्तीफे की खबर आने से पहले प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर और मेरठ सहित कई शहरों में छात्र प्रदर्शन हुए।
प्रयागराज में भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, ताली और थाली बजाकर विरोध दर्ज कराया गया।
कुछ स्थानों पर भीड़ के उग्र होने और वाहनों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आईं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए विभिन्न जिलों में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रमुख प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखता रहा।
अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की अपील की।
आगे क्या?
इस्तीफे के बाद भी कई छात्र संगठनों ने संकेत दिया कि उनकी मांगें केवल नेतृत्व परिवर्तन तक सीमित नहीं हैं। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की ओर से भी आने वाले दिनों में आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना है।

