नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से पहले राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और उसकी विशेष दंगा नियंत्रण इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कुल 83 कंपनियां दिल्ली में तैनात रहेंगी। इनका मुख्य उद्देश्य राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, संवेदनशील इलाकों की निगरानी करना और किसी भी अप्रिय घटना से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय में काम करने वाली इन कंपनियों में महिला कंपनियां भी शामिल हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर महिला प्रदर्शनकारियों और संवेदनशील परिस्थितियों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
पहले से मौजूद थीं 50 कंपनियां
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में पहले से ही सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लगभग 50 कंपनियां तैनात थीं। अब सुरक्षा समीक्षा के बाद 33 अतिरिक्त कंपनियां राजधानी भेजी गई हैं। इस तरह कुल संख्या बढ़कर 83 कंपनियां हो गई है।
इन सभी कंपनियों को राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में रणनीतिक रूप से तैनात किया जाएगा। इनका विशेष फोकस भीड़भाड़ वाले इलाकों, सरकारी प्रतिष्ठानों, संवेदनशील स्थानों और प्रमुख आयोजनों पर रहेगा।
हालिया प्रदर्शनों के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
हाल के दिनों में दिल्ली में विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए गए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की मांग की थी।
इसके बाद गृह मंत्रालय ने पहले 45 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी थी। इनमें सीआरपीएफ, आरएएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की कंपनियां शामिल थीं। इनका कार्यकाल पहले 27 जुलाई तक निर्धारित किया गया था।

अब सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया
सुरक्षा एजेंसियों की ताजा समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया कि स्वतंत्रता दिवस तक अतिरिक्त केंद्रीय बल दिल्ली में मौजूद रहेंगे। इसी क्रम में सीआरपीएफ और आरएएफ की नई कंपनियां राजधानी भेजी गई हैं।
बताया गया है कि हिंडन एयरबेस पर सीआरपीएफ और आरएएफ की कई अतिरिक्त कंपनियां पहुंच चुकी हैं। इन्हें राजधानी के विभिन्न हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से तैनात किया जा रहा है।
अत्याधुनिक दंगा रोधी उपकरणों से लैस जवान
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, तैनात सभी कंपनियों को आधुनिक दंगा रोधी उपकरण, सुरक्षा गियर, ऑपरेशनल हथियार और आवश्यक गोला-बारूद के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जरूरत पड़ने पर ये कंपनियां दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाएंगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगी।
महिला कंपनियां भी रहेंगी सक्रिय
इस बार सुरक्षा व्यवस्था में तीन महिला कंपनियों को भी शामिल किया गया है। इनकी तैनाती विशेष रूप से उन स्थानों पर की जाएगी, जहां महिला प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी की संभावना अधिक रहती है या जहां महिला सुरक्षा से जुड़े विशेष इंतजाम आवश्यक हैं।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर बढ़ी सतर्कता
हर वर्ष 15 अगस्त से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया जाता है। लाल किला, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, एयरपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियां विशेष निगरानी रखती हैं।
इस बार भी स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए पुलिस, खुफिया एजेंसियां और केंद्रीय अर्धसैनिक बल संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और अतिरिक्त गश्त जैसे उपाय भी किए जा रहे हैं।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अफवाह, हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां सभी संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी बनाए रखेंगी।
स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। सीआरपीएफ और आरएएफ की कुल 83 कंपनियों की तैनाती इस बात का संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें।

