आगरा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं, युवाओं के दिग्भ्रमित होने और शिक्षा व्यवस्था की भूमिका पर विस्तार से अपनी बात रखी। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक समारोह में शिक्षकों और शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की तेज़ी से बढ़ती प्रगति से कुछ विदेशी ताकतें असहज हैं और वे आधुनिक तकनीक तथा विदेशी फंडिंग के माध्यम से समाज में भ्रम, विद्वेष और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षण संस्थानों और शिक्षकों से अपील की कि वे युवाओं के लिए “ढाल” बनें और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों से बचाते हुए राष्ट्रहित की दिशा में प्रेरित करें।
युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया डिजिटल भ्रम
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में युवा अपनी जानकारी का प्रमुख स्रोत स्मार्टफोन, यूट्यूब और सोशल मीडिया को बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि कई बार बिना सत्यापन के प्रसारित होने वाली सामग्री को युवा सच मान लेते हैं, जिससे समाज में भ्रम और अराजकता का माहौल बन सकता है।
उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को तथ्य और अफवाह के बीच अंतर समझाएं तथा उन्हें आलोचनात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटरनेट पर उपलब्ध हर जानकारी प्रमाणिक नहीं होती, इसलिए विद्यार्थियों को पुस्तकालयों, शोध सामग्री और संदर्भ ग्रंथों से जुड़ने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है।
विदेशी ताकतों पर लगाया समाज को भटकाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत जब भी विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ता है, तब कुछ विदेशी शक्तियां इसे अस्थिर करने की कोशिश करती हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विदेशी वित्तीय सहायता का दुरुपयोग करके समाज में अफवाहें फैलाई जाती हैं। ऐसी गतिविधियों का उद्देश्य समाज में विभाजन पैदा करना और युवाओं को भ्रमित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
AI और नई तकनीकों को अपनाने की अपील
सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों का उल्लेख करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी ने तकनीक के सकारात्मक उपयोग पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और 3D प्रिंटिंग भविष्य की जरूरत हैं और भारत को इन क्षेत्रों में अग्रणी बनना होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग शुरू की है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से भी आग्रह किया कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप नए पाठ्यक्रम और डुअल डिग्री कार्यक्रमों को तेजी से लागू करें।
‘कक्षाएं रोचक बनाएं, छात्र खुद आएंगे’
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि शिक्षा का स्तर केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षक अपनी कक्षाओं को अधिक रोचक, संवादात्मक और व्यावहारिक बनाएं ताकि छात्र पढ़ाई में रुचि लें और कक्षा छोड़ने की प्रवृत्ति कम हो।
उनका कहना था कि आधुनिक शिक्षण पद्धति अपनाकर ही छात्रों को नई तकनीक और नवाचार के प्रति आकर्षित किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाले संस्थान न बनें
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए तक्षशिला विश्वविद्यालय और प्रसिद्ध वैद्य जीवक का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु केवल ज्ञान देने वाला नहीं बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने वाला मार्गदर्शक होता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों से अपील की कि वे केवल डिग्री वितरित करने वाले संस्थान न बनें, बल्कि शोध, नवाचार, स्टार्टअप, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्र निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित हों।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
आगरा के शिवाजी मंडपम सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति आशु रानी, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी, सांसद राजकुमार चाहर सहित अनेक शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और विश्वविद्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षकों और शिक्षा संस्थानों से युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
आगरा में दिए गए अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी और शिक्षकों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने आधुनिक तकनीकों जैसे AI, रोबोटिक्स और डिजिटल शिक्षा को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को शोध, नवाचार और चरित्र निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को सही जानकारी, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रहित की भावना के साथ आगे बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

