अमरोहा (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक युवक द्वारा तीन महिलाओं से विवाह किए जाने का वायरल मामला अब नए कानूनी और सामाजिक विवाद में बदल गया है। पहले सोशल मीडिया पर अनोखी शादी का वीडियो चर्चा में था, लेकिन अब बाल कल्याण समिति (CWC) की कार्रवाई के बाद यह मामला गंभीर जांच के दायरे में आ गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मामले में शामिल सबसे छोटी दुल्हन की उम्र करीब 15 वर्ष बताए जाने का दावा सामने आया है। इसी आधार पर बाल कल्याण समिति ने पुलिस से निर्धारित समय सीमा के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी आधिकारिक जांच पूरी नहीं हुई है और उम्र की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
बाल कल्याण समिति ने मांगी रिपोर्ट
मामला सामने आने के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) ने स्थानीय पुलिस से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। समिति यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाह के समय संबंधित युवती की वास्तविक आयु क्या थी और क्या बाल विवाह निषेध कानून का उल्लंघन हुआ है।
यदि जांच में किसी नाबालिग की शादी की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
तीनों महिलाओं का वीडियो सामने आया
जांच की खबर सामने आने के बाद तीनों महिलाओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वीडियो में वे कथित तौर पर कहती हैं कि यदि उनके परिवार के खिलाफ कार्रवाई की गई तो वे और उनके पति आत्महत्या कर लेंगे।
वीडियो में यह भी कहा गया कि यदि वे शिकायतें दर्ज कराना शुरू करें तो गांव के कई अन्य परिवार भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि गांव में पहले भी कम उम्र में कई शादियां हुई हैं।
हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन इन बयानों की भी जांच कर रहे हैं।

वायरल शादी पहले ही बन चुकी थी चर्चा का विषय
कुछ दिन पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक तीन महिलाओं के साथ विवाह समारोह में दिखाई दे रहा था। वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे पारिवारिक सहमति का मामला बताया, जबकि कई लोगों ने इसकी वैधानिकता और सामाजिक पहलुओं पर सवाल उठाए।
अब जांच के केंद्र में उम्र और कानूनी प्रक्रिया
फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वास्तव में विवाह में शामिल एक युवती नाबालिग थी। यदि ऐसा पाया जाता है, तो यह मामला केवल सामाजिक विवाद नहीं बल्कि कानूनी कार्रवाई का विषय भी बन सकता है।
पुलिस उम्र से जुड़े दस्तावेज, स्थानीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल आयु परीक्षण सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी अपनाई जा सकती हैं।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर भरोसा न करें। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और उसी आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों की भी सत्यता की जांच की जा रही है।
बाल विवाह कानून क्या कहता है?
भारत में बाल विवाह कानून के तहत निर्धारित न्यूनतम आयु से कम उम्र के लड़के या लड़की का विवाह कराना दंडनीय अपराध है। यदि जांच में किसी नाबालिग की शादी की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में प्रशासन का पहला उद्देश्य संबंधित बच्चे की सुरक्षा और उसके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना होता है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस और बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो, उम्र संबंधी दावे और अन्य आरोप कितने सही हैं।
तब तक प्रशासन ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दी है।
अमरोहा की वायरल ‘तीन दुल्हनों’ की शादी का मामला अब गंभीर कानूनी जांच का विषय बन गया है। एक दुल्हन के नाबालिग होने के दावे और उसके बाद सामने आए वीडियो ने इस प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल पुलिस और बाल कल्याण समिति पूरे मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

